हमीरपुर में बंद घर में फटा सिलेंडर:मकान का एक हिस्सा ढहा, परिवार शादी में था

हमीरपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार रात एक मकान में सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया। धमाके के कारण मकान का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और घर में आग लग गई। यह घटना सदर कोतवाली इलाके के कालपी चौराहा बदनपुर में हुई। घनी आबादी के बीच स्थित इस मकान में देर रात सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तीव्र था कि घर का लेंटर भरभराकर गिर गया। लेंटर गिरने से छत पर रखी पानी की टंकी भी नीचे आ गिरी। टंकी में भरा पानी फैलने से आग बुझ गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, आग और मलबे के कारण घर के अंदर रखा घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। मकान मालिक जावेद खां ने बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एक शादी समारोह में गए हुए थे। उन्हें रात करीब सवा ग्यारह बजे घर में आग लगने की सूचना मिली। जब तक वह मौके पर पहुंचे, सिलेंडर फट चुका था और मकान का एक हिस्सा जमींदोज हो गया था। जावेद खां ने कहा कि यह गनीमत रही कि पानी से भरी टंकी गिरने से आग स्वतः बुझ गई, अन्यथा आग आसपास के मकानों तक फैल सकती थी। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

हमीरपुर में बंद घर में फटा सिलेंडर:मकान का एक हिस्सा ढहा, परिवार शादी में था
हमीरपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार रात एक मकान में सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया। धमाके के कारण मकान का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और घर में आग लग गई। यह घटना सदर कोतवाली इलाके के कालपी चौराहा बदनपुर में हुई। घनी आबादी के बीच स्थित इस मकान में देर रात सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तीव्र था कि घर का लेंटर भरभराकर गिर गया। लेंटर गिरने से छत पर रखी पानी की टंकी भी नीचे आ गिरी। टंकी में भरा पानी फैलने से आग बुझ गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, आग और मलबे के कारण घर के अंदर रखा घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। मकान मालिक जावेद खां ने बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एक शादी समारोह में गए हुए थे। उन्हें रात करीब सवा ग्यारह बजे घर में आग लगने की सूचना मिली। जब तक वह मौके पर पहुंचे, सिलेंडर फट चुका था और मकान का एक हिस्सा जमींदोज हो गया था। जावेद खां ने कहा कि यह गनीमत रही कि पानी से भरी टंकी गिरने से आग स्वतः बुझ गई, अन्यथा आग आसपास के मकानों तक फैल सकती थी। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।