छत्तीसगढ़ के कोरबा में न्यूज एंकर सलमा सुल्ताना की हत्या के आरोपी जिम संचालक मधुर साहू के कम्प्यूटर की हार्डडिस्क में कई फोल्डर थे। सामान्य नामों से सेव की गई फाइलों को जब खोला गया तो सभी सन्न रह गए। उनमें अलग-अलग लड़कियों के साथ उसकी न्यूड और आपत्तिजनक तस्वीरें मौजूद थीं। यह खुलासा किसी जांच एजेंसी ने नहीं, बल्कि उसी युवती ने किया जिसने कभी उसी जिम में कम्प्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम किया था और जो खुद भी एक समय मधुर साहू के साथ रिश्ते में थी। मधुर से सवाल करने पर जवाब मिला कि ये तो मेरा पास्ट है। लेकिन डिंपल के मुताबिक ये मामला केवल पास्ट तक सीमित नहीं था। बल्कि तस्वीरों की संख्या और फोल्डरों से उसे लगा कि ये मधुर की आदत का हिस्सा था। कोर्ट में दर्ज उसके बयान के अनुसार, यहीं से रिश्तों में शक, नियंत्रण और टकराव की वह परत खुलनी शुरू हुई, जिसने आगे चलकर सलमा की जिंदगी छीन ली। गवाह के मुताबिक, सलमा को रास्ते से हटाने के लिए सुपारी देने की कोशिश भी की गई थी। इतना ही नहीं, हत्या के बाद आरोपी ने उसके सामने यह तक कहा- मैंने पुलिस से सेटिंग कर ली है। पहले देखिए ये तस्वीरें- हार्ड डिस्क में कई लड़कियों की न्यूड तस्वीरें डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने बताया कि वह वर्ष 2017 से 2018 तक मधुर साहू के जिम और प्रोटीन वर्ल्ड की दुकान में कम्प्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम कर रही थी। नौकरी के दौरान ही उसके और मधुर के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों रिश्ते में आ गए। डिंपल के मुताबिक, उसी दौरान उसने पहली बार मधुर के कम्प्यूटर में मौजूद उन फोल्डरों को देखा था। फाइलों के नाम साधारण थे, लेकिन अंदर अलग-अलग लड़कियों के साथ उसकी न्यूड तस्वीरें और निजी वीडियो क्लिप्स सेव थे। कुछ फोल्डर प्रोटेक्टेड थे। जब डिंपल ने इसका विरोध किया, तो मधुर ने इसे पुरानी बातें कहकर टाल दिया। उसने कहा कि यह सब उसके अतीत का हिस्सा है। डिंपल ने बताया मैंने उसी समय मधुर साहू से साफ शब्दों में कह दिया था कि मैं अब उसके साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती और उससे पूरी तरह दूरी बनाना चाहती हूं। इस पर वह भड़क गया और धमकी भरे लहजे में बोला कि मैं उससे दूर नहीं जा सकती। उसने कहा कि तुम लड़की हो, अगर मुझसे अलग होने की कोशिश की तो मैं तुम्हें कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ूंगा। उसकी बातों में डराने और बदनाम करने की धमकी छिपी हुई थी। यहां से हुई सलमा की एंट्री उसी दौरान जिम में सलमा का आना-जाना शुरू हुआ। डिंपल ने बताया कि बातचीत और व्यवहार से उसे एहसास हुआ कि मधुर और सलमा के बीच भी संबंध हैं। मैं मधुर साहू से दूर जाना चाहती थी, इसलिए दूसरे काम की तलाश के संबंध में सलमा से बात की। इसी दौरान मुझे पता चला कि मधुर साहू और सलमा लिव इन रिलेशलन में शारदा विहार में मधुर साहू के घर पर रहते हैं। डिंपल का कहना है कि समय के साथ मधुर का व्यवहार उसके प्रति बदलने लगा। वह उसे नजरअंदाज करने लगा। जिम में सलमा के आने के बाद उसका ज्यादातर समय उसी के साथ बीतता। डिंपल के मुताबिक, वह नियंत्रण की प्रवृत्ति रखता था। जो भी लड़की उसके करीब आती, वह उस पर अधिकार जताने लगता। घर में काम करने वाली सहयोगी विमला भी जिम और उससे जुड़े घर में आती-जाती थी। डिंपल के अनुसार, विमला ने कई बार मधुर और सलमा के बीच झगड़े की आवाजें सुनी थीं। पैसे के लेन-देन को लेकर भी तनाव था। मधुर पर आरोप था कि उसने सलमा के नाम से लोन लिया था और किस्तें जमा करता रहा, जबकि सलमा धीरे-धीरे उससे दूरी बनाने की कोशिश कर रही थी। डिंपल का कहना है कि अक्टूबर 2018 के आसपास माहौल असामान्य