महिला ऑफिसर रोई, मोबाइल छीनने का वीडियो:खिलचीपुर अस्पताल में BMO-नर्सिंग ऑफिसर में विवाद; मारपीट के लगाए आरोप

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर सिविल अस्पताल में रविवार को ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. हिमांशु मीणा और एनआरसी में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर माधुरी धोटे के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया। इस दौरान अस्पताल गेट पर नर्सिंग ऑफिसर फूट-फूटकर रोती नजर आईं, जिसका वीडियो भी सामने आया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान बीएमओ द्वारा नर्सिंग ऑफिसर का मोबाइल छीनने की कोशिश का वीडियो भी सामने आया है। घटना के बाद मामला बढ़ गया और दोनों पक्ष शिकायत लेकर खिलचीपुर थाने पहुंच गए। थाने में भी दोनों के बीच कहासुनी हुई। थाने में भी लगे आरोप-प्रत्यारोप थाने में मौजूद मीडिया से बात करते हुए नर्सिंग ऑफिसर माधुरी धोटे ने बीएमओ की ओर इशारा करते हुए कहा, “इन लोगों ने मुझे मारा है, आप कैमरे से इनका वीडियो बनाइए।” वहीं BMO डॉ. हिमांशु मीणा ने बताया कि अस्पताल स्टाफ की ओर से सामूहिक शिकायत दी गई है। उनका आरोप है कि माधुरी ने महिला स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। थाने के बाहर रो पड़ीं नर्सिंग ऑफिसर थाने के बाहर बैठी माधुरी धोटे भावुक हो गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्होंने फोन पर अपने परिचित को कॉल कर कहा, “भैया, मेरी जान को खतरा है।” माधुरी धोटे (29) बैतूल जिले की रहने वाली हैं और करीब छह महीने से खिलचीपुर सिविल अस्पताल के एनआरसी में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। नर्सिंग ऑफिसर ने लगाए ये आरोप माधुरी धोटे का कहना है कि वह नियमित रूप से ड्यूटी करती हैं, लेकिन फरवरी महीने की अटेंडेंस शून्य भेज दी गई, जिसके कारण मार्च में मिलने वाला वेतन नहीं मिला। उनके मुताबिक रविवार सुबह जब वह अस्पताल पहुंचीं तो डॉक्टर मौजूद नहीं थे और सफाई का काम चल रहा था। वह इसका वीडियो बना रही थीं, तभी स्टाफ ने उन्हें रोक दिया। माधुरी ने आरोप लगाया कि स्टाफ उनसे उलझ गया और बीएमओ को बुला लिया। उनके आने के बाद कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की, मोबाइल छीन लिया और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में कई अनियमितताएं हो रही हैं। आरोप लगाए कि डॉक्टर समय पर नहीं आते, गरीब महिलाओं से डिलीवरी के लिए पैसे लिए जाते हैं, एनआरसी में बच्चों की संख्या रिकॉर्ड में ज्यादा दिखाई जाती है, कई कर्मचारी बिना ड्रेस के ड्यूटी करते हैं आदि हैं। माधुरी का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से अपनी सही अटेंडेंस दर्ज कराने की मांग कर रही थीं। जब उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं के वीडियो बनाने शुरू किए तो उन्हें पागल बताने की कोशिश की जा रही है। BMO ने आरोपों को बताया निराधार वहीं BMO डॉ. हिमांशु मीणा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग ऑफिसर माधुरी अक्सर लंबी छुट्टियों पर रहती हैं। डॉ. मीणा के अनुसार अब सार्थक अटेंडेंस सिस्टम लागू है और फरवरी में उनकी अटेंडेंस शून्य दर्ज थी, इसलिए उन्हें वेतन नहीं मिला। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह माधुरी अस्पताल आईं, लेकिन ड्यूटी करने के बजाय कर्मचारियों के वीडियो बनाने लगीं, जिससे काम प्रभावित हुआ। डॉ. मीणा का कहना है कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो माधुरी ने उनके साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। बीच-बचाव करने आईं नर्स माया मेवाड़े और प्रियल नामदेव के साथ भी उन्होंने हाथापाई की। बीएमओ के मुताबिक विवाद के दौरान माधुरी ने उनका अंगूठा मोड़ दिया और नाखून से चोट पहुंचाई। इसके बाद उन्होंने थाना प्रभारी और सीएमएचओ को फोन पर सूचना दी और अस्पताल स्टाफ के हस्ताक्षर के साथ लिखित शिकायत थाने में दी। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महिला ऑफिसर रोई, मोबाइल छीनने का वीडियो:खिलचीपुर अस्पताल में BMO-नर्सिंग ऑफिसर में विवाद; मारपीट के लगाए आरोप
