मंदसौर स्व-गणना में प्रदेश में नंबर-1 बना:पृथ्वी दिवस पर 19 हजार परिवारों ने भरे प्रपत्र, जल संरक्षण का संदेश
मंदसौर जिले ने स्व-गणना (Self Enumeration) में मध्य प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर, जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन अभियान के तहत 19,000 परिवारों ने स्व-गणना प्रपत्र भरकर जागरूकता का संदेश दिया। जिला प्रशासन ने कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में एक बड़ी कार्यशाला का आयोजन किया था। इसमें बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से स्व-गणना फॉर्म भरे, जिससे यह प्रक्रिया एक जनआंदोलन का रूप ले सकी। इस दौरान श्री सत्येंद्र राठौर ने नागरिकों को स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया, ताकि वे आसानी से ऑनलाइन फॉर्म भर सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल, सुरक्षित और पूर्णतः गोपनीय है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी समय ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से यह फॉर्म भर सकते हैं। यह पहल न केवल जनगणना प्रक्रिया को सशक्त बनाएगी, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करेगी। कलेक्टर ने जानकारी दी कि मंदसौर जिले ने अब तक 19,000 परिवारों द्वारा स्व-गणना प्रपत्र भरवाकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इसी के साथ, जिला मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इसे जिले के जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। कलेक्टर अदिति गर्ग ने आमजन से अपील की कि वे स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपने घर के स्थान (लोकेशन) को चिन्हित कर स्वयं यह प्रक्रिया पूर्ण करें और इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे दिए गए लिंक (https://se.census.gov.in) का उपयोग कर स्व-गणना फॉर्म अवश्य भरें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। पर्यावरण और जनगणना - दोनों के प्रति जागरूकता का संगम विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला ने न केवल जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि स्व-गणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में जनभागीदारी को भी नई दिशा दी।
मंदसौर जिले ने स्व-गणना (Self Enumeration) में मध्य प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर, जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन अभियान के तहत 19,000 परिवारों ने स्व-गणना प्रपत्र भरकर जागरूकता का संदेश दिया। जिला प्रशासन ने कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में एक बड़ी कार्यशाला का आयोजन किया था। इसमें बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से स्व-गणना फॉर्म भरे, जिससे यह प्रक्रिया एक जनआंदोलन का रूप ले सकी। इस दौरान श्री सत्येंद्र राठौर ने नागरिकों को स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया, ताकि वे आसानी से ऑनलाइन फॉर्म भर सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल, सुरक्षित और पूर्णतः गोपनीय है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी समय ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से यह फॉर्म भर सकते हैं। यह पहल न केवल जनगणना प्रक्रिया को सशक्त बनाएगी, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करेगी। कलेक्टर ने जानकारी दी कि मंदसौर जिले ने अब तक 19,000 परिवारों द्वारा स्व-गणना प्रपत्र भरवाकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इसी के साथ, जिला मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इसे जिले के जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। कलेक्टर अदिति गर्ग ने आमजन से अपील की कि वे स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपने घर के स्थान (लोकेशन) को चिन्हित कर स्वयं यह प्रक्रिया पूर्ण करें और इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे दिए गए लिंक (https://se.census.gov.in) का उपयोग कर स्व-गणना फॉर्म अवश्य भरें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। पर्यावरण और जनगणना - दोनों के प्रति जागरूकता का संगम विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला ने न केवल जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि स्व-गणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में जनभागीदारी को भी नई दिशा दी।