फर्जी ट्रांसफर केस, भाजपा महामंत्री का बेटा भी अरेस्ट:बोला- पिता के कहने पर दोस्त से टाइप करवाया, कंप्यूटर-ऑपरेटर भी आरोपी; 6 अरेस्ट

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर तैयार कर इस्तेमाल करने के मामले में पलारी पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी के बेटे प्रणव अवस्थी और उसका दोस्त कंप्यूटर ऑपरेटर प्रखर कश्यप भी शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि कृष्णा अवस्थी के कहने पर उनके बेटे प्रणव अवस्थी ने दोस्त प्रखर कश्यप से फर्जी तबादला पत्र टाइप करवाया था। प्रणव ने पुलिस को बताया कि उसने अपने पिता के निर्देश पर यह काम किया था। वहीं, कंप्यूटर ऑपरेटर प्रखर कश्यप ने बताया कि प्रणव के कहने पर उसने पत्र टाइप किया था। उसका कहना है कि उसे पत्र के फर्जी होने या इसके इस्तेमाल की जानकारी नहीं थी। उसने दोस्ती के नाते पत्र टाइप किया था। बता दें कि फर्जी तबादला पत्र पलारी ब्लॉक के रोहासी अस्पताल में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA) करण देवांगन से संबंधित था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी पत्र तैयार कराने और उसके इस्तेमाल में और कौन-कौन लोग शामिल थे। देखिए पहले ये तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, यह मामला स्वास्थ्य विभाग के फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर से जुड़ा है। फर्जी आदेश में करण देवांगन का तबादला रोहांसी PHC से मोपरा PHC किया जाना बताया गया था। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, आदेश पर CMHO डॉ. राजेश अवस्थी के जाली हस्ताक्षर किए गए थे। 17 अगस्त को फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर की कॉपी व्हाट्सऐप के जरिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंची। दस्तावेज की जांच कराई गई तो आदेश नकली निकला। इसके बाद BMO डॉ. पंकज वर्मा की शिकायत पर थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को कसडोल RMA रवि सेन, भाजपा जिला उपाध्यक्ष पुनी राम पटेल, BJP जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, उनके बेटे प्रणव अवस्थी और प्रणव के दोस्त कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका के बारे में जानकारी मिली। करीब 1 लाख रुपए के लेन-देन का खुलासा पुलिस जांच में करीब 1 लाख रुपए के लेन-देन की भी बात सामने आई है। जांच के मुताबिक कृष्णा अवस्थी ने अपने बेटे प्रणव के खाते में 70 हजार रुपए ट्रांसफर कराए थे। बाकी रकम भाजपा नेता पुनी राम पटेल को दिए जाने की बात सामने आई है। ऑनलाइन पैसे देकर लिया फर्जी तबादला पत्र पुलिस के अनुसार, आरएमए करण देवांगन ने फर्जी तबादला पत्र हासिल करने के लिए ऑनलाइन पैसे दिए थे। मामले में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करण देवांगन ने पूछताछ में एक और अहम जानकारी दी है। बड़े भाजपा नेता के घर ले जाने का दावा उसके अनुसार, फर्जी तबादला पत्र की पुष्टि होने के बाद गिरफ्तार भाजपा नेताओं ने उसे बलौदाबाजार से करीब 25 किलोमीटर दूर एक बड़े भाजपा नेता के घर ले जाकर मुलाकात कराई थी। फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। सभी आरोपियों को जेल भेजा इसके अलावा पुलिस ने प्रखर कश्यप के कब्जे से कंप्यूटर और प्रिंटर जब्त किया है। पुलिस अब फर्जी तबादला पत्र तैयार करने से लेकर उसके इस्तेमाल तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। साथ ही, इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है। भाजपा ने पद से हटाया मामले में भाजपा ने अपने दोनों पदाधिकारियों कृष्णा अवस्थी और पुनी राम पटेल को संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। हालांकि, दोनों को पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया है। …………….……………. इस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में 4 लाख में बने फर्जी निवास प्रमाणपत्र: CRPF में भर्ती होने दूसरे राज्यों के कैंडिडेट्स ने बनवाए फेक सर्टिफिकेट, कई कर रहे नौकरी छत्तीसगढ़ में फर्जी निवास प्रमाण पत्र के जरिए CRPF में भर्ती होने वाले जवान की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा है। पुलिस ने फेक सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह फर्जी निवास प्रमाणपत्र बलरामपुर तहसील से जारी किया गया था। इस मामले में पहले ही बलरामपुर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। पढ़ें पूरी खबर…

Aug 24, 2026 - 08:33
