NGT प्रतिबंध के बावजूद तवा नदी में अवैध रेत उत्खनन:दिनदहाड़े दौड़ रहे डंपर,ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

नर्मदापुरम जिले में तवा नदी से अवैध रेत उत्खनन के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के प्रतिबंध के बावजूद मनवाड़ा और आंचलखेड़ा क्षेत्र में नदी से रेत निकालकर डंपरों के जरिए परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मानसून में रेत खनन पर है प्रतिबंध एनजीटी के आदेश के अनुसार हर वर्ष 30 जून से 30 सितंबर तक मानसून के दौरान नदियों से रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। इसका उद्देश्य नदियों की पारिस्थितिकी और जलीय जीवों का संरक्षण करना है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि तवा नदी में रेत उत्खनन जारी है। ग्रामीणों ने वीडियो भेजकर लगाए आरोप ग्रामीणों का दावा है कि तवा नदी के बीच स्थित रेत खदानों में डंपर दिन और रात दोनों समय दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि नदी से रेत निकालकर पहले आसपास डंप की जाती है और बाद में रात के समय उसका परिवहन किया जाता है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में प्रशासन को वीडियो भी उपलब्ध कराए हैं। विशेष गश्त और एफआईआर की मांग ग्रामवासियों ने कलेक्टर और खनिज विभाग से तवा नदी क्षेत्र में विशेष निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है। साथ ही, यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की है। खनिज अधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम ने कहा कि एनजीटी का प्रतिबंध जिले की सभी रेत खदानों पर लागू है। यदि तवा नदी की खदान में डंपरों के संचालन की सूचना सही पाई जाती है तो टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। तवा नदी में अवैध रेत उत्खनन के आरोपों के बाद अब प्रशासन की जांच पर सभी की नजरें हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Jul 9, 2026 - 07:45
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NGT प्रतिबंध के बावजूद तवा नदी में अवैध रेत उत्खनन:दिनदहाड़े दौड़ रहे डंपर,ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
नर्मदापुरम जिले में तवा नदी से अवैध रेत उत्खनन के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के प्रतिबंध के बावजूद मनवाड़ा और आंचलखेड़ा क्षेत्र में नदी से रेत निकालकर डंपरों के जरिए परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मानसून में रेत खनन पर है प्रतिबंध एनजीटी के आदेश के अनुसार हर वर्ष 30 जून से 30 सितंबर तक मानसून के दौरान नदियों से रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। इसका उद्देश्य नदियों की पारिस्थितिकी और जलीय जीवों का संरक्षण करना है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि तवा नदी में रेत उत्खनन जारी है। ग्रामीणों ने वीडियो भेजकर लगाए आरोप ग्रामीणों का दावा है कि तवा नदी के बीच स्थित रेत खदानों में डंपर दिन और रात दोनों समय दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि नदी से रेत निकालकर पहले आसपास डंप की जाती है और बाद में रात के समय उसका परिवहन किया जाता है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में प्रशासन को वीडियो भी उपलब्ध कराए हैं। विशेष गश्त और एफआईआर की मांग ग्रामवासियों ने कलेक्टर और खनिज विभाग से तवा नदी क्षेत्र में विशेष निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है। साथ ही, यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की है। खनिज अधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम ने कहा कि एनजीटी का प्रतिबंध जिले की सभी रेत खदानों पर लागू है। यदि तवा नदी की खदान में डंपरों के संचालन की सूचना सही पाई जाती है तो टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। तवा नदी में अवैध रेत उत्खनन के आरोपों के बाद अब प्रशासन की जांच पर सभी की नजरें हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।