सीएम के दौरे के बाद उपार्जन केंद्रों से व्यवस्थाएं गायब:किसान बोले-सुविधा केवल दिखावे के लिए था; किसानों की परेशानी बरकरार, खुले में रखा गेहूं

शाजापुर जिले में इन दिनों उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। जिले के 64 केंद्रों पर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने गुरुवार को कई केंद्रों का निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आई। सबसे चौंकाने वाली स्थिति मकोड़ी श्याम गेहूं उपार्जन केंद्र पर देखने को मिली। यहां हाल ही में सीएम के निरीक्षण से पहले प्रशासन ने छांव, ठंडे पानी के कैंपर, मटके और टेंट जैसी व्यवस्थाएं की थीं, लेकिन उनके जाने के बाद अधिकांश व्यवस्थाएं हटा दी गईं। मौके पर केवल एक पानी की टंकी रखी मिली, जबकि मटके खाली थे और छांव की कोई व्यवस्था नहीं थी। किसान बोले-व्यवस्थाएं केवल दिखावे के लिए था किसानों ने आरोप लगाया कि सीएम के दौरे के दौरान उन्हें मिलने नहीं दिया गया, जिससे उनकी समस्याएं सामने नहीं आ सकीं। उनका कहना है कि व्यवस्थाएं केवल दिखावे के लिए की गई थीं। वहीं अन्य केंद्रों पर भी अनियमितताएं सामने आईं। कई जगह 100 से 150 ग्राम तक अतिरिक्त गेहूं लिया जा रहा है। बेरछा मंडी स्थित उपार्जन केंद्र पर खुले में गेहूं रखा मिला, जिससे बारिश होने पर नुकसान की आशंका है। यहां सर्वेयर की अनुपस्थिति में गुणवत्ता जांच भी नहीं हो रही, जिससे खराब गेहूं की खरीदी का खतरा बना हुआ है। इन हालातों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देखिए तस्वीरें… सीएम से किसान को मिलने नहीं दिया गया किसान भगवतसिंह परमार ने बताया सीएम से मिलने के लिए आया था लेकिन मिलने नहीं दिया। 50 क्विंटल गेहूं प्रति बीघा पैदा करने का सीएम ने बोला था,उसका बीज कहां मिलता है,यह पूछने सीएम से आया था लेकिन मिलने ही नहीं दिया। किसान राहुल पाटीदार ने बताया खरीदी केंद्र पर बारदान की समस्या भी आ रही है। सीएम के आने के एक दिन पहले यहां बारदान नहीं थे, दो तीन घंटे तौल नहीं हो सका। स्लाट बुक नहीं हो रहे हैं।तीन दिन से इस चक्कर में सोया नहीं। सुबह जल्दी भी कोशिश की लेकिन स्लाट ही बुक नहीं हो रहे। घर में गेहूं पड़े हुए हैं, इसी पर सो रहे हैं। दस दिन हो गए लेकिन स्लाट बुक नहीं हुआ। सर्वेयर और तौल को लेकर उठे सवाल मकोड़ी सोसायटी प्रबंधक तंवर सिंह गोयल ने बताया गेहूं खरीदी शासन के निर्देशानुसार चल रही है। यहां सीएम का दौरा हुआ था, जिसमें वेयर हाउस की व्यवस्था देखी गई। सारी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से मिली। किसानों ने स्लाट बुक की समस्या सीएम के समक्ष रखी। एक बोरी पर 150 ग्राम गेहूं ज्यादा लेने पर बताया नियमानुसार 135 ग्राम लेना है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक कांटा 15 ग्राम वजन नहीं बताता। सर्वेयर के देखने वाले सुपरवाइजर विरेन्द्र ने बताया बेरछा सोसायटी ने सर्वेयर की मांग नहीं की, इसलिए सर्वेयर नहीं दिया। बेरछा सोसायटी द्वारा मंडी के खुले प्रांगण में खरीदी की जा रही है, इसलिए गोडाउन पर सर्वेयर है। सोसायटी मंडी प्रांगण के लिए भी सर्वेयर की मांग करेंगी तो उपलब्ध कराया जाएगा।

May 1, 2026 - 07:06
