मैहर में श्रद्धालु बाथरूम में फिसला, सिर में चोट:रोपवे प्वाइंट पर हादसा; स्वास्थ्य टीम ने प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल भेजा
मैहर मां शारदा मंदिर में चैत्र नवरात्रि के दौरान एक श्रद्धालु बाथरुम में फिसलकर घायल हो गए। दमोह निवासी विकास चौबे (45) अपने परिवार के साथ मां शारदा के दर्शन के लिए मैहर आए थे। घटना रोपवे प्वाइंट पर स्थित बाथरूम में हुई, जहां उनका पैर फिसल गया। गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई और काफी खुन बहा। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्वास्थ्य टीम तुरंत ने घाव की ड्रेसिंग की सूचना मिलते ही रोपवे प्वाइंट पर तैनात स्वास्थ्य टीम तुरंत मौके पर पहुंची। बीएमओ डॉ. पीयूष पांडेय, सीएचओ नेहाली सनोडिया, हेमंत सोनी और संबल यूके ने घायल श्रद्धालु को प्राथमिक इलाज दिया और घाव की ड्रेसिंग की। चोट की गंभीरता को देखते हुए, तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और घायल को सिविल अस्पताल मैहर रेफर किया गया। अस्पताल में इलाज के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई और उन्हें छुट्टी दे दी गई। गौरतलब है कि चैत्र नवरात्रि के कारण इन दिनों मां शारदा मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने मंदिर परिसर और रोपवे क्षेत्र में मेडिकल टीमें तैनात की हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मैहर मां शारदा मंदिर में चैत्र नवरात्रि के दौरान एक श्रद्धालु बाथरुम में फिसलकर घायल हो गए। दमोह निवासी विकास चौबे (45) अपने परिवार के साथ मां शारदा के दर्शन के लिए मैहर आए थे। घटना रोपवे प्वाइंट पर स्थित बाथरूम में हुई, जहां उनका पैर फिसल गया। गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई और काफी खुन बहा। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्वास्थ्य टीम तुरंत ने घाव की ड्रेसिंग की सूचना मिलते ही रोपवे प्वाइंट पर तैनात स्वास्थ्य टीम तुरंत मौके पर पहुंची। बीएमओ डॉ. पीयूष पांडेय, सीएचओ नेहाली सनोडिया, हेमंत सोनी और संबल यूके ने घायल श्रद्धालु को प्राथमिक इलाज दिया और घाव की ड्रेसिंग की। चोट की गंभीरता को देखते हुए, तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और घायल को सिविल अस्पताल मैहर रेफर किया गया। अस्पताल में इलाज के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई और उन्हें छुट्टी दे दी गई। गौरतलब है कि चैत्र नवरात्रि के कारण इन दिनों मां शारदा मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने मंदिर परिसर और रोपवे क्षेत्र में मेडिकल टीमें तैनात की हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।