दीवार पर दोस्तों के नाम लिख दी जान:गुना में युवक ने खाया जहर; भाभी से कहा- 'मैं अलविदा हो रहा हूं, इन लोगों को छोड़ना नहीं'
गुना जिले के राघौगढ़ में 32 वर्षीय एक युवक ने शनिवार रात चूहे मारने वाली दवा खाकर आत्महत्या कर ली। जान देने से पहले युवक ने घर की दीवार पर अपने कुछ दोस्तों के नाम लिखे और अपनी भाभी से उन्हें न छोड़ने की बात कही। वर्तमान में रविवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और पुलिस मर्ग कायम कर परिजनों के आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। राघौगढ़ निवासी जितेंद्र (32) पुत्र विष्णु प्रसाद नामदेव ने शनिवार रात करीब 8 बजे अज्ञात कारणों के चलते चूहे मारने वाली दवा खा ली थी। जहर खाने के बाद जब वह घर पहुंचा, तो उसने घर की दीवार पर अपने कुछ दोस्तों के नाम लिख दिए। इसके बाद उसने अपनी भाभी से कहा, “मैं आपसे अलविदा हो रहा हूं, लेकिन इन दोस्तों को छोड़ना नहीं।” हालत बिगड़ने पर किया गया रेफर, रविवार को तोड़ा दम जितेंद्र की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत राघौगढ़ अस्पताल ले गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के बावजूद जितेंद्र की जान नहीं बचाई जा सकी और रविवार को उसने अंतिम सांस ली। इसके बाद रविवार शाम को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों का आरोप- दोस्तों ने ही खिलाया जहर इस मामले में मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जितेंद्र पिछले कुछ समय से अपने कुछ दोस्तों के कारण अत्यधिक मानसिक तनाव में था। परिजनों का आरोप है कि जितेंद्र ने मरने से पहले दीवार पर जिन लोगों के नाम लिखे हैं, उन्होंने ही उसे जहर खिलाया है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और हर पहलू से जांच की जा रही है।
गुना जिले के राघौगढ़ में 32 वर्षीय एक युवक ने शनिवार रात चूहे मारने वाली दवा खाकर आत्महत्या कर ली। जान देने से पहले युवक ने घर की दीवार पर अपने कुछ दोस्तों के नाम लिखे और अपनी भाभी से उन्हें न छोड़ने की बात कही। वर्तमान में रविवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और पुलिस मर्ग कायम कर परिजनों के आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। राघौगढ़ निवासी जितेंद्र (32) पुत्र विष्णु प्रसाद नामदेव ने शनिवार रात करीब 8 बजे अज्ञात कारणों के चलते चूहे मारने वाली दवा खा ली थी। जहर खाने के बाद जब वह घर पहुंचा, तो उसने घर की दीवार पर अपने कुछ दोस्तों के नाम लिख दिए। इसके बाद उसने अपनी भाभी से कहा, “मैं आपसे अलविदा हो रहा हूं, लेकिन इन दोस्तों को छोड़ना नहीं।” हालत बिगड़ने पर किया गया रेफर, रविवार को तोड़ा दम जितेंद्र की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत राघौगढ़ अस्पताल ले गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के बावजूद जितेंद्र की जान नहीं बचाई जा सकी और रविवार को उसने अंतिम सांस ली। इसके बाद रविवार शाम को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों का आरोप- दोस्तों ने ही खिलाया जहर इस मामले में मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जितेंद्र पिछले कुछ समय से अपने कुछ दोस्तों के कारण अत्यधिक मानसिक तनाव में था। परिजनों का आरोप है कि जितेंद्र ने मरने से पहले दीवार पर जिन लोगों के नाम लिखे हैं, उन्होंने ही उसे जहर खिलाया है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और हर पहलू से जांच की जा रही है।