भिलाई में हमर क्लीनिक की स्टाफ नर्स ने की आत्महत्या:एक साल पहले हुई थी शादी, कमरे में मिला शव; कारण अब तक सामने नहीं आया
भिलाई में हमर क्लीनिक में काम करने वाली एक स्टाफ नर्स ने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। घटना जामुल थाना क्षेत्र के घासीदास नगर की है। मृतका की पहचान अहिवारा निवासी नेहा महिलांग के रूप में हुई है। वह पिछले करीब पांच साल से हमर क्लीनिक में स्टाफ नर्स के तौर पर काम कर रही थी। करीब एक साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। पुलिस के अनुसार, नेहा घासीदास नगर, जामुल में एक कमरे में रहती थी। इसी कमरे में उसका शव मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद जामुल पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया है। फिलहाल आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। पहले देखिए तस्वीरे… कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
घटना की जांच के दौरान पुलिस को कमरे से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेहा किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और घटना से पहले उसके साथ क्या हुआ था। पुलिस उसके मोबाइल फोन, बातचीत और आसपास की परिस्थितियों की भी जांच कर सकती है। इसके साथ ही हमर क्लीनिक में उसके साथ काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। पांच साल से स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी थी
नेहा पिछले करीब पांच साल से हमर क्लीनिक में स्टाफ नर्स के रूप में काम कर रही थी। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सुपेला अस्पताल भेजा है। वहां से शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
भिलाई में हमर क्लीनिक में काम करने वाली एक स्टाफ नर्स ने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। घटना जामुल थाना क्षेत्र के घासीदास नगर की है। मृतका की पहचान अहिवारा निवासी नेहा महिलांग के रूप में हुई है। वह पिछले करीब पांच साल से हमर क्लीनिक में स्टाफ नर्स के तौर पर काम कर रही थी। करीब एक साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। पुलिस के अनुसार, नेहा घासीदास नगर, जामुल में एक कमरे में रहती थी। इसी कमरे में उसका शव मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद जामुल पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया है। फिलहाल आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। पहले देखिए तस्वीरे… कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
घटना की जांच के दौरान पुलिस को कमरे से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेहा किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और घटना से पहले उसके साथ क्या हुआ था। पुलिस उसके मोबाइल फोन, बातचीत और आसपास की परिस्थितियों की भी जांच कर सकती है। इसके साथ ही हमर क्लीनिक में उसके साथ काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। पांच साल से स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी थी
नेहा पिछले करीब पांच साल से हमर क्लीनिक में स्टाफ नर्स के रूप में काम कर रही थी। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सुपेला अस्पताल भेजा है। वहां से शव परिजनों को सौंपा जाएगा।