हरदा मंदिर स्थापना दिवस पर 51 हजार हनुमान चालीसा पाठ:दो दिन चलेगा कार्यक्रम, हवन और विशाल भंडारा
हरदा जिला अस्पताल परिसर में स्थित महाबली वीर हनुमान मंदिर और राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर के स्थापना दिवस पर दो दिवसीय धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। महाबली वीर हनुमान मंदिर की स्थापना 20 वर्ष पहले हुई थी, जबकि राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर 11 वर्ष पहले स्थापित हुआ था। आयोजन समिति से जुड़े राजेश नागर ने बताया कि यह कार्यक्रम 2 और 3 मई को होगा। आयोजन के पहले दिन, 2 मई शनिवार को सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। इसमें शहर के आम लोगों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी शामिल होंगे। आयोजकों ने 51 हजार पाठ का लक्ष्य निर्धारित किया है और आमजन से भी इसमें शामिल होने का आग्रह किया है। 3 मई को भंडारा
दूसरे दिन, 3 मई रविवार को विद्वान पंडितों के मार्गदर्शन में क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना के लिए अभिषेक, हवन, पूजन और महाआरती की जाएगी। इसके बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अमित बारिवा ने बताया कि यह मंदिर 20 साल पहले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने जनसहयोग से स्थापित किया था। इसका मुख्य उद्देश्य ड्यूटी शुरू करने से पहले भगवान का आशीर्वाद लेना था, ताकि अस्पताल में भर्ती मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। यह मंदिर अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाले मरीजों को दर्शन करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। यह मंदिर निस्वार्थ सेवा, आस्था और आध्यात्मिक शक्ति का एक अनूठा संगम है, जहाँ लोग दवा और दुआ दोनों के साथ ठीक होने की आशा लेकर आते हैं।
हरदा जिला अस्पताल परिसर में स्थित महाबली वीर हनुमान मंदिर और राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर के स्थापना दिवस पर दो दिवसीय धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। महाबली वीर हनुमान मंदिर की स्थापना 20 वर्ष पहले हुई थी, जबकि राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर 11 वर्ष पहले स्थापित हुआ था। आयोजन समिति से जुड़े राजेश नागर ने बताया कि यह कार्यक्रम 2 और 3 मई को होगा। आयोजन के पहले दिन, 2 मई शनिवार को सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। इसमें शहर के आम लोगों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी शामिल होंगे। आयोजकों ने 51 हजार पाठ का लक्ष्य निर्धारित किया है और आमजन से भी इसमें शामिल होने का आग्रह किया है। 3 मई को भंडारा
दूसरे दिन, 3 मई रविवार को विद्वान पंडितों के मार्गदर्शन में क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना के लिए अभिषेक, हवन, पूजन और महाआरती की जाएगी। इसके बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अमित बारिवा ने बताया कि यह मंदिर 20 साल पहले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने जनसहयोग से स्थापित किया था। इसका मुख्य उद्देश्य ड्यूटी शुरू करने से पहले भगवान का आशीर्वाद लेना था, ताकि अस्पताल में भर्ती मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। यह मंदिर अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाले मरीजों को दर्शन करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। यह मंदिर निस्वार्थ सेवा, आस्था और आध्यात्मिक शक्ति का एक अनूठा संगम है, जहाँ लोग दवा और दुआ दोनों के साथ ठीक होने की आशा लेकर आते हैं।