गणेशोत्सव में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी दूसरी बार चालान तो राजसात होगी डीजे गाड़ी
गणेशोत्सव में इस बार झांकी, जुलूस और विसर्जन को लेकर प्रशासन-पुलिस सख्त हो गई है। अफसरों ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह के आयोजन में डीजे बजाना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देकर कहा गया है कि कहीं भी डीजे बजने नहीं दिया जाएगा। किसी ने भी डीजे बजाने की कोशिश की तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी संचालकों पर होगी। गणेशोत्सव के दौरान हंगामा, चाकूबाजी और हुड़दंगियों को रोकने के लिए भी सख्त प्लान बनाया गया है। शहरभर में इस तरह के कार्यक्रमों में सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। हुड़दंग करने वालों की पहचान कर उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। गाड़ी में तीन सवारी घूमने वाले या सड़कों पर स्टंट दिखाने वालों पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। गणेशोत्सव के दौरान ही दूसरी बार चालान हुआ तो गाड़ी राजसात कर ली जाएगी। जिलेभर के सभी डीजे संचालकों और किराया भंडार वालों को मंगलवार को कलेक्टोरेट परिसर में स्थित रेडक्रॉस के सभाकक्ष में बुलाया गया। यह सभी से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के अनुसार इस बार गणेशोत्सव पर डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी रात 10 बजे के बाद नहीं कर पाएंगे। डीजे के साथ अनुमति मांगी तो कार्यक्रम ही नहीं होने देंगे एडीएम उमाशंकर बांदे और एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि अस्पताल, स्कूल और सार्वजनिक जगहों से 100 मीटर के दायरे में डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र प्रतिबंधित रहेगा। इस बार डीजे के लिए एनओसी नहीं दी जाएगी। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर भी पर बैन रहेगा। आईटीएमएस के सीसीटीवी कैमरों से डीजे वाहनों की पहचान कर उसे जब्त किया जाएगा। दूसरी बार चालान हुआ तो गाड़ी और सेटअप दोनों राजसात कर लिया जाएगा। किसी भी कार्यक्रम की अनुमति डीजे के साथ नहीं दी जाएगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग तय सीमा औद्योगिक क्षेत्र में सुबह 75 और रात को 70, वाणिज्य क्षेत्र में सुबह 65 तथा रात में 55, आवासीय क्षेत्र में सुबह 55 और रात में 45 तथा शांत परिक्षेत्र में सुबह 50 और रात को 40 डीबी (ए) में ही उपयोग करना होगा। बैठक में एएसपी ट्रैफिक डॉ प्रशांत शुक्ला, सीएसपी दौलत राम पोर्ते आदि मौजूद थे। जो भी सामान मिलेगा सब जब्त करेंगे अफसरों ने यह भी बताया कि गाड़ियों में साउंड बॉक्स रखा गया तो उसे गाड़ी के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा। इस तरह के कार्यक्रम में जिस भी किराया भंडार वालों ने जो भी सामान जैसे टेंट, कुर्सिंयां, साउंड सिस्टम आदि दिया होगा उसे भी जब्त कर लिया जाएगा। इतना ही नहीं स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोर्ट, दफ्तरों से 100 मीटर एरियल डिस्टेंस पर लाउडस्पीकर बजाने पर उसे भी जब्त कर लेंगे। ऐसे लोगों के खिलाफ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के नियमों/ उपबंधों के उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
गणेशोत्सव में इस बार झांकी, जुलूस और विसर्जन को लेकर प्रशासन-पुलिस सख्त हो गई है। अफसरों ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह के आयोजन में डीजे बजाना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देकर कहा गया है कि कहीं भी डीजे बजने नहीं दिया जाएगा। किसी ने भी डीजे बजाने की कोशिश की तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी संचालकों पर होगी। गणेशोत्सव के दौरान हंगामा, चाकूबाजी और हुड़दंगियों को रोकने के लिए भी सख्त प्लान बनाया गया है। शहरभर में इस तरह के कार्यक्रमों में सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। हुड़दंग करने वालों की पहचान कर उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। गाड़ी में तीन सवारी घूमने वाले या सड़कों पर स्टंट दिखाने वालों पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। गणेशोत्सव के दौरान ही दूसरी बार चालान हुआ तो गाड़ी राजसात कर ली जाएगी। जिलेभर के सभी डीजे संचालकों और किराया भंडार वालों को मंगलवार को कलेक्टोरेट परिसर में स्थित रेडक्रॉस के सभाकक्ष में बुलाया गया। यह सभी से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के अनुसार इस बार गणेशोत्सव पर डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी रात 10 बजे के बाद नहीं कर पाएंगे। डीजे के साथ अनुमति मांगी तो कार्यक्रम ही नहीं होने देंगे एडीएम उमाशंकर बांदे और एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि अस्पताल, स्कूल और सार्वजनिक जगहों से 100 मीटर के दायरे में डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र प्रतिबंधित रहेगा। इस बार डीजे के लिए एनओसी नहीं दी जाएगी। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर भी पर बैन रहेगा। आईटीएमएस के सीसीटीवी कैमरों से डीजे वाहनों की पहचान कर उसे जब्त किया जाएगा। दूसरी बार चालान हुआ तो गाड़ी और सेटअप दोनों राजसात कर लिया जाएगा। किसी भी कार्यक्रम की अनुमति डीजे के साथ नहीं दी जाएगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग तय सीमा औद्योगिक क्षेत्र में सुबह 75 और रात को 70, वाणिज्य क्षेत्र में सुबह 65 तथा रात में 55, आवासीय क्षेत्र में सुबह 55 और रात में 45 तथा शांत परिक्षेत्र में सुबह 50 और रात को 40 डीबी (ए) में ही उपयोग करना होगा। बैठक में एएसपी ट्रैफिक डॉ प्रशांत शुक्ला, सीएसपी दौलत राम पोर्ते आदि मौजूद थे। जो भी सामान मिलेगा सब जब्त करेंगे अफसरों ने यह भी बताया कि गाड़ियों में साउंड बॉक्स रखा गया तो उसे गाड़ी के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा। इस तरह के कार्यक्रम में जिस भी किराया भंडार वालों ने जो भी सामान जैसे टेंट, कुर्सिंयां, साउंड सिस्टम आदि दिया होगा उसे भी जब्त कर लिया जाएगा। इतना ही नहीं स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोर्ट, दफ्तरों से 100 मीटर एरियल डिस्टेंस पर लाउडस्पीकर बजाने पर उसे भी जब्त कर लेंगे। ऐसे लोगों के खिलाफ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के नियमों/ उपबंधों के उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी की जाएगी।