जौनपुर में कांग्रेस शहर अध्यक्ष, सभासद हाउस अरेस्ट:यूपी विधानसभा घेराव में शामिल होने से रोकने के लिए कार्रवाई
जौनपुर में कांग्रेस शहर अध्यक्ष, सभासद हाउस अरेस्ट:यूपी विधानसभा घेराव में शामिल होने से रोकने के लिए कार्रवाई
जौनपुर पुलिस ने कांग्रेस शहर अध्यक्ष आरिफ खान और सभासद शहनवाज मंजूर को हाउस अरेस्ट कर उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। यह कार्रवाई उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा घेराव में शामिल होने से रोकने के लिए की गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आज यूपी विधानसभा घेराव का आह्वान किया था। इन दोनों पदाधिकारियों के आवासों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने उन्हें देर रात से ही उनके घरों पर नजरबंद कर रखा है और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। ये दोनों नेता अपने कई कार्यकर्ताओं के साथ इस घेराव में शामिल होने की तैयारी में थे। कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा का नाम बदलने, मजदूरों की 12 महीने से मजदूरी रोके जाने, महिलाओं, मजदूरों, शंकराचार्य माता अहिल्याबाई होलकर के कथित अपमान और बाजारों को तोड़ने जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर यह विधानसभा घेराव बुलाया है। शहर अध्यक्ष आरिफ खान ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस को आगे करके उनकी आवाज दबाने का काम कर रही है। खान ने यह भी कहा कि वे किसी भी हालत में यूपी विधानसभा घेराव में शामिल होंगे और जाने का रास्ता तलाश रहे हैं। सभासद शहनवाज मंजूर ने बनारस में मंदिरों और बाजारों को तोड़े जाने, मजदूरों को भुगतान न मिलने और योजनाओं के नाम बदले जाने जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं है। मंजूर ने यह भी आरोप लगाया कि युवाओं के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर भी वे घेराव करने वाले थे, लेकिन उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया ताकि वे अपनी बात न रख सकें।
जौनपुर पुलिस ने कांग्रेस शहर अध्यक्ष आरिफ खान और सभासद शहनवाज मंजूर को हाउस अरेस्ट कर उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। यह कार्रवाई उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा घेराव में शामिल होने से रोकने के लिए की गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आज यूपी विधानसभा घेराव का आह्वान किया था। इन दोनों पदाधिकारियों के आवासों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने उन्हें देर रात से ही उनके घरों पर नजरबंद कर रखा है और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। ये दोनों नेता अपने कई कार्यकर्ताओं के साथ इस घेराव में शामिल होने की तैयारी में थे। कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा का नाम बदलने, मजदूरों की 12 महीने से मजदूरी रोके जाने, महिलाओं, मजदूरों, शंकराचार्य माता अहिल्याबाई होलकर के कथित अपमान और बाजारों को तोड़ने जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर यह विधानसभा घेराव बुलाया है। शहर अध्यक्ष आरिफ खान ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस को आगे करके उनकी आवाज दबाने का काम कर रही है। खान ने यह भी कहा कि वे किसी भी हालत में यूपी विधानसभा घेराव में शामिल होंगे और जाने का रास्ता तलाश रहे हैं। सभासद शहनवाज मंजूर ने बनारस में मंदिरों और बाजारों को तोड़े जाने, मजदूरों को भुगतान न मिलने और योजनाओं के नाम बदले जाने जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं है। मंजूर ने यह भी आरोप लगाया कि युवाओं के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर भी वे घेराव करने वाले थे, लेकिन उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया ताकि वे अपनी बात न रख सकें।