हो गया था। मधुर बेचैन रहने लगा था। कई बार देर रात फोन कॉल्स, बंद कमरे में बातचीत और अचानक गुस्सा ये सब बढ़ गया था। एक दिन उसने डिंपल से कहा कि अगर कोई भी उससे दूर जाने की कोशिश करेगा तो उसका अंजाम ठीक नहीं होगा। डिंपल के बयान के मुताबिक, जिस दिन घटना हुई उससे पहले जिम में तनावपूर्ण बातचीत हुई थी। सलमा किसी बात पर नाराज थी। वह जिम से निकलकर चली गई। उसके बाद क्या हुआ, यह वही कड़ी है, जो बाद में पुलिस जांच में सामने आई, लेकिन डिंपल के अनुसार उस समय तक हालात इतने बिगड़ चुके थे। किसी अनहोनी की आशंका साफ महसूस होने लगी थी। जिस दिन सलमा की हत्या हुई… अक्टूबर 2018, दशहरे के एक-दो दिन बाद, सलमा ने डिंपल को फोन कर शारदा विहार स्थित घर बुलाया। उसने कहा कि उसकी स्कूटी कुसमुंडा वाले घर में है, इसलिए उसे वहां छोड़ देना। जब डिंपल घर पहुंची तो कामकाजी सहयोगी विमला (काल्पनिक नाम) की तबीयत खराब थी। सलमा ने नाश्ता बनाने को कहा और डिंपल ने चीला बनाकर दिया। इसी दौरान सलमा और मधुर साहू के बीच इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई कि उसे कुसमुंडा छोड़ने कौन जाएगा। मधुर तैयार नहीं था, इसलिए डिंपल ही सलमा को छोड़ने गई। रास्ते में दोनों के बीच फोन पर बहस होती रही। सलमा को घर छोड़कर डिंपल वापस शारदा विहार लौटी। वहां मधुर और विमला के साथ बैठकर नाश्ता कर रही थी कि तभी सलमा फिर आ गई। उसने विमला को डांटा और अंदर भेज दिया। डिंपल पीछे आंगन में बर्तन धोने गई थी, तभी अंदर से झगड़े और मारपीट की आवाजें आने लगीं। अंदर पहुंचने पर उसने देखा कि मधुर सलमा का गला दबा रहा है। दोनों ने मिलकर छुड़ाया। सलमा की सांस तेज चल रही थी, उसे पानी पिलाया गया। कुछ देर बाद सलमा ने कहा कि वह थाने में रिपोर्ट करेगी। डिंपल के मुताबिक उसने सलमा से वहां से चले जाने को कहा, लेकिन सलमा हॉल में ही मधुर से उलझती रही। तभी मधुर ने दोबारा हमला किया और बिस्तर पर गिराकर गला दबाने लगा। इस बीच कौशल श्रीवास भी आ गया। कुछ देर बाद जब डिंपल और विमला बाहर आईं तो देखा कि मधुर सलमा के ऊपर बैठा गला दबा रहा था और कौशल तकिए से उसका मुंह दबाए हुए था। मैं डरी हुई थी,उसी दौरान में पीछे के लगे गेट से मदद के लिए जा रही थी तब कौशल ने देख लिया और मुझे झटकार कर डांटते हुए पीछे हटा दिया। तब में खिड़की के तरफ गई। उसी समय मधुर साहू ने कहा कि तुम चुपचाप बैठ जाओ वरना तुम्हारा भी हाल यही हो जाएगा। कौशल ने पीछे वाले गेट में ताला जड़ दिया था। दरवाजे की वह आवाज आज भी मेरे कानों में गूंजती है। मुझे लगा अब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। डर के मारे मेरे पैर कांप रहे थे। मैं फ्रिज के पास दीवार से सटकर बैठ गई। कमरे में सन्नाटा फैल चुका था। सलमा जो कुछ देर पहले तक जो हाथ-पांव मार रही थी, उसकी हरकतें अब पूरी तरह से बंद हो गई थी। हत्या के बाद हाथ में सिगरेट और गाना…तुझसे नाराज नहीं जिंदगी डिंपल ने बताया कि थोड़ी देर बाद जो हुआ, उसने मुझे भीतर तक हिला दिया। मधुर साहू ने सलमा की लाश को अपने बाएं हाथ से थाम रखा था। दाएं हाथ में सिगरेट थी। वह कश ले रहा था और धीमे आवाज में…तुझसे नाराज नहीं जिंदगी गुनगुना रहा था। वही गीत जो सलमा अक्सर सुनती थी। उस पल कमरे में किसी इंसान की नहीं, एक खौफनाक खामोशी की मौजूदगी थी। मैं हिम्मत जुटाकर विमला के कमरे में भागी और उसे बताया कि मधुर ने सलमा को मार दिया है। यह कहते हुए मेरी आवाज कांप रही थी। हम दोनों जोर-जोर से रोने लगे। तभी मधुर अंदर आया। उसने हमें डांटा, चुप कराया और धमकी दी कि अगर हमने किसी को कुछ भी बताया तो पूरा इल्जाम हमारे सिर डाल देगा। जैसा मैं कहूं, वैसा ही करना,उसने सख्त लहजे में कहा। उसने सलमा की स्कूटी की चाबी मेरे हाथ में थमा