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर सिविल अस्पताल में रविवार को ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. हिमांशु मीणा और एनआरसी में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर माधुरी धोटे के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया। इस दौरान अस्पताल गेट पर नर्सिंग ऑफिसर फूट-फूटकर रोती नजर आईं, जिसका वीडियो भी सामने आया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान बीएमओ द्वारा नर्सिंग ऑफिसर का मोबाइल छीनने की कोशिश का वीडियो भी सामने आया है। घटना के बाद मामला बढ़ गया और दोनों पक्ष शिकायत लेकर खिलचीपुर थाने पहुंच गए। थाने में भी दोनों के बीच कहासुनी हुई। थाने में भी लगे आरोप-प्रत्यारोप थाने में मौजूद मीडिया से बात करते हुए नर्सिंग ऑफिसर माधुरी धोटे ने बीएमओ की ओर इशारा करते हुए कहा, “इन लोगों ने मुझे मारा है, आप कैमरे से इनका वीडियो बनाइए।” वहीं BMO डॉ. हिमांशु मीणा ने बताया कि अस्पताल स्टाफ की ओर से सामूहिक शिकायत दी गई है। उनका आरोप है कि माधुरी ने महिला स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। थाने के बाहर रो पड़ीं नर्सिंग ऑफिसर थाने के बाहर बैठी माधुरी धोटे भावुक हो गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्होंने फोन पर अपने परिचित को कॉल कर कहा, “भैया, मेरी जान को खतरा है।” माधुरी धोटे (29) बैतूल जिले की रहने वाली हैं और करीब छह महीने से खिलचीपुर सिविल अस्पताल के एनआरसी में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। नर्सिंग ऑफिसर ने लगाए ये आरोप माधुरी धोटे का कहना है कि वह नियमित रूप से ड्यूटी करती हैं, लेकिन फरवरी महीने की अटेंडेंस शून्य भेज दी गई, जिसके कारण मार्च में मिलने वाला वेतन नहीं मिला। उनके मुताबिक रविवार सुबह जब वह अस्पताल पहुंचीं तो डॉक्टर मौजूद नहीं थे और सफाई का काम चल रहा था। वह इसका वीडियो बना रही थीं, तभी स्टाफ ने उन्हें रोक दिया। माधुरी ने आरोप लगाया कि स्टाफ उनसे उलझ गया और बीएमओ को बुला लिया। उनके आने के बाद कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की, मोबाइल छीन लिया और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में कई अनियमितताएं हो रही हैं। आरोप लगाए कि डॉक्टर समय पर नहीं आते, गरीब महिलाओं से डिलीवरी के लिए पैसे लिए जाते हैं, एनआरसी में बच्चों की संख्या रिकॉर्ड में ज्यादा दिखाई जाती है, कई कर्मचारी बिना ड्रेस के ड्यूटी करते हैं आदि हैं। माधुरी का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से अपनी सही अटेंडेंस दर्ज कराने की मांग कर रही थीं। जब उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं के वीडियो बनाने शुरू किए तो उन्हें पागल बताने की कोशिश की जा रही है। BMO ने आरोपों को बताया निराधार वहीं BMO डॉ. हिमांशु मीणा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग ऑफिसर माधुरी अक्सर लंबी छुट्टियों पर रहती हैं। डॉ. मीणा के अनुसार अब सार्थक अटेंडेंस सिस्टम लागू है और फरवरी में उनकी अटेंडेंस शून्य दर्ज थी, इसलिए उन्हें वेतन नहीं मिला। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह माधुरी अस्पताल आईं, लेकिन ड्यूटी करने के बजाय कर्मचारियों के वीडियो बनाने लगीं, जिससे काम प्रभावित हुआ। डॉ. मीणा का कहना है कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो माधुरी ने उनके साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। बीच-बचाव करने आईं नर्स माया मेवाड़े और प्रियल नामदेव के साथ भी उन्होंने हाथापाई की। बीएमओ के मुताबिक विवाद के दौरान माधुरी ने उनका अंगूठा मोड़ दिया और नाखून से चोट पहुंचाई। इसके बाद उन्होंने थाना प्रभारी और सीएमएचओ को फोन पर सूचना दी और अस्पताल स्टाफ के हस्ताक्षर के साथ लिखित शिकायत थाने में दी। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।