अमेठी में 14 अधिकारियों का वेतन रोका:मुख्यमंत्री डैशबोर्ड समीक्षा में खराब प्रगति पर सीडीओ की कार्रवाई

अमेठी में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा में विभिन्न योजनाओं में खराब प्रगति पाए जाने पर कड़ा रुख अपनाया गया है। जिलाधिकारी संजय चौहान और मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह के निर्देश पर 14 जिलास्तरीय अधिकारियों का मार्च 2026 का वेतन रोक दिया गया है। इन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई फरवरी 2026 के मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा के बाद की गई है। समीक्षा में जनपद की विभिन्न योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर डीएम और सीडीओ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। जिन अधिकारियों की प्रगति 'बी', 'सी' और 'डी' ग्रेड में पाई गई, उनके खिलाफ यह कदम उठाया गया है ताकि विभागीय कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में, मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिन अधिकारियों का वेतन रोका गया है और नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें उपयुक्त स्वरोजगार प्रवीण शुक्ला, परियोजना निदेशक डीआरडीए ऐश्वर्य यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी, जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) शैलेंद्र कुमार, उपयुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन, अधिशासी अभियंता सीएंडडीएस संदीप कुमार, अधिशासी अभियंता यूपीसीएलडीएफ पी.के. सिंह, परियोजना प्रबंधक यूपीआरएनएसएस सतेंद्र विशेन सिंह, अधिशासी अभियंता यूपीपीसीएल मनोज कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता आवास विकास मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग हरिओम श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता यूपीएसआईडीसीओ जगपाल वर्मा और अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-2) उमेश कुमार शामिल हैं। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने संयुक्त रूप से कहा कि जनपद में संचालित सभी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यों में सुधार लाने और लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, अन्यथा भविष्य में और कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जनपद की रैंकिंग में सुधार और आमजन को योजनाओं का समय पर लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सतत अनुश्रवण और प्रभावी निगरानी की जा रही है।

Mar 18, 2026 - 16:03
 0  1
अमेठी में 14 अधिकारियों का वेतन रोका:मुख्यमंत्री डैशबोर्ड समीक्षा में खराब प्रगति पर सीडीओ की कार्रवाई
अमेठी में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा में विभिन्न योजनाओं में खराब प्रगति पाए जाने पर कड़ा रुख अपनाया गया है। जिलाधिकारी संजय चौहान और मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह के निर्देश पर 14 जिलास्तरीय अधिकारियों का मार्च 2026 का वेतन रोक दिया गया है। इन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई फरवरी 2026 के मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा के बाद की गई है। समीक्षा में जनपद की विभिन्न योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर डीएम और सीडीओ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। जिन अधिकारियों की प्रगति 'बी', 'सी' और 'डी' ग्रेड में पाई गई, उनके खिलाफ यह कदम उठाया गया है ताकि विभागीय कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में, मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिन अधिकारियों का वेतन रोका गया है और नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें उपयुक्त स्वरोजगार प्रवीण शुक्ला, परियोजना निदेशक डीआरडीए ऐश्वर्य यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी, जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) शैलेंद्र कुमार, उपयुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन, अधिशासी अभियंता सीएंडडीएस संदीप कुमार, अधिशासी अभियंता यूपीसीएलडीएफ पी.के. सिंह, परियोजना प्रबंधक यूपीआरएनएसएस सतेंद्र विशेन सिंह, अधिशासी अभियंता यूपीपीसीएल मनोज कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता आवास विकास मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग हरिओम श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता यूपीएसआईडीसीओ जगपाल वर्मा और अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-2) उमेश कुमार शामिल हैं। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने संयुक्त रूप से कहा कि जनपद में संचालित सभी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यों में सुधार लाने और लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, अन्यथा भविष्य में और कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जनपद की रैंकिंग में सुधार और आमजन को योजनाओं का समय पर लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सतत अनुश्रवण और प्रभावी निगरानी की जा रही है।