भाईके इलाज के लिए ढाई लाख में गिरवी रखे गहने:ब्याज सहित 7.20 लाख चुकाए, सूद खोर ने वापस किए नकली जेवर

डिंडोरी में सूदखोरी का एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने भाई के इलाज के लिए महिलाओं से जेवर लेकर ढाई लाख रुपए में गिरवी रखे थे। पुलिस में शिकायत के बाद 7.20 लाख रुपए चुकाने पर उसे कुछ नकली जेवर मिले। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि सेठ ने जेवर लौटाने में आनाकानी की और बाद में नकली जेवर दिए। सिटी कोतवाली क्षेत्र के देवरा निवासी लक्ष्मण दुबे ने बताया कि वर्ष 2014, में उनके छोटे भाई ज्ञानेश्वर आग से झुलस गए थे। उनके इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। लक्ष्मण ने गांव की धनिया बाई, कमलवती, ममता और चमेली से मदद मांगी, जिन्होंने अपने जेवर उन्हें दे दिए। 12 किलो चांदी और 6 तोला सोना गिरवी रखा लक्ष्मण ने इन जेवरों को वर्ष 2014, 2015और 2016 में नगर के कमल जैन और गोलू जैन के पास 12 किलो चांदी और 6 तोला सोना 2 प्रतिशत ब्याज पर ढाई लाख रुपए में गिरवी रख दिया। उस समय लक्ष्मण की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उन्होंने 2020 में 30 हजार, 2021 में 25 हजार और 2022 में 20 हजार रुपए वापस किए। दो साल से लगा रहे थे चक्कर लक्ष्मण शेष 1 लाख 75 हजार रुपए चुकाने को तैयार थे, लेकिन गोलू जैन के पिता कमल जैन की मृत्यु हो चुकी थी। लक्ष्मण का आरोप है कि वह दो साल से सेठ के पास जाकर पैसे लेकर जेवर वापस करने की बात कर रहे थे, लेकिन सेठ ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद लक्ष्मण ने 29 जनवरी 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 30 जनवरी को पुलिस ने लक्ष्मण और संबंधित महिलाओं के बयान दर्ज किए। 7 लाख 20 हजार रुपए मांगे पुलिस की मध्यस्थता के बाद गोलू के चाचा बल्लू जैन के साथ बातचीत हुई। बल्लू जैन ने ब्याज सहित कुल 7 लाख 20 हजार रुपए का हिसाब बताया, जिसके बाद जेवर वापस मिलने की बात कही गई। लक्ष्मण ने दूसरों से कर्ज लेकर 7 लाख रुपए नकद और 20 हजार रुपए का चेक बल्लू जैन को दुकान पर दिए। लक्ष्मण ने बताया कि 24 फरवरी को सेठ ने उन्हें घर बुलाकर 3 किलो चांदी और दो तोला सोना दिया। जब लक्ष्मण ने बाकी के जेवरात मांगे, तो उन्हें कुछ नकली जेवर भी मिले। इस पर लक्ष्मण ने आपत्ति जताई। पहले तो धमकाया इसके बाद बोला होली के बाद मिल जाएगा। इसके बाद से उसने बात करना ही बंद कर दिया। मै महिलाओं के साथ दुकान भी गया कि इन महिलाओं का जेवर वापस कर दो। थाना प्रभारी बोले जांच हो रही इस मामले में थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे का कहना है कि लेन देन की शिकायत मिली है।अब उसकी जांच सब इंस्पेक्टर को दी है जैसे तथ्य सामने आयेंगे कार्यवाही की जाएगी।

भाईके इलाज के लिए ढाई लाख में गिरवी रखे गहने:ब्याज सहित 7.20 लाख चुकाए, सूद खोर ने वापस किए नकली जेवर
डिंडोरी में सूदखोरी का एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने भाई के इलाज के लिए महिलाओं से जेवर लेकर ढाई लाख रुपए में गिरवी रखे थे। पुलिस में शिकायत के बाद 7.20 लाख रुपए चुकाने पर उसे कुछ नकली जेवर मिले। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि सेठ ने जेवर लौटाने में आनाकानी की और बाद में नकली जेवर दिए। सिटी कोतवाली क्षेत्र के देवरा निवासी लक्ष्मण दुबे ने बताया कि वर्ष 2014, में उनके छोटे भाई ज्ञानेश्वर आग से झुलस गए थे। उनके इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। लक्ष्मण ने गांव की धनिया बाई, कमलवती, ममता और चमेली से मदद मांगी, जिन्होंने अपने जेवर उन्हें दे दिए। 12 किलो चांदी और 6 तोला सोना गिरवी रखा लक्ष्मण ने इन जेवरों को वर्ष 2014, 2015और 2016 में नगर के कमल जैन और गोलू जैन के पास 12 किलो चांदी और 6 तोला सोना 2 प्रतिशत ब्याज पर ढाई लाख रुपए में गिरवी रख दिया। उस समय लक्ष्मण की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उन्होंने 2020 में 30 हजार, 2021 में 25 हजार और 2022 में 20 हजार रुपए वापस किए। दो साल से लगा रहे थे चक्कर लक्ष्मण शेष 1 लाख 75 हजार रुपए चुकाने को तैयार थे, लेकिन गोलू जैन के पिता कमल जैन की मृत्यु हो चुकी थी। लक्ष्मण का आरोप है कि वह दो साल से सेठ के पास जाकर पैसे लेकर जेवर वापस करने की बात कर रहे थे, लेकिन सेठ ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद लक्ष्मण ने 29 जनवरी 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 30 जनवरी को पुलिस ने लक्ष्मण और संबंधित महिलाओं के बयान दर्ज किए। 7 लाख 20 हजार रुपए मांगे पुलिस की मध्यस्थता के बाद गोलू के चाचा बल्लू जैन के साथ बातचीत हुई। बल्लू जैन ने ब्याज सहित कुल 7 लाख 20 हजार रुपए का हिसाब बताया, जिसके बाद जेवर वापस मिलने की बात कही गई। लक्ष्मण ने दूसरों से कर्ज लेकर 7 लाख रुपए नकद और 20 हजार रुपए का चेक बल्लू जैन को दुकान पर दिए। लक्ष्मण ने बताया कि 24 फरवरी को सेठ ने उन्हें घर बुलाकर 3 किलो चांदी और दो तोला सोना दिया। जब लक्ष्मण ने बाकी के जेवरात मांगे, तो उन्हें कुछ नकली जेवर भी मिले। इस पर लक्ष्मण ने आपत्ति जताई। पहले तो धमकाया इसके बाद बोला होली के बाद मिल जाएगा। इसके बाद से उसने बात करना ही बंद कर दिया। मै महिलाओं के साथ दुकान भी गया कि इन महिलाओं का जेवर वापस कर दो। थाना प्रभारी बोले जांच हो रही इस मामले में थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे का कहना है कि लेन देन की शिकायत मिली है।अब उसकी जांच सब इंस्पेक्टर को दी है जैसे तथ्य सामने आयेंगे कार्यवाही की जाएगी।