अशोकनगर में शव पैदल ले जाने पर एक्शन:रात में अस्पताल पहुंचे कलेक्टर; केयरटेकर को हटाया, पोस्टमार्टम इंचार्ज पर भी होगी कार्रवाई

अशोकनगर जिले के बहादुरपुर में किशोरी का शव पैदल ले जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। रविवार देर रात कलेक्टर साकेत मालवीय ने बहादुरपुर अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। लापरवाही सामने आने पर केयरटेकर को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है, जबकि पोस्टमार्टम इंचार्ज पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। रविवार देर रात कलेक्टर मालवीय मुंगावली एसडीएम इसरार खान और सीएमएचओ डॉ. अलका त्रिवेदी के साथ अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल परिसर और पोस्टमार्टम गृह का बारीकी से निरीक्षण किया। मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी लेने के बाद उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। प्रथम दृष्टया पोस्टमार्टम इंचार्ज की लापरवाही आई सामने कलेक्टर साकेत मालवीय ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया पोस्टमार्टम इंचार्ज की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इसके लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी को पत्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल के केयरटेकर को तत्काल प्रभाव से कार्य से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वाहन न होने पर अन्य जगह से करें व्यवस्था कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा शव को सम्मानपूर्वक घर तक पहुंचाने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में शव वाहन उपलब्ध नहीं है, वहां अन्य स्थानों से इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए भले ही कुछ समय इंतजार करना पड़े, लेकिन पोस्टमार्टम जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। वाहन न मिलने पर पैदल शव ले गए थे परिजन ग्राम खेरोदा चक्क निवासी 15 वर्षीय मन्तोबाई (पुत्री रामचरण आदिवासी) ने शनिवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शनिवार सुबह करीब 10 बजे बहादुरपुर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम पूरा हो गया था। दोपहर डेढ़ बजे तक शव वाहन न मिलने पर परिजन चादर में लपेटकर शव को पैदल ही ले जाने लगे थे। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से एक निजी वाहन से शव गांव भेजा गया। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए कलेक्टर ने अन्य कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए हैं।

May 4, 2026 - 07:44
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अशोकनगर में शव पैदल ले जाने पर एक्शन:रात में अस्पताल पहुंचे कलेक्टर; केयरटेकर को हटाया, पोस्टमार्टम इंचार्ज पर भी होगी कार्रवाई
अशोकनगर जिले के बहादुरपुर में किशोरी का शव पैदल ले जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। रविवार देर रात कलेक्टर साकेत मालवीय ने बहादुरपुर अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। लापरवाही सामने आने पर केयरटेकर को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है, जबकि पोस्टमार्टम इंचार्ज पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। रविवार देर रात कलेक्टर मालवीय मुंगावली एसडीएम इसरार खान और सीएमएचओ डॉ. अलका त्रिवेदी के साथ अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल परिसर और पोस्टमार्टम गृह का बारीकी से निरीक्षण किया। मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी लेने के बाद उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। प्रथम दृष्टया पोस्टमार्टम इंचार्ज की लापरवाही आई सामने कलेक्टर साकेत मालवीय ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया पोस्टमार्टम इंचार्ज की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इसके लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी को पत्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल के केयरटेकर को तत्काल प्रभाव से कार्य से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वाहन न होने पर अन्य जगह से करें व्यवस्था कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा शव को सम्मानपूर्वक घर तक पहुंचाने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में शव वाहन उपलब्ध नहीं है, वहां अन्य स्थानों से इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए भले ही कुछ समय इंतजार करना पड़े, लेकिन पोस्टमार्टम जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। वाहन न मिलने पर पैदल शव ले गए थे परिजन ग्राम खेरोदा चक्क निवासी 15 वर्षीय मन्तोबाई (पुत्री रामचरण आदिवासी) ने शनिवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शनिवार सुबह करीब 10 बजे बहादुरपुर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम पूरा हो गया था। दोपहर डेढ़ बजे तक शव वाहन न मिलने पर परिजन चादर में लपेटकर शव को पैदल ही ले जाने लगे थे। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से एक निजी वाहन से शव गांव भेजा गया। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए कलेक्टर ने अन्य कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए हैं।