दतिया में दो नगर परिषदों के सीएमओ निलंबित:स्वच्छ सर्वेक्षण, सीएम हेल्पलाइन और अमृत 2.0 में लापरवाही पर कार्रवाई
दतिया में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले की दो नगर परिषदों बड़ौनी और भांडेर के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासकीय योजनाओं में लापरवाही, निर्देशों की अवहेलना और कार्यों के प्रति उदासीनता के कारण की गई है। नगर परिषद बड़ौनी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत राठौर को शासकीय कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी के आरोप में निलंबित किया गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश के आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राठौर ने हितग्राही मूलक योजनाओं में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के कार्यों में भी प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में परिषद को 'बी ग्रेड' मिला। विभागीय समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि यशवंत राठौर 13 मई को आयोजित साप्ताहिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में बिना अनुमति अनुपस्थित रहे। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए मध्यप्रदेश राज्य नगरीय प्रशासनिक सेवा (कार्यपालन) नियम 1973 और सिविल सेवा नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ग्वालियर स्थित संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय रहेगा। वहीं, नगर परिषद भांडेर के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी हनुमंत भदौरिया को अमृत 2.0 योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह पाया गया कि योजना के तहत संविदाकार को अभी तक स्वीकृति पत्र जारी नहीं किया गया था। इसे शासन की प्राथमिक योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही माना गया है। भदौरिया पर भी कर्तव्यों के निर्वहन में उदासीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के आरोप हैं। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय भी ग्वालियर संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। जिले की दो नगर परिषदों में एक साथ हुई इस कार्रवाई को नगरीय प्रशासन विभाग का सख्त संदेश माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि अब अन्य नगरीय निकायों के कामकाज और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी कड़ी समीक्षा की जा सकती है।
दतिया में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले की दो नगर परिषदों बड़ौनी और भांडेर के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासकीय योजनाओं में लापरवाही, निर्देशों की अवहेलना और कार्यों के प्रति उदासीनता के कारण की गई है। नगर परिषद बड़ौनी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत राठौर को शासकीय कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी के आरोप में निलंबित किया गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश के आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राठौर ने हितग्राही मूलक योजनाओं में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के कार्यों में भी प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में परिषद को 'बी ग्रेड' मिला। विभागीय समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि यशवंत राठौर 13 मई को आयोजित साप्ताहिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में बिना अनुमति अनुपस्थित रहे। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए मध्यप्रदेश राज्य नगरीय प्रशासनिक सेवा (कार्यपालन) नियम 1973 और सिविल सेवा नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ग्वालियर स्थित संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय रहेगा। वहीं, नगर परिषद भांडेर के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी हनुमंत भदौरिया को अमृत 2.0 योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह पाया गया कि योजना के तहत संविदाकार को अभी तक स्वीकृति पत्र जारी नहीं किया गया था। इसे शासन की प्राथमिक योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही माना गया है। भदौरिया पर भी कर्तव्यों के निर्वहन में उदासीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के आरोप हैं। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय भी ग्वालियर संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। जिले की दो नगर परिषदों में एक साथ हुई इस कार्रवाई को नगरीय प्रशासन विभाग का सख्त संदेश माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि अब अन्य नगरीय निकायों के कामकाज और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी कड़ी समीक्षा की जा सकती है।