दी और कहा कि कुसमुंडा उसके घर जाकर स्कूटी छोड़ आओ। अगर घरवाले पूछें तो कह देना कि सलमा खुद आई थी और चाबी देकर चली गई। डर ने हमारी सोचने-समझने की ताकत छीन ली थी। मैं और विमला स्कूटी लेकर कुसमुंडा पहुंचे। वहां घर के बाहर भीड़ थी। परिवार वाले स्कूटी को लेकर परेशान थे। हमने चाबी सौंप दी और वही बात दोहरा दी जो हमें सिखाई गई थी। फिर बस पकड़कर वापस शारदा विहार लौट आए। घर पहुंचते ही मधुर ने सलमा का मोबाइल हमें दिया। उसने कहा कि अपने-अपने फोन घर में छोड़कर सलमा का फोन लेकर रेलवे स्टेशन जाओ, वहां से उसके परिचित को मैसेज भेजो कि वह जा रही है और परेशान न किया जाए, फिर फोन स्विच ऑफ कर देना। ताकि लोकेशन रेलवे स्टेशन की मिले। डर के साए में हमने वही किया। जब हम विमला के घर पहुंचे ही थे कि मधुर का फोन आया। उसने मुझे गंगाश्री जिम के सामने बुलाया। कुछ ही देर में वह अपनी सफेद क्रेटा से वहां आया और मुझे आगे की सीट पर बैठने को कहा। जैसे ही मैंने पीछे मुड़कर देखा, पिछली सीट पर सलमा की लाश रखी थी। मेरी सांस अटक गई। मधुर ने बिना मेरी ओर देखे कहा “चुप रहना, वरना अंजाम तुम जानती हो।” रास्ते में वह किसी से फोन पर बात कर रहा था-रास्ता क्लियर है? चेकपोस्ट पर कोई तो नहीं? कुछ दूरी पर उसने मुझे उतार दिया और कहा कि सीधे घर जाओ और मुंह मत खोलना। मैं घर लौट आई। उस रात मैं कुछ भी बोल नहीं पाई। गवाह के सामने बोला- मैंने पुलिस से सेटिंग कर ली है अगले दिन फिर डिंपल को बुलाया गया। घर पर मधुर, कौशल और विमला मौजूद थे। उसने बताया कि सलमा के घरवालों ने स्कूटी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है और हमें थाने जाकर वही बयान देना है जो उसने सिखाया है। मैं मन ही मन तय कर चुकी थी कि थाने में सच बता दूंगी। लेकिन रास्ते में मधुर कौशल से कह रहा था कि उसने पुलिस से सेटिंग कर ली है और पैसे भी दे दिए हैं। ये सुनकर मेरा हौसला टूट गया। मुझे लगा अगर मैंने कुछ कहा तो मेरा भी वही हाल होगा। थाने में हमने वही बयान दिया जो सिखाया गया था। वहां से लौटकर मैं भीतर से टूट चुकी थी। घर पहुंचने के बाद मैं सदमे में चली गई। मैं सर्वमंगला पुल के पास तक चली गई थी, यह सोचकर कि सब खत्म कर दूं। लेकिन आखिरी क्षण में रुक गई। मेरी हालत देखकर मधुर, कौशल और विमला मुझे अंबिकापुर एक बैगा के पास ले गए, जहां मेरा झाड़-फूंक कराया गया। लौटने के बाद मैंने मधुर से दूरी बना ली। समय बीतता गया, मैं अपनी दिनचर्या में व्यस्त होने की कोशिश करती रही, लेकिन उस दिन की हर आवाज, हर दृश्य मेरे भीतर जिंदा रहा। एक पुलिसवाले ने भी आकर पूछताछ की डिंपल ने आगे बताया कि कुछ दिनों बाद एक पुलिसकर्मी, सोहन, मेरे घर आया। उसने मधुर साहू के बारे में पूछताछ की, लेकिन उस समय मैं कुछ भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। डर अब भी हावी था। बाद में उसी पुलिसकर्मी का दोबारा फोन आया। उसने कहा कि मधुर साहू से उसका पैसों को लेकर विवाद चल रहा है और अगर मैं कुछ जानती हूं तो बताऊं, वह मामला खुलवाने में मदद करेगा। उसकी बातों से मुझे लगा कि शायद अब सच सामने लाया जा सकता है। मैंने उसे सलमा की घटना के बारे में कुछ बातें बताईं। यह जानकारी भी किसी तरह मधुर तक पहुंच गई। उसने फिर फोन कर धमकाया। उसने कहा कि “तुम कुछ साबित नहीं कर पाओगी। जहां लाश गड़ी थी, वहां अब कुछ नहीं है।” उसकी बातों से साफ था कि वह खुद को सुरक्षित समझ रहा था और मुझे डराकर चुप रखना चाहता था। डिंपल के अनुसार, घटना से पहले ही मधुर ने उसे बताया था कि उसने सलमा को रास्ते से हटाने के लिए तनवीर अंसारी नाम के एक व्यक्ति को सुपारी देने की कोशिश की थी। लेकिन तनवीर ने कथित तौर पर यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और यह बात सलमा को बता दी। इसके बाद सलमा और मधुर के बीच इस मुद्दे को लेकर गंभीर विवाद हुआ था। डिंपल का कहना है कि उसी समय से दोनों के रिश्ते में दरार गहरी हो चुकी थी, जो आगे चलकर उस भयावह दिन में बदल गई। 