राज्य महिला आयोग सदस्य की चाची का जला शव:फतेहपुर में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत जलने से नहीं होने की पुष्टि
राज्य महिला आयोग सदस्य की चाची का जला शव:फतेहपुर में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत जलने से नहीं होने की पुष्टि
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र के हरियापुर गाँव में तीन दिन पहले राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति की चाची संतोषी कुमारी का जला हुआ शव मिला था। पुलिस ने शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में श्वास नली में धुआं न मिलने से यह पुष्टि हुई है कि मौत जलने से नहीं हुई है। मृतका संतोषी कुमारी अपनी माँ ननकी की देखभाल के लिए मायके में रह रही थीं। उनका शव घर की पहली मंजिल पर जली हुई अवस्था में मिला था। थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मृतका के पति सुशील कुमार अपने बड़े बेटे के साथ छत्तीसगढ़ में नौकरी करते हैं। मृतका के शव का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों की टीम ने किया। शव 95 प्रतिशत से अधिक जल चुका था, लेकिन श्वास नली में धुआं नहीं मिला। डॉक्टरों ने शरीर के अंदरूनी अंगों का विसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेज दिया है। मौत का वास्तविक कारण प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। पुलिस के लिए यह एक महत्वपूर्ण सवाल बन गया है कि यदि मौत जलने से नहीं हुई है, तो फिर कैसे हुई। फिलहाल, पुलिस विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और उसके आधार पर आगे की जाँच शुरू करेगी।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र के हरियापुर गाँव में तीन दिन पहले राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति की चाची संतोषी कुमारी का जला हुआ शव मिला था। पुलिस ने शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में श्वास नली में धुआं न मिलने से यह पुष्टि हुई है कि मौत जलने से नहीं हुई है। मृतका संतोषी कुमारी अपनी माँ ननकी की देखभाल के लिए मायके में रह रही थीं। उनका शव घर की पहली मंजिल पर जली हुई अवस्था में मिला था। थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मृतका के पति सुशील कुमार अपने बड़े बेटे के साथ छत्तीसगढ़ में नौकरी करते हैं। मृतका के शव का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों की टीम ने किया। शव 95 प्रतिशत से अधिक जल चुका था, लेकिन श्वास नली में धुआं नहीं मिला। डॉक्टरों ने शरीर के अंदरूनी अंगों का विसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेज दिया है। मौत का वास्तविक कारण प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। पुलिस के लिए यह एक महत्वपूर्ण सवाल बन गया है कि यदि मौत जलने से नहीं हुई है, तो फिर कैसे हुई। फिलहाल, पुलिस विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और उसके आधार पर आगे की जाँच शुरू करेगी।