बैकफुट पर करणी सेना परिवार, आंदोलन स्थगित:रतलाम में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के घेराव की थी योजना; अधिकारियों से मीटिंग के बाद बदली रणनीति
बैकफुट पर करणी सेना परिवार, आंदोलन स्थगित:रतलाम में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के घेराव की थी योजना; अधिकारियों से मीटिंग के बाद बदली रणनीति
रतलाम में 31 अक्टूबर को करणी सेना परिवार का होना वाले आंदोलन स्थगित हो गया है। करणी सेना परिवार पिछले कई दिनों से आंदोलन को लेकर तैयारी कर रहा था। गुरुवार शाम स्टेशन रोड थाना परिसर स्थित पुराने कंट्रोल रुम पर करणी सेना परिवार प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर व पदाधिकारियों की प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद कलेक्ट्रेट का घेराव स्थगित कर दिया है। रतलाम जिले में बढ़ते अपराधों, प्रशासनिक मनमानी और जनसुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर करणी सेना परिवार 31 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन करने वाले थे। सोशल मीडिया पर लगातार आंदोलन को लेकर करणी सेना परिवार एक्टिव था। 7 मांगों को लेकर करने वाले थे आंदोलन
जीवनसिंह शेरपुर ने भी अपना वीडियो जारी कर कहा था कि प्रशासन आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। अगर कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार कलेक्टर व एसपी को बताया था। पूरा प्रदर्शन मुख्य रूप से 7 मांगों के होना वाला था। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन व पुलिस ने अपनी तैयारी कर ली थी। शाम को अपर कलेक्टर डॉ. शालीनी श्रीवास्तव, एएसपी ग्रामीण विवेक कुमार, डीएसपी अजय सारवान, एसडीओपी किशोर पाटनवाला, एसडीएम आर्ची हरित, तहसीलदार आशीष उपाध्याय सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के साथ जीवनसिंह शेरपुर, यादवेंद्र सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों की बैठक हुई। जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया। जीवनसिंह ने आंदोलन मे सर्वसमाज को भी शामिल होने का आव्हान किया था। यह थी प्रमुख मांगे दबाव कभी नहीं झेला-जीवनसिंह करणी सेना परिवार प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने कहा कि हमने आंदोलन की घोषणा की थी, इसके बाद हमारी मांगों पर प्रशासन ने काम करना चालू किया। लसुडिया नाथी की नाबालिग की बालिका को बरामद कर लिया है। आदिवासी बालिका भी मिल गई है। परिवार भी संतुष्ट है। कंजर प्रभावित क्षेत्रों में भी इनके द्वारा कार्रवाई की गई है। खाद वितरण को लेकर भी इन्होंने एक कमेटी बनाई है। 10 दिन में खाद वितरण की समस्या का भी आश्वासन दिया है। दबाव कभी हमने झेला नहीं है। हमने आंदोलन स्थगित कर दिया है। अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बताया करणी सेना परिवार की जनसमुदाय से जुड़ी जो भी समस्या थी उन पर पहले से ही काम चल रहा है। पुलिस व प्रशासन की गतिविधियों को लेकर वह लोग संतुष्ट है।
रतलाम में 31 अक्टूबर को करणी सेना परिवार का होना वाले आंदोलन स्थगित हो गया है। करणी सेना परिवार पिछले कई दिनों से आंदोलन को लेकर तैयारी कर रहा था। गुरुवार शाम स्टेशन रोड थाना परिसर स्थित पुराने कंट्रोल रुम पर करणी सेना परिवार प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर व पदाधिकारियों की प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद कलेक्ट्रेट का घेराव स्थगित कर दिया है। रतलाम जिले में बढ़ते अपराधों, प्रशासनिक मनमानी और जनसुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर करणी सेना परिवार 31 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन करने वाले थे। सोशल मीडिया पर लगातार आंदोलन को लेकर करणी सेना परिवार एक्टिव था। 7 मांगों को लेकर करने वाले थे आंदोलन
जीवनसिंह शेरपुर ने भी अपना वीडियो जारी कर कहा था कि प्रशासन आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। अगर कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार कलेक्टर व एसपी को बताया था। पूरा प्रदर्शन मुख्य रूप से 7 मांगों के होना वाला था। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन व पुलिस ने अपनी तैयारी कर ली थी। शाम को अपर कलेक्टर डॉ. शालीनी श्रीवास्तव, एएसपी ग्रामीण विवेक कुमार, डीएसपी अजय सारवान, एसडीओपी किशोर पाटनवाला, एसडीएम आर्ची हरित, तहसीलदार आशीष उपाध्याय सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के साथ जीवनसिंह शेरपुर, यादवेंद्र सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों की बैठक हुई। जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया। जीवनसिंह ने आंदोलन मे सर्वसमाज को भी शामिल होने का आव्हान किया था। यह थी प्रमुख मांगे दबाव कभी नहीं झेला-जीवनसिंह करणी सेना परिवार प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने कहा कि हमने आंदोलन की घोषणा की थी, इसके बाद हमारी मांगों पर प्रशासन ने काम करना चालू किया। लसुडिया नाथी की नाबालिग की बालिका को बरामद कर लिया है। आदिवासी बालिका भी मिल गई है। परिवार भी संतुष्ट है। कंजर प्रभावित क्षेत्रों में भी इनके द्वारा कार्रवाई की गई है। खाद वितरण को लेकर भी इन्होंने एक कमेटी बनाई है। 10 दिन में खाद वितरण की समस्या का भी आश्वासन दिया है। दबाव कभी हमने झेला नहीं है। हमने आंदोलन स्थगित कर दिया है। अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बताया करणी सेना परिवार की जनसमुदाय से जुड़ी जो भी समस्या थी उन पर पहले से ही काम चल रहा है। पुलिस व प्रशासन की गतिविधियों को लेकर वह लोग संतुष्ट है।