5 साल बाद करीबी ने खोला राज साल गुजरते गए। सलमा लापता थी, लेकिन कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया। इसी बीच मधुर साहू का एक करीबी राजदार, जो घटना की सच्चाई जानता था, धीरे-धीरे ओवरकॉन्फिडेंस में आ गया। बताया जाता है कि एक रात नशे की हालत में उसने मधुर के ही एक पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया। उस समय तक मधुर और उसके पार्टनर के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर तनाव चल रहा था। कारोबार और हिस्सेदारी को लेकर विवाद गहराता जा रहा था। लेनदेन के इसी विवाद ने मामले को नया मोड़ दिया। नाराज पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने की ठानी और सीधे पुलिस के पास पहुंच गया। उसने जो जानकारी दी, वह सालों से दबी फाइल को फिर से खोलने के लिए काफी थी। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी पता चला कि सलमा के नाम से बैंक से लोन लिया गया था और उसकी किस्तें लगातार जमा हो रही थीं, जबकि सलमा लापता थी। यह तथ्य संदेह को और गहरा करने वाला था। जैसे ही जांच ने रफ्तार पकड़ी, मधुर साहू फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों, परिचितों और जिम से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की। पांच साल पुराने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर ) का विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच में अक्टूबर 2018 की लोकेशन और कॉल पैटर्न ने कई परतें खोलीं। जांच में सामने आया कि शारदा विहार स्थित एक मकान में मधुर साहू और उसके सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा की गला दबाकर हत्या की थी। इसके बाद अतुल शर्मा की मदद से शव को कोहड़िया पुल के आसपास दफनाया गया था। फोरलेन सड़क खोदकर निकाली गई थी लाश इसके बाद पुलिस की टीम कोहड़िया मार्ग के फोरलेन क्षेत्र में पहुंची। शुरुआती स्तर पर मैनुअल खुदाई की गई, लेकिन स्पष्ट संकेत नहीं मिले। मामला पुराना था और सड़क निर्माण के बाद भू-संरचना बदल चुकी थी। वर्ष 2023 में जांच एजेंसियों ने तकनीकी सहायता लेने का निर्णय लिया। सैटेलाइट इमेजरी, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार का उपयोग किया गया। इन उपकरणों से जमीन के भीतर असामान्य संरचना के संकेत मिले। संकेतित स्थान पर सड़क काटकर खुदाई की गई। कई फीट नीचे से मानव कंकाल बरामद हुआ। बरामद अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। डीएनए परीक्षण में पुष्टि हुई कि कंकाल सलमा सुल्ताना का ही था। यह वह क्षण था जब पांच साल पुराना गुमशुदगी का मामला आधिकारिक रूप से हत्या में बदल गया। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू, कौशल श्रीवास और अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मधुर ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि पैसों के लेन-देन और चरित्र पर संदेह के कारण उसने सलमा की हत्या की। उसके पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किए गए, जिनकी जांच में कई निजी फाइलें और कुछ ऑडियो क्लिप्स मिलने की बात सामने आई। जिस वाहन का इस्तेमाल शव को ले जाने और दफनाने में किया गया था, उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया। इस तरह एक लापता एंकर की कहानी, जो वर्षों तक रहस्य बनी रही, तकनीकी जांच, आपसी विवाद और टूटते भरोसे के धागों के बीच आखिरकार उजागर हुई। …………………. इसे जुड़ी ये खबर 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