गिरौदपुरी धाम मेले के दर्शनार्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई

बगबुड़ा| प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी गिरौदपुरी धाम मेला दर्शनार्थियों के लिए परसादी सेवा दल परिक्षेत्र लवन द्वारा लवन और डोंगरीडीह के बीच में निशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। तीन दिवसीय चलने वाले प्रसिद्ध गिरौदपुरी धाम मेले में एक,दो नहीं बल्कि सैकड़ों जगह से मेले में पहुंचने वाले दर्शनार्थियों के लिए सामाजिक संस्था द्वारा निःशुल्क भोजन भंडारे का आयोजन किया गया है। बहुत से श्रद्धालु अपने गांव से सैकड़ों किलोमीटर पैदल, मोटर सायकल एवं अन्य साधनों से छोटे छोटे बच्चों एवं परिवार के साथ यात्रा कर बाबा गुरु घासीदास के तपोभूमि दर्शन पाने गिरौदपुरी धाम मेला पहुंचते हैं। बलौदा बाजार जिले से 55 किलोमीटर दूर महानदी और जोक नदी के संगम में स्थित है। गिरौदपुरी धाम छत्तीसगढ़ के सबसे सम्मानित तीर्थ स्थलों में से एक है।

गिरौदपुरी धाम मेले के दर्शनार्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई
बगबुड़ा| प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी गिरौदपुरी धाम मेला दर्शनार्थियों के लिए परसादी सेवा दल परिक्षेत्र लवन द्वारा लवन और डोंगरीडीह के बीच में निशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। तीन दिवसीय चलने वाले प्रसिद्ध गिरौदपुरी धाम मेले में एक,दो नहीं बल्कि सैकड़ों जगह से मेले में पहुंचने वाले दर्शनार्थियों के लिए सामाजिक संस्था द्वारा निःशुल्क भोजन भंडारे का आयोजन किया गया है। बहुत से श्रद्धालु अपने गांव से सैकड़ों किलोमीटर पैदल, मोटर सायकल एवं अन्य साधनों से छोटे छोटे बच्चों एवं परिवार के साथ यात्रा कर बाबा गुरु घासीदास के तपोभूमि दर्शन पाने गिरौदपुरी धाम मेला पहुंचते हैं। बलौदा बाजार जिले से 55 किलोमीटर दूर महानदी और जोक नदी के संगम में स्थित है। गिरौदपुरी धाम छत्तीसगढ़ के सबसे सम्मानित तीर्थ स्थलों में से एक है।