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सीएम के दौरे के बाद उपार्जन केंद्रों से व्यवस्थाएं गायब:किसान बोले-सुविधा केवल दिखावे के लिए था; किसानों की परेशानी बरकरार, खुले में रखा गेहूं
शाजापुर जिले में इन दिनों उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। जिले के 64 केंद्रों पर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने गुरुवार को कई केंद्रों का निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आई। सबसे चौंकाने वाली स्थिति मकोड़ी श्याम गेहूं उपार्जन केंद्र पर देखने को मिली। यहां हाल ही में सीएम के निरीक्षण से पहले प्रशासन ने छांव, ठंडे पानी के कैंपर, मटके और टेंट जैसी व्यवस्थाएं की थीं, लेकिन उनके जाने के बाद अधिकांश व्यवस्थाएं हटा दी गईं। मौके पर केवल एक पानी की टंकी रखी मिली, जबकि मटके खाली थे और छांव की कोई व्यवस्था नहीं थी। किसान बोले-व्यवस्थाएं केवल दिखावे के लिए था किसानों ने आरोप लगाया कि सीएम के दौरे के दौरान उन्हें मिलने नहीं दिया गया, जिससे उनकी समस्याएं सामने नहीं आ सकीं। उनका कहना है कि व्यवस्थाएं केवल दिखावे के लिए की गई थीं। वहीं अन्य केंद्रों पर भी अनियमितताएं सामने आईं। कई जगह 100 से 150 ग्राम तक अतिरिक्त गेहूं लिया जा रहा है। बेरछा मंडी स्थित उपार्जन केंद्र पर खुले में गेहूं रखा मिला, जिससे बारिश होने पर नुकसान की आशंका है। यहां सर्वेयर की अनुपस्थिति में गुणवत्ता जांच भी नहीं हो रही, जिससे खराब गेहूं की खरीदी का खतरा बना हुआ है। इन हालातों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देखिए तस्वीरें… सीएम से किसान को मिलने नहीं दिया गया किसान भगवतसिंह परमार ने बताया सीएम से मिलने के लिए आया था लेकिन मिलने नहीं दिया। 50 क्विंटल गेहूं प्रति बीघा पैदा करने का सीएम ने बोला था,उसका बीज कहां मिलता है,यह पूछने सीएम से आया था लेकिन मिलने ही नहीं दिया। किसान राहुल पाटीदार ने बताया खरीदी केंद्र पर बारदान की समस्या भी आ रही है। सीएम के आने के एक दिन पहले यहां बारदान नहीं थे, दो तीन घंटे तौल नहीं हो सका। स्लाट बुक नहीं हो रहे हैं।तीन दिन से इस चक्कर में सोया नहीं। सुबह जल्दी भी कोशिश की लेकिन स्लाट ही बुक नहीं हो रहे। घर में गेहूं पड़े हुए हैं, इसी पर सो रहे हैं। दस दिन हो गए लेकिन स्लाट बुक नहीं हुआ। सर्वेयर और तौल को लेकर उठे सवाल मकोड़ी सोसायटी प्रबंधक तंवर सिंह गोयल ने बताया गेहूं खरीदी शासन के निर्देशानुसार चल रही है। यहां सीएम का दौरा हुआ था, जिसमें वेयर हाउस की व्यवस्था देखी गई। सारी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से मिली। किसानों ने स्लाट बुक की समस्या सीएम के समक्ष रखी। एक बोरी पर 150 ग्राम गेहूं ज्यादा लेने पर बताया नियमानुसार 135 ग्राम लेना है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक कांटा 15 ग्राम वजन नहीं बताता। सर्वेयर के देखने वाले सुपरवाइजर विरेन्द्र ने बताया बेरछा सोसायटी ने सर्वेयर की मांग नहीं की, इसलिए सर्वेयर नहीं दिया। बेरछा सोसायटी द्वारा मंडी के खुले प्रांगण में खरीदी की जा रही है, इसलिए गोडाउन पर सर्वेयर है। सोसायटी मंडी प्रांगण के लिए भी सर्वेयर की मांग करेंगी तो उपलब्ध कराया जाएगा।