छत्तीसगढ़ में ड्राई मौसम, तापमान 2-3 डिग्री बढ़ा:दिन में गर्मी, सुबह ठंड का असर, 32°C के साथ रायपुर सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा

छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह ड्राई बना हुआ है। ठंड का असर भी कम होता दिखाई पड़ रहा है। इस समय दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का असर बना हुआ है। हालांकि पिछले चार-पांच दिनों के भीतर राज्य के औसतन तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ है। अगले सात दिन यही ट्रेंड जारी रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.5°C रायपुर और सबसे कम न्यूनतम तापमान 9°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। राज्यभर में बारिश के आंकड़े शून्य रहे। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर और पेंड्रा में दिन का तापमान सामान्य से करीब 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है, जिससे दिन में गर्मी बढ़ गई है। फिलहाल कोई सिनॉप्टिक सिस्टम एक्टिव नहीं है। हालांकि, आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह के समय हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है। ठंड की ये तस्वीरें देखिए… बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर पिछले दिनों कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ रहे थे। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है। नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है। क्या है हाइपोथर्मिया? हाइपोथर्मिया एक लाइफ थ्रेटनिंग इमरजेंसी स्थिति है। इसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसके अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 फीसदी गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकलती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है। अगर कोई व्यक्ति ठंडे पानी में है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें। सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत करें विटामिन C रिच डाइट लें विटामिन C एंटीऑक्सीडेंट्स का काम करती है, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाती है। विटामिन C की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसके लिए सर्दियों में विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे संतरा, नींबू, आंवला को अपनी डाइट में शामिल करें। इससे न सिर्फ इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होगी, बल्कि वायरल इन्फेक्शन का खतरा भी कम होता है। अदरक-तुलसी की चाय बेहद फायदेमंद अदरक और तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया से लड़ने में मददगार हैं। इसकी चाय पीने से वायरल इन्फेक्शन से बच सकते हैं। इसके अलावा तुलसी और अदरक का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। यह शरीर में जमे कफ को बाहर निकलता है। साथ ही सर्दी-ज़ुकाम, खांसी और गले की खराश में आराम दिलाता है।

Feb 14, 2026 - 07:58
 0  1
छत्तीसगढ़ में ड्राई मौसम, तापमान 2-3 डिग्री बढ़ा:दिन में गर्मी, सुबह ठंड का असर, 32°C के साथ रायपुर सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा
छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह ड्राई बना हुआ है। ठंड का असर भी कम होता दिखाई पड़ रहा है। इस समय दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का असर बना हुआ है। हालांकि पिछले चार-पांच दिनों के भीतर राज्य के औसतन तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ है। अगले सात दिन यही ट्रेंड जारी रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.5°C रायपुर और सबसे कम न्यूनतम तापमान 9°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। राज्यभर में बारिश के आंकड़े शून्य रहे। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर और पेंड्रा में दिन का तापमान सामान्य से करीब 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है, जिससे दिन में गर्मी बढ़ गई है। फिलहाल कोई सिनॉप्टिक सिस्टम एक्टिव नहीं है। हालांकि, आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह के समय हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है। ठंड की ये तस्वीरें देखिए… बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर पिछले दिनों कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ रहे थे। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है। नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है। क्या है हाइपोथर्मिया? हाइपोथर्मिया एक लाइफ थ्रेटनिंग इमरजेंसी स्थिति है। इसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसके अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 फीसदी गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकलती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है। अगर कोई व्यक्ति ठंडे पानी में है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें। सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत करें विटामिन C रिच डाइट लें विटामिन C एंटीऑक्सीडेंट्स का काम करती है, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाती है। विटामिन C की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसके लिए सर्दियों में विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे संतरा, नींबू, आंवला को अपनी डाइट में शामिल करें। इससे न सिर्फ इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होगी, बल्कि वायरल इन्फेक्शन का खतरा भी कम होता है। अदरक-तुलसी की चाय बेहद फायदेमंद अदरक और तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया से लड़ने में मददगार हैं। इसकी चाय पीने से वायरल इन्फेक्शन से बच सकते हैं। इसके अलावा तुलसी और अदरक का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। यह शरीर में जमे कफ को बाहर निकलता है। साथ ही सर्दी-ज़ुकाम, खांसी और गले की खराश में आराम दिलाता है।