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फर्जी ट्रांसफर केस, भाजपा महामंत्री का बेटा भी अरेस्ट:बोला- पिता के कहने पर दोस्त से टाइप करवाया, कंप्यूटर-ऑपरेटर भी आरोपी; 6 अरेस्ट
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर तैयार कर इस्तेमाल करने के मामले में पलारी पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी के बेटे प्रणव अवस्थी और उसका दोस्त कंप्यूटर ऑपरेटर प्रखर कश्यप भी शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि कृष्णा अवस्थी के कहने पर उनके बेटे प्रणव अवस्थी ने दोस्त प्रखर कश्यप से फर्जी तबादला पत्र टाइप करवाया था। प्रणव ने पुलिस को बताया कि उसने अपने पिता के निर्देश पर यह काम किया था। वहीं, कंप्यूटर ऑपरेटर प्रखर कश्यप ने बताया कि प्रणव के कहने पर उसने पत्र टाइप किया था। उसका कहना है कि उसे पत्र के फर्जी होने या इसके इस्तेमाल की जानकारी नहीं थी। उसने दोस्ती के नाते पत्र टाइप किया था। बता दें कि फर्जी तबादला पत्र पलारी ब्लॉक के रोहासी अस्पताल में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA) करण देवांगन से संबंधित था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी पत्र तैयार कराने और उसके इस्तेमाल में और कौन-कौन लोग शामिल थे। देखिए पहले ये तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, यह मामला स्वास्थ्य विभाग के फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर से जुड़ा है। फर्जी आदेश में करण देवांगन का तबादला रोहांसी PHC से मोपरा PHC किया जाना बताया गया था। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, आदेश पर CMHO डॉ. राजेश अवस्थी के जाली हस्ताक्षर किए गए थे। 17 अगस्त को फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर की कॉपी व्हाट्सऐप के जरिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंची। दस्तावेज की जांच कराई गई तो आदेश नकली निकला। इसके बाद BMO डॉ. पंकज वर्मा की शिकायत पर थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को कसडोल RMA रवि सेन, भाजपा जिला उपाध्यक्ष पुनी राम पटेल, BJP जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, उनके बेटे प्रणव अवस्थी और प्रणव के दोस्त कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका के बारे में जानकारी मिली। करीब 1 लाख रुपए के लेन-देन का खुलासा पुलिस जांच में करीब 1 लाख रुपए के लेन-देन की भी बात सामने आई है। जांच के मुताबिक कृष्णा अवस्थी ने अपने बेटे प्रणव के खाते में 70 हजार रुपए ट्रांसफर कराए थे। बाकी रकम भाजपा नेता पुनी राम पटेल को दिए जाने की बात सामने आई है। ऑनलाइन पैसे देकर लिया फर्जी तबादला पत्र पुलिस के अनुसार, आरएमए करण देवांगन ने फर्जी तबादला पत्र हासिल करने के लिए ऑनलाइन पैसे दिए थे। मामले में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करण देवांगन ने पूछताछ में एक और अहम जानकारी दी है। बड़े भाजपा नेता के घर ले जाने का दावा उसके अनुसार, फर्जी तबादला पत्र की पुष्टि होने के बाद गिरफ्तार भाजपा नेताओं ने उसे बलौदाबाजार से करीब 25 किलोमीटर दूर एक बड़े भाजपा नेता के घर ले जाकर मुलाकात कराई थी। फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। सभी आरोपियों को जेल भेजा इसके अलावा पुलिस ने प्रखर कश्यप के कब्जे से कंप्यूटर और प्रिंटर जब्त किया है। पुलिस अब फर्जी तबादला पत्र तैयार करने से लेकर उसके इस्तेमाल तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। साथ ही, इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है। भाजपा ने पद से हटाया मामले में भाजपा ने अपने दोनों पदाधिकारियों कृष्णा अवस्थी और पुनी राम पटेल को संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। हालांकि, दोनों को पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया है। …………….……………. इस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में 4 लाख में बने फर्जी निवास प्रमाणपत्र: CRPF में भर्ती होने दूसरे राज्यों के कैंडिडेट्स ने बनवाए फेक सर्टिफिकेट, कई कर रहे नौकरी छत्तीसगढ़ में फर्जी निवास प्रमाण पत्र के जरिए CRPF में भर्ती होने वाले जवान की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा है। पुलिस ने फेक सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह फर्जी निवास प्रमाणपत्र बलरामपुर तहसील से जारी किया गया था। इस मामले में पहले ही बलरामपुर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। पढ़ें पूरी खबर…