रेलवे के फर्जी मेडिकल क्लेम मामले में 10 कर्मचारी सस्पेंड:40 लाख के घोटाले की जांच जारी, विजिलेंस खंगाल रही रिकॉर्ड
जबलपुर रेल मंडल में फर्जी मेडिकल क्लेम के मामले में रेलवे ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कर्मचारियों ने निजी अस्पताल के फर्जी मेडिकल बिल लगाकर विभाग से लाखों रुपए की प्रतिपूर्ति ली। मामले की जांच विजिलेंस कर रही है और इसमें अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। तीन दिन पहले हुआ था खुलासा जानकारी के मुताबिक, तीन दिन पहले रेलवे में फर्जी मेडिकल क्लेम का मामला सामने आया था। जांच शुरू होने पर पता चला कि लेखा विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। रेलवे ने लेखा विभाग के कार्यालय अधीक्षक मयंक श्रीवास्तव, अतुल जोहरे और वरिष्ठ लेखा सहायक रामेश्वर अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। 7 कर्मचारियों ने नियमों के खिलाफ लिया भुगतान जांच में यह भी सामने आया कि जबलपुर मंडल के सात कर्मचारियों को मेडिकल प्रतिपूर्ति के नाम पर नियमों के विपरीत 13.24 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया गया। इन कर्मचारियों में जागेंद्र कुमार श्रीवास, अतुल राजमान लोटन, राजा भैया तिवारी, विनोद कुमार तिवारी, सुरेखा कौरव, अमित कच्छी और बृजेश कुमार पासी शामिल हैं। रेलवे ने सभी को निलंबित कर दिया है। राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू रेलवे ने संबंधित कर्मचारियों से भुगतान की गई राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभाग पूरे मामले के दस्तावेजों और भुगतान की जांच कर रहा है। जांच में और नाम आने की संभावना पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि फर्जी मेडिकल क्लेम मामले की जांच विजिलेंस कर रही है। अब तक 10 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। जांच आगे बढ़ने के साथ यदि अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जबलपुर रेल मंडल में फर्जी मेडिकल क्लेम के मामले में रेलवे ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कर्मचारियों ने निजी अस्पताल के फर्जी मेडिकल बिल लगाकर विभाग से लाखों रुपए की प्रतिपूर्ति ली। मामले की जांच विजिलेंस कर रही है और इसमें अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। तीन दिन पहले हुआ था खुलासा जानकारी के मुताबिक, तीन दिन पहले रेलवे में फर्जी मेडिकल क्लेम का मामला सामने आया था। जांच शुरू होने पर पता चला कि लेखा विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। रेलवे ने लेखा विभाग के कार्यालय अधीक्षक मयंक श्रीवास्तव, अतुल जोहरे और वरिष्ठ लेखा सहायक रामेश्वर अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। 7 कर्मचारियों ने नियमों के खिलाफ लिया भुगतान जांच में यह भी सामने आया कि जबलपुर मंडल के सात कर्मचारियों को मेडिकल प्रतिपूर्ति के नाम पर नियमों के विपरीत 13.24 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया गया। इन कर्मचारियों में जागेंद्र कुमार श्रीवास, अतुल राजमान लोटन, राजा भैया तिवारी, विनोद कुमार तिवारी, सुरेखा कौरव, अमित कच्छी और बृजेश कुमार पासी शामिल हैं। रेलवे ने सभी को निलंबित कर दिया है। राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू रेलवे ने संबंधित कर्मचारियों से भुगतान की गई राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभाग पूरे मामले के दस्तावेजों और भुगतान की जांच कर रहा है। जांच में और नाम आने की संभावना पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि फर्जी मेडिकल क्लेम मामले की जांच विजिलेंस कर रही है। अब तक 10 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। जांच आगे बढ़ने के साथ यदि अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।