सिद्धार्थनगर में 14 मार्च को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत:सफल बनाने के लिए दो चरणों में हुई बैठकें, लंबित मामलों की सूची तैयार करने के दिए निर्देश

आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दो चरणों में प्री-ट्रायल बैठकें कीं। पहली बैठक दोपहर 1:30 बजे न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई, जबकि दूसरी बैठक शाम 4:30 बजे प्रशासनिक अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों के साथ संपन्न हुई। बैठकों की अध्यक्षता जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय ने की। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने न्यायालयों में लंबित और विचाराधीन मामलों की सूची तैयार करें। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक प्रकरणों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित करना है, ताकि उनका आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जा सके। इन बैठकों में चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन अधिनियम से जुड़े मामले, बैंक ऋण वसूली, बिजली बिल विवाद, श्रम संबंधी प्रकरण और अन्य सिविल प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि वे ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित पक्षों को लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए प्रेरित करें, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो सके। पहली बैठक में अपर जनपद न्यायाधीश मोहम्मद रफी, अपर जनपद न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी बीरेन्द्र कुमार, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट मनोज कुमार तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुभव कटियार, सिविल जज पंकज और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अरुण कुमार-चतुर्थ सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। दूसरी बैठक में अपर जिलाधिकारी डॉ. ज्ञानप्रकाश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद, उप प्रभागीय वनाधिकारी वीना तिवारी, उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शेषभान गौतम, एआरटीओ चम्पालाल, विभिन्न बैंकों के प्रबंधक, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह, बीएसएनएल के उपमंडल अभियंता राजमणि गुप्ता, श्रम विभाग, यातायात पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में सभी विभागों से आह्वान किया गया कि वे अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत के लिए चिन्हित कर उनके निस्तारण को सुनिश्चित करें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से भी अपील की है कि वे 14 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाकर अपने मामलों का त्वरित समाधान कराएं।

सिद्धार्थनगर में 14 मार्च को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत:सफल बनाने के लिए दो चरणों में हुई बैठकें, लंबित मामलों की सूची तैयार करने के दिए निर्देश
आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दो चरणों में प्री-ट्रायल बैठकें कीं। पहली बैठक दोपहर 1:30 बजे न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई, जबकि दूसरी बैठक शाम 4:30 बजे प्रशासनिक अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों के साथ संपन्न हुई। बैठकों की अध्यक्षता जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय ने की। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने न्यायालयों में लंबित और विचाराधीन मामलों की सूची तैयार करें। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक प्रकरणों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित करना है, ताकि उनका आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जा सके। इन बैठकों में चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन अधिनियम से जुड़े मामले, बैंक ऋण वसूली, बिजली बिल विवाद, श्रम संबंधी प्रकरण और अन्य सिविल प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि वे ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित पक्षों को लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए प्रेरित करें, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो सके। पहली बैठक में अपर जनपद न्यायाधीश मोहम्मद रफी, अपर जनपद न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी बीरेन्द्र कुमार, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट मनोज कुमार तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुभव कटियार, सिविल जज पंकज और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अरुण कुमार-चतुर्थ सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। दूसरी बैठक में अपर जिलाधिकारी डॉ. ज्ञानप्रकाश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद, उप प्रभागीय वनाधिकारी वीना तिवारी, उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शेषभान गौतम, एआरटीओ चम्पालाल, विभिन्न बैंकों के प्रबंधक, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह, बीएसएनएल के उपमंडल अभियंता राजमणि गुप्ता, श्रम विभाग, यातायात पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में सभी विभागों से आह्वान किया गया कि वे अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत के लिए चिन्हित कर उनके निस्तारण को सुनिश्चित करें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से भी अपील की है कि वे 14 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाकर अपने मामलों का त्वरित समाधान कराएं।