इंदौर बाणगंगा पुलिस की अमानवीयता, बोली-तुम जानो तुम्हारा काम जाने:बाइक पर 9 घंटे में 25 किमी शव लेकर घूमे परिवार वाले, टीआई ने भी नहीं सुनी
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र के अलवासा गांव में करंट लगने से 21 वर्षीय अंकित फुलेरिया की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। परिजनों को बाइक पर शव लेकर तीन अस्पतालों (करीब 25 किमी) के चक्कर लगाने पड़े। दूसरे दिन मंगलवार को हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तब जाकर पोस्टमार्टम हो सका और युवक का अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के मुताबिक अंकित पिता दिनेश फुलेरिया को 11 मई को निर्माणाधीन मकान में सरिए की कटिंग के दौरान करंट लग गया था। गंभीर हालत में उसका ममेरा भाई नीलेश और अन्य लोग उसे बाइक से अरबिंदो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में बाणगंगा टीआई सियाराम सिंह गुर्जर से बात करने की कोशिश की गई पर वे बात करने को तैयार नहीं हुए। पोस्टमार्टम से इनकार कर शव ले गए परिजन अस्पताल प्रबंधन के अनुसार शव को मर्चुरी में रखने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन परिजन यह मानने को तैयार नहीं हुए कि युवक की मौत हो चुकी है। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव लेकर चले गए। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने बाणगंगा थाने को सूचना दी। आरोप है कि थाने के हेड कांस्टेबल ने यह कहकर जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया कि “अब तो शव ले गए हैं, तुम जानो तुम्हारा काम जाने।” अस्पताल प्रबंधन ने बातचीत की रिकॉर्डिंग होने का दावा भी किया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बाणगंगा टीआई सियाराम सिंह गुर्जर को भी तीन बार फोन लगाया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाणगंगा पुलिस ने सांवेर पुलिस की भी नहीं सुनी परिजन शव लेकर सांवेर के जैन अस्पताल पहुंचे। यहां भी डॉक्टरों ने चेक कर बता दिया कि युवक की मौत हो चुकी है। परिजनों ने यहां भी हंगामा किया तो अस्पताल प्रबंधन ने सांवेर पुलिस को मर्ग की सूचना दे दी। पुलिस पहुंची और पूछताछ की तो पता चला कि मामला बाणगंगा थाना क्षेत्र का है। सांवेर पुलिस ने बाणगंगा पुलिस को फोन लगाया, जिस नजरंदाज कर दिया गया। आखिर रात करीब 9 बजे परिजन फिर अरबिंदो अस्पताल लौटे और शव मर्चुरी में रखवाया गया। पोस्टमार्टम में देरी पर हंगामा मंगलवार को पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों ने नाराजगी जताई और हंगामा किया। इसके बाद बाणगंगा थाने से एक जवान मौके पर पहुंचा और आवश्यक कागजी कार्रवाई शुरू हुई, तब जाकर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके पहले भी हुई घटनाएं अरबिंदो अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बाणगंगा पुलिस की लापरवाही के कारण नाराज परिजन शव लेकर अस्पताल से चले गए थे। पुलिस का कहना है एडिशनल डीसीपी जोन-3 रामस्नेही मिश्रा ने कहा कि यदि शव को लेकर पुलिस स्तर पर लापरवाही हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र के अलवासा गांव में करंट लगने से 21 वर्षीय अंकित फुलेरिया की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। परिजनों को बाइक पर शव लेकर तीन अस्पतालों (करीब 25 किमी) के चक्कर लगाने पड़े। दूसरे दिन मंगलवार को हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तब जाकर पोस्टमार्टम हो सका और युवक का अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के मुताबिक अंकित पिता दिनेश फुलेरिया को 11 मई को निर्माणाधीन मकान में सरिए की कटिंग के दौरान करंट लग गया था। गंभीर हालत में उसका ममेरा भाई नीलेश और अन्य लोग उसे बाइक से अरबिंदो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में बाणगंगा टीआई सियाराम सिंह गुर्जर से बात करने की कोशिश की गई पर वे बात करने को तैयार नहीं हुए। पोस्टमार्टम से इनकार कर शव ले गए परिजन अस्पताल प्रबंधन के अनुसार शव को मर्चुरी में रखने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन परिजन यह मानने को तैयार नहीं हुए कि युवक की मौत हो चुकी है। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव लेकर चले गए। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने बाणगंगा थाने को सूचना दी। आरोप है कि थाने के हेड कांस्टेबल ने यह कहकर जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया कि “अब तो शव ले गए हैं, तुम जानो तुम्हारा काम जाने।” अस्पताल प्रबंधन ने बातचीत की रिकॉर्डिंग होने का दावा भी किया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बाणगंगा टीआई सियाराम सिंह गुर्जर को भी तीन बार फोन लगाया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाणगंगा पुलिस ने सांवेर पुलिस की भी नहीं सुनी परिजन शव लेकर सांवेर के जैन अस्पताल पहुंचे। यहां भी डॉक्टरों ने चेक कर बता दिया कि युवक की मौत हो चुकी है। परिजनों ने यहां भी हंगामा किया तो अस्पताल प्रबंधन ने सांवेर पुलिस को मर्ग की सूचना दे दी। पुलिस पहुंची और पूछताछ की तो पता चला कि मामला बाणगंगा थाना क्षेत्र का है। सांवेर पुलिस ने बाणगंगा पुलिस को फोन लगाया, जिस नजरंदाज कर दिया गया। आखिर रात करीब 9 बजे परिजन फिर अरबिंदो अस्पताल लौटे और शव मर्चुरी में रखवाया गया। पोस्टमार्टम में देरी पर हंगामा मंगलवार को पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों ने नाराजगी जताई और हंगामा किया। इसके बाद बाणगंगा थाने से एक जवान मौके पर पहुंचा और आवश्यक कागजी कार्रवाई शुरू हुई, तब जाकर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके पहले भी हुई घटनाएं अरबिंदो अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बाणगंगा पुलिस की लापरवाही के कारण नाराज परिजन शव लेकर अस्पताल से चले गए थे। पुलिस का कहना है एडिशनल डीसीपी जोन-3 रामस्नेही मिश्रा ने कहा कि यदि शव को लेकर पुलिस स्तर पर लापरवाही हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।