मंदसौर में जानलेवा हमले के दोषियों को 6-6 साल कारावास:परिवार की मर्जी के खिलाफ निकाह से हुआ था विवाद, आरोपियों ने की था फायरिंग
मंदसौर में निकाह को लेकर उपजी रंजिश में जानलेवा हमला करने के मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 6-6 वर्ष के कठोर कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई है। यह निर्णय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आसिफ अब्दुल्लाह की अदालत ने सुनाया। परिवार की मर्जी के खिलाफ निकाह बना विवाद की वजह अभियोजन के अनुसार, 22 जुलाई 2024 को फरियादी इसराईल ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध सन्नो से निकाह किया था। इस निकाह से नाराज होकर सन्नो के भाई आफताब और शाहरुख इसराईल से रंजिश रखने लगे। निकाह के बाद इसराईल रतलाम में रहने लगा था, लेकिन घटना से तीन दिन पहले वह अपने दादा के कार्यक्रम में शामिल होने मुल्तानपुरा आया हुआ था। दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या का प्रयास घटना के दिन दोपहर करीब 3:15 बजे इसराईल अपने चाचा के घर के बाहर बैठा हुआ था। इसी दौरान सोहेल टांडिया मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा। मौके पर मौजूद शाहरुख ने उसे इसराईल पर गोली चलाने के लिए उकसाया। जान बचाने के लिए इसराईल घर के अंदर भागा, लेकिन आफताब ने उसका पीछा कर पिस्टल से फायर कर दिया। गोली लगने से इसराईल मौके पर गिर पड़ा। शोर सुनकर लोग इकट्ठा हुए, तब तक तीनों आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस की कार्रवाई और मजबूत साक्ष्य घटना के बाद थाना वाय.डी. नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 256/2024 दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की विवेचना उप निरीक्षक कपिल सौराष्ट्रीय द्वारा की गई, जिन्होंने साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 12 साक्षियों के बयान और 31 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष पेश किए। न्यायालय ने सुनाया सख्त फैसला प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सोहेल टांडिया, शाहरुख और आफताब को दोषी ठहराया। अदालत ने तीनों को 6-6 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। इस प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक भगवतीलाल शर्मा एवं भगवान सिंह चौहान ने प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मंदसौर में निकाह को लेकर उपजी रंजिश में जानलेवा हमला करने के मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 6-6 वर्ष के कठोर कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई है। यह निर्णय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आसिफ अब्दुल्लाह की अदालत ने सुनाया। परिवार की मर्जी के खिलाफ निकाह बना विवाद की वजह अभियोजन के अनुसार, 22 जुलाई 2024 को फरियादी इसराईल ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध सन्नो से निकाह किया था। इस निकाह से नाराज होकर सन्नो के भाई आफताब और शाहरुख इसराईल से रंजिश रखने लगे। निकाह के बाद इसराईल रतलाम में रहने लगा था, लेकिन घटना से तीन दिन पहले वह अपने दादा के कार्यक्रम में शामिल होने मुल्तानपुरा आया हुआ था। दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या का प्रयास घटना के दिन दोपहर करीब 3:15 बजे इसराईल अपने चाचा के घर के बाहर बैठा हुआ था। इसी दौरान सोहेल टांडिया मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा। मौके पर मौजूद शाहरुख ने उसे इसराईल पर गोली चलाने के लिए उकसाया। जान बचाने के लिए इसराईल घर के अंदर भागा, लेकिन आफताब ने उसका पीछा कर पिस्टल से फायर कर दिया। गोली लगने से इसराईल मौके पर गिर पड़ा। शोर सुनकर लोग इकट्ठा हुए, तब तक तीनों आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस की कार्रवाई और मजबूत साक्ष्य घटना के बाद थाना वाय.डी. नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 256/2024 दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की विवेचना उप निरीक्षक कपिल सौराष्ट्रीय द्वारा की गई, जिन्होंने साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 12 साक्षियों के बयान और 31 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष पेश किए। न्यायालय ने सुनाया सख्त फैसला प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सोहेल टांडिया, शाहरुख और आफताब को दोषी ठहराया। अदालत ने तीनों को 6-6 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। इस प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक भगवतीलाल शर्मा एवं भगवान सिंह चौहान ने प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।