आचार्यश्री उमेश मुनि की 14वीं पुण्यतिथि:झाबुआ जिले में जप-तप और सेवा कार्यों से दी भावांजलि

अध्यात्म योगी आचार्यश्री उमेश मुनि जी महाराज साहब की 14वीं पुण्यतिथि झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला, पेटलावद और मेघनगर में मनाई गई। इस अवसर पर श्रावक-श्राविकाओं ने दो-दो सामायिक की विशेष साधना की। सामूहिक नवकार मंत्र जाप और उमेश चालीसा के पाठ से वातावरण धर्ममय हो गया। श्रद्धालुओं ने "गुरु वचनों से जीवन का सृजन ही सच्ची श्रद्धांजलि" का संकल्प लिया। इसी कड़ी में अस्पतालों में मरीजों की सेवा की गई और गौशालाओं में गौवंश को आहार कराया गया। पेटलावद में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष अशोक मेहता, उपाध्यक्ष कांतिलाल झाड़माता, सचिव पारसमल सोलंकी और कोषाध्यक्ष संजय भंडारी की उपस्थिति में विभिन्न सेवा कार्य संपन्न हुए। गुणानुवाद सभा में संघ सचिव पारसमल सोलंकी ने गुरुदेव के उपदेशों का स्मरण करते हुए कहा कि धर्म केवल क्रिया तक सीमित न रहकर आत्मा में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि मलिन प्रवृत्तियों का त्याग कर सुवृत्ति की ओर बढ़ना ही कर्मों के क्षय का मार्ग है। गुरु के वचनों को आत्मसात कर जीवन का सृजन करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। इस दौरान संघ संवाददाता जितेंद्र मेहता ने गुरुदेव को 'वर्तमान का वर्धमान' और 'आत्मा का उद्धारक' बताते हुए उन्हें चमत्कारी संत के रूप में याद किया। स्वाध्यायी सोहनलाल चाणोदिया ने आचार्य श्री के साहित्य को समाज का मार्गदर्शन करने वाला ज्ञान का प्रकाश स्तंभ बताया। इस अवसर पर रोहित कटकानी, जितेंद्र कटकानी और वंदना सोलंकी सहित कई वक्ताओं ने स्वरचित रचनाओं और स्तवन के माध्यम से श्रद्धा सुमन अर्पित किए। खुशबू कटकानी, हितेषी मेहता, रेनी सोलंकी, पूजा सोलंकी, शुभम सोलंकी और पदम मेहता ने भी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र कटकानी ने किया। सेवा कार्यों के तहत रामपुरिया बामनिया स्थित मारुति गौशाला और चोयल हॉस्पिटल में मरीजों की सेवा की गई। अखिल भारतीय चंदना श्राविका संगठन द्वारा आवश्यक सूत्र पर आधारित ओपन बुक परीक्षा भी आयोजित की गई, जिसमें 26 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। महिला मंडल अध्यक्ष आशा भंडारी और बहू मंडल अध्यक्ष संगीता मेहता ने भी अपने सदस्यों के साथ गौ-सेवा में योगदान दिया।

आचार्यश्री उमेश मुनि की 14वीं पुण्यतिथि:झाबुआ जिले में जप-तप और सेवा कार्यों से दी भावांजलि
अध्यात्म योगी आचार्यश्री उमेश मुनि जी महाराज साहब की 14वीं पुण्यतिथि झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला, पेटलावद और मेघनगर में मनाई गई। इस अवसर पर श्रावक-श्राविकाओं ने दो-दो सामायिक की विशेष साधना की। सामूहिक नवकार मंत्र जाप और उमेश चालीसा के पाठ से वातावरण धर्ममय हो गया। श्रद्धालुओं ने "गुरु वचनों से जीवन का सृजन ही सच्ची श्रद्धांजलि" का संकल्प लिया। इसी कड़ी में अस्पतालों में मरीजों की सेवा की गई और गौशालाओं में गौवंश को आहार कराया गया। पेटलावद में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष अशोक मेहता, उपाध्यक्ष कांतिलाल झाड़माता, सचिव पारसमल सोलंकी और कोषाध्यक्ष संजय भंडारी की उपस्थिति में विभिन्न सेवा कार्य संपन्न हुए। गुणानुवाद सभा में संघ सचिव पारसमल सोलंकी ने गुरुदेव के उपदेशों का स्मरण करते हुए कहा कि धर्म केवल क्रिया तक सीमित न रहकर आत्मा में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि मलिन प्रवृत्तियों का त्याग कर सुवृत्ति की ओर बढ़ना ही कर्मों के क्षय का मार्ग है। गुरु के वचनों को आत्मसात कर जीवन का सृजन करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। इस दौरान संघ संवाददाता जितेंद्र मेहता ने गुरुदेव को 'वर्तमान का वर्धमान' और 'आत्मा का उद्धारक' बताते हुए उन्हें चमत्कारी संत के रूप में याद किया। स्वाध्यायी सोहनलाल चाणोदिया ने आचार्य श्री के साहित्य को समाज का मार्गदर्शन करने वाला ज्ञान का प्रकाश स्तंभ बताया। इस अवसर पर रोहित कटकानी, जितेंद्र कटकानी और वंदना सोलंकी सहित कई वक्ताओं ने स्वरचित रचनाओं और स्तवन के माध्यम से श्रद्धा सुमन अर्पित किए। खुशबू कटकानी, हितेषी मेहता, रेनी सोलंकी, पूजा सोलंकी, शुभम सोलंकी और पदम मेहता ने भी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र कटकानी ने किया। सेवा कार्यों के तहत रामपुरिया बामनिया स्थित मारुति गौशाला और चोयल हॉस्पिटल में मरीजों की सेवा की गई। अखिल भारतीय चंदना श्राविका संगठन द्वारा आवश्यक सूत्र पर आधारित ओपन बुक परीक्षा भी आयोजित की गई, जिसमें 26 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। महिला मंडल अध्यक्ष आशा भंडारी और बहू मंडल अध्यक्ष संगीता मेहता ने भी अपने सदस्यों के साथ गौ-सेवा में योगदान दिया।