गौरेला पेंड्रा मरवाही में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित:पेंड्रा में एक दिवसीय संगोष्ठी में पहुंचे देशभर के वक्ता, कहा... वर्तमान पीढ़ी ज्ञान से अवगत हो

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय मरवाही में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का विषय 'भारतीय ज्ञान परंपरा: वर्तमान परिदृश्य' था। इसका प्रायोजन रुसा 2.0 द्वारा किया गया। वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा को अद्भुत समन्वयशाली बताया। समृद्ध ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों पर शोध इस अवसर पर 'भारतीय ज्ञान परंपरा' पर आधारित एक शोध संक्षेपिका का विमोचन भी मुख्य वक्ताओं और अतिथियों द्वारा किया गया। इस संक्षेपिका और संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और उसके सांस्कृतिक मूल्यों से वर्तमान पीढ़ी को अवगत कराना था। भारतीय ज्ञान परंपरा को अद्वितीय ज्ञान, प्रज्ञा, धर्म-कर्म, भोग, त्याग तथा लौकिक-पारलौकिक ज्ञान का अद्भुत समन्वय बताया गया। मुख्त वक्ता डॉ. एस. एल. निराला प्राचार्य, जमुना प्रसाद वर्मा आर्ट एवं वाणिज्य महाविद्यालय, बिलासपुर, डॉ. राजकुमार सचदेवा (प्राध्यापक, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम मॉडल महाविद्यालय, बिलासपुर) और डॉ. मनोज कुमार वशिष्ठ (सहायक प्राध्यापक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय, अमरकंटक, म.प्र.) शामिल हुए।

Mar 18, 2026 - 16:03
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गौरेला पेंड्रा मरवाही में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित:पेंड्रा में एक दिवसीय संगोष्ठी में पहुंचे देशभर के वक्ता, कहा... वर्तमान पीढ़ी ज्ञान से अवगत हो
गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय मरवाही में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का विषय 'भारतीय ज्ञान परंपरा: वर्तमान परिदृश्य' था। इसका प्रायोजन रुसा 2.0 द्वारा किया गया। वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा को अद्भुत समन्वयशाली बताया। समृद्ध ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों पर शोध इस अवसर पर 'भारतीय ज्ञान परंपरा' पर आधारित एक शोध संक्षेपिका का विमोचन भी मुख्य वक्ताओं और अतिथियों द्वारा किया गया। इस संक्षेपिका और संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और उसके सांस्कृतिक मूल्यों से वर्तमान पीढ़ी को अवगत कराना था। भारतीय ज्ञान परंपरा को अद्वितीय ज्ञान, प्रज्ञा, धर्म-कर्म, भोग, त्याग तथा लौकिक-पारलौकिक ज्ञान का अद्भुत समन्वय बताया गया। मुख्त वक्ता डॉ. एस. एल. निराला प्राचार्य, जमुना प्रसाद वर्मा आर्ट एवं वाणिज्य महाविद्यालय, बिलासपुर, डॉ. राजकुमार सचदेवा (प्राध्यापक, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम मॉडल महाविद्यालय, बिलासपुर) और डॉ. मनोज कुमार वशिष्ठ (सहायक प्राध्यापक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय, अमरकंटक, म.प्र.) शामिल हुए।