11 करोड़ के अस्पताल में टेबल लगाकर इलाज:धार के सरदारपुर अस्पताल में सीनियर सर्जन को नहीं मिला चैंबर, कई कमरे खाली पड़े

धार जिले के सरदारपुर में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से बने नए सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी से मरीजों और डॉक्टरों को परेशानी हो रही है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और सर्जन डॉ. नितीन जोशी को अब तक चैंबर उपलब्ध नहीं हो सका है। पिछले तीन दिनों से वे ओपीडी काउंटर के पास टेबल लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ओपीडी में भीड़ से भी मरीजों को हो रही परेशानी ओपीडी काउंटर के पास लगातार भीड़ लगने से मुख्य हॉल में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। मरीजों को इलाज के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के नए भवन में डॉक्टरों के लिए कई कमरे मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद सीनियर सर्जन को चैंबर नहीं मिलना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। अस्पताल की अव्यवस्थाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारी का नहीं मिला जवाब इस मामले में सरदारपुर बीएमओ शीला मुजाल्दा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। करोड़ों खर्च होने के बाद भी मरीजों को बेहतर सुविधाओं का इंतजार है।

Mar 22, 2026 - 08:38
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11 करोड़ के अस्पताल में टेबल लगाकर इलाज:धार के सरदारपुर अस्पताल में सीनियर सर्जन को नहीं मिला चैंबर, कई कमरे खाली पड़े
धार जिले के सरदारपुर में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से बने नए सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी से मरीजों और डॉक्टरों को परेशानी हो रही है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और सर्जन डॉ. नितीन जोशी को अब तक चैंबर उपलब्ध नहीं हो सका है। पिछले तीन दिनों से वे ओपीडी काउंटर के पास टेबल लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ओपीडी में भीड़ से भी मरीजों को हो रही परेशानी ओपीडी काउंटर के पास लगातार भीड़ लगने से मुख्य हॉल में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। मरीजों को इलाज के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के नए भवन में डॉक्टरों के लिए कई कमरे मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद सीनियर सर्जन को चैंबर नहीं मिलना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। अस्पताल की अव्यवस्थाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारी का नहीं मिला जवाब इस मामले में सरदारपुर बीएमओ शीला मुजाल्दा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। करोड़ों खर्च होने के बाद भी मरीजों को बेहतर सुविधाओं का इंतजार है।