एसआईआर नोटिस विवाद: भाजपा नेता, प्रधान पर FIR:सपा नेता रामफेर यादव की शिकायत पर डुमरियागंज में मुकदमा दर्ज

डुमरियागंज के भनवापुर ब्लॉक स्थित महतिनिया खुर्द गांव में एसआईआर नोटिस वितरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। समाजवादी पार्टी के ब्लॉक प्रभारी रामफेर यादव की तहरीर पर भाजपा नेता लवकुश ओझा और ग्राम प्रधान लालजी शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई 13 फरवरी की देर शाम डुमरियागंज थाने में बीएनएस की धारा 352 और 351(3) के तहत की गई। यह विवाद गांव के लगभग 250 लोगों को जारी एसआईआर नोटिस के वितरण से संबंधित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि बीएलओ ने नोटिस समय पर वितरित नहीं किए, जिससे पात्र लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। ग्रामीणों की शिकायत पर रामफेर यादव ने बीएलओ सुदामा यादव से फोन पर संपर्क कर नोटिस तुरंत बांटने का आग्रह किया था। इसी क्रम में, लवकुश ओझा और रामफेर यादव के बीच फोन पर हुई बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस ऑडियो में दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस सुनी जा सकती है। वायरल ऑडियो के अनुसार, लवकुश ओझा ने कथित तौर पर रामफेर यादव से पूछा, "तुम बीएलओ से उल्टा-सीधा क्यों बात कर रहे थे? मैं जान ही नहीं पाया कौन बात कर रहा है, नहीं तो घुस जाता।" रामफेर यादव ने जवाब दिया कि उन्होंने केवल नोटिस बांटने की बात कही थी। इसके बाद बहस और तीखी हो गई। ऑडियो में ओझा ने कथित तौर पर यह भी कहा, "नौटंकी करोगे तो घिर्रा के मारूंगा, दिमाग सही हो जाएगा तुम्हारा।" उन्होंने आगे कहा, "गवर्नर हो गए हो क्या? दो मिनट में निकाल लेंगे… एक मिनट में सुधर जाओगे, सारी नौटंकी निकाल दूंगा।" रामफेर यादव ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि फोन पर उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और उन्हें जानबूझकर धमकाने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम प्रधान लालजी शुक्ला ने भी फोन पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।

एसआईआर नोटिस विवाद: भाजपा नेता, प्रधान पर FIR:सपा नेता रामफेर यादव की शिकायत पर डुमरियागंज में मुकदमा दर्ज
डुमरियागंज के भनवापुर ब्लॉक स्थित महतिनिया खुर्द गांव में एसआईआर नोटिस वितरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। समाजवादी पार्टी के ब्लॉक प्रभारी रामफेर यादव की तहरीर पर भाजपा नेता लवकुश ओझा और ग्राम प्रधान लालजी शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई 13 फरवरी की देर शाम डुमरियागंज थाने में बीएनएस की धारा 352 और 351(3) के तहत की गई। यह विवाद गांव के लगभग 250 लोगों को जारी एसआईआर नोटिस के वितरण से संबंधित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि बीएलओ ने नोटिस समय पर वितरित नहीं किए, जिससे पात्र लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। ग्रामीणों की शिकायत पर रामफेर यादव ने बीएलओ सुदामा यादव से फोन पर संपर्क कर नोटिस तुरंत बांटने का आग्रह किया था। इसी क्रम में, लवकुश ओझा और रामफेर यादव के बीच फोन पर हुई बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस ऑडियो में दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस सुनी जा सकती है। वायरल ऑडियो के अनुसार, लवकुश ओझा ने कथित तौर पर रामफेर यादव से पूछा, "तुम बीएलओ से उल्टा-सीधा क्यों बात कर रहे थे? मैं जान ही नहीं पाया कौन बात कर रहा है, नहीं तो घुस जाता।" रामफेर यादव ने जवाब दिया कि उन्होंने केवल नोटिस बांटने की बात कही थी। इसके बाद बहस और तीखी हो गई। ऑडियो में ओझा ने कथित तौर पर यह भी कहा, "नौटंकी करोगे तो घिर्रा के मारूंगा, दिमाग सही हो जाएगा तुम्हारा।" उन्होंने आगे कहा, "गवर्नर हो गए हो क्या? दो मिनट में निकाल लेंगे… एक मिनट में सुधर जाओगे, सारी नौटंकी निकाल दूंगा।" रामफेर यादव ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि फोन पर उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और उन्हें जानबूझकर धमकाने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम प्रधान लालजी शुक्ला ने भी फोन पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।