कानपुर में हज यात्रियों का प्रशिक्षण:668 लोग शहर से जायेंगे मदीना, 350 से अधिक ने ली ट्रेनिंग

कानपुर में हज 2026 की तैयारियों के अंतर्गत तंजीम खुद्दाम आज़मीने हज द्वारा दूसरा हज प्रशिक्षण शिविर ग़रीब नवाज़ मैरिज हॉल, बांसमंडी में आयोजित किया गया। ट्रेनिंग के लिए 350 लोग पहुंचे । शहर से 668 लोग हज के सफर पर जा रहें हैं। जिनमें से 331 महिलाएं शामिल हैं। 64 ऐसे यात्री है, जिनकी उम्र 65 साल से उम्र है। प्रशिक्षण शिविर में अब्दुल हई हाशमी साहब ने हज यात्रियों को एहराम बांधने की विधि समझाई और उसका अभ्यास भी कराया। भारत सरकार की हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा नियुक्त हज प्रशिक्षक आतिफ सिद्दीकी और मोहम्मद इरफान ने हज यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि लखनऊ से जाने वाली शुरुआती उड़ान मदीना मुनव्वरा के लिए रवाना होगी। मदीना एयरपोर्ट से हज यात्रियों को बसों द्वारा होटलों तक ले जाया जाएगा। होटल में कुछ देर विश्राम करने के बाद साफ-सफाई और वज़ू करके मस्जिद-ए-नबवी में नमाज़ अदा करने की सलाह दी गई। रियाज़ुल जन्नत और असहाबे सुफ़्फा में अधिक से अधिक नमाज़ पढ़ने तथा मस्जिद-ए-नबवी में लगातार 40 समय की फ़र्ज़ नमाज़ जमाअत के साथ अदा करने पर विशेष ज़ोर दिया गया। साथ ही ज़ियारत के दौरान मस्जिद-ए-क़ुबा में नफ़्ल नमाज़ अदा करने की भी सलाह दी गई। मुफ्ती इक़बाल क़ासिमी साहब ने बताया कि हज तीन प्रकार के होते हैं, हज इफ़राद, हज क़िरान और हज तमत्तो। उन्होंने कहा कि भारत से जाने वाले अधिकतर हज यात्री हज तमत्तो अदा करते हैं, जो 8 ज़िलहिज्जा से 12 ज़िलहिज्जा के बीच पूरा किया जाता है। इसमें मीना, अराफात और मुज़दलिफ़ा में रुकना, जमरात में कंकरी मारना और बाल कटवाना शामिल है। इस अवसर पर खादिमुल हुज्जाज सरदार अहमद खान और मोहम्मद हमीदुल्ला जी ने हज यात्रियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद नुजैम, मोहम्मद नफीस, शकील अहमद, कमाल अहमद सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

कानपुर में हज यात्रियों का प्रशिक्षण:668 लोग शहर से जायेंगे मदीना, 350 से अधिक ने ली ट्रेनिंग
कानपुर में हज 2026 की तैयारियों के अंतर्गत तंजीम खुद्दाम आज़मीने हज द्वारा दूसरा हज प्रशिक्षण शिविर ग़रीब नवाज़ मैरिज हॉल, बांसमंडी में आयोजित किया गया। ट्रेनिंग के लिए 350 लोग पहुंचे । शहर से 668 लोग हज के सफर पर जा रहें हैं। जिनमें से 331 महिलाएं शामिल हैं। 64 ऐसे यात्री है, जिनकी उम्र 65 साल से उम्र है। प्रशिक्षण शिविर में अब्दुल हई हाशमी साहब ने हज यात्रियों को एहराम बांधने की विधि समझाई और उसका अभ्यास भी कराया। भारत सरकार की हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा नियुक्त हज प्रशिक्षक आतिफ सिद्दीकी और मोहम्मद इरफान ने हज यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि लखनऊ से जाने वाली शुरुआती उड़ान मदीना मुनव्वरा के लिए रवाना होगी। मदीना एयरपोर्ट से हज यात्रियों को बसों द्वारा होटलों तक ले जाया जाएगा। होटल में कुछ देर विश्राम करने के बाद साफ-सफाई और वज़ू करके मस्जिद-ए-नबवी में नमाज़ अदा करने की सलाह दी गई। रियाज़ुल जन्नत और असहाबे सुफ़्फा में अधिक से अधिक नमाज़ पढ़ने तथा मस्जिद-ए-नबवी में लगातार 40 समय की फ़र्ज़ नमाज़ जमाअत के साथ अदा करने पर विशेष ज़ोर दिया गया। साथ ही ज़ियारत के दौरान मस्जिद-ए-क़ुबा में नफ़्ल नमाज़ अदा करने की भी सलाह दी गई। मुफ्ती इक़बाल क़ासिमी साहब ने बताया कि हज तीन प्रकार के होते हैं, हज इफ़राद, हज क़िरान और हज तमत्तो। उन्होंने कहा कि भारत से जाने वाले अधिकतर हज यात्री हज तमत्तो अदा करते हैं, जो 8 ज़िलहिज्जा से 12 ज़िलहिज्जा के बीच पूरा किया जाता है। इसमें मीना, अराफात और मुज़दलिफ़ा में रुकना, जमरात में कंकरी मारना और बाल कटवाना शामिल है। इस अवसर पर खादिमुल हुज्जाज सरदार अहमद खान और मोहम्मद हमीदुल्ला जी ने हज यात्रियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद नुजैम, मोहम्मद नफीस, शकील अहमद, कमाल अहमद सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।