मुरैना में चंबल नदी किनारे 250 ट्रॉली अवैध रेत नष्ट:टास्क फोर्स ने दो जेसीबी और तीन लोडर से रेत के ढेर हटवाए
चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद राजस्व, वन और पुलिस विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स ने चंबल नदी किनारे अवैध रूप से डंप की गई रेत को नष्ट किया। अभियान के दौरान दो जेसीबी मशीन, तीन लोडर और करीब 25 अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चला अभियान चंबल नदी में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और भंडारण की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के पालन में प्रशासन ने संयुक्त टास्क फोर्स का गठन कर चंबल नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई शुरू की है। अभियान के तहत अवैध रूप से जमा की गई रेत के भंडारण स्थलों को चिन्हित कर उन्हें नष्ट किया जा रहा है। पिपरई और विंडवा गांव में कार्रवाई टास्क फोर्स की टीम ने चंबल नदी किनारे स्थित पिपरई और विंडवा गांव में पहुंचकर कार्रवाई की। अधिकारियों ने यहां अवैध रूप से जमा की गई रेत के बड़े भंडारण का पता लगाया। जांच के दौरान पाया गया कि बड़ी मात्रा में रेत को ट्रॉली और अन्य माध्यमों से लाकर डंप किया गया था। इसके बाद टीम ने मौके पर ही रेत को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू की। 250 ट्रॉली रेत को किया गया नष्ट अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान करीब 250 ट्रॉली अवैध रेत, जो लगभग 500 घन मीटर के बराबर बताई गई है, को नष्ट किया गया। रेत के इन भंडारण स्थलों को जेसीबी मशीनों और लोडरों की मदद से हटाया गया, ताकि दोबारा इसका अवैध उपयोग न हो सके। दो जेसीबी और तीन लोडर लगाए गए अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने पर्याप्त संसाधन लगाए। मौके पर दो जेसीबी मशीन और तीन लोडर तैनात किए गए थे। इन मशीनों की सहायता से डंप रेत को हटाने और नष्ट करने का काम किया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र की निगरानी भी की गई, ताकि कोई व्यवधान न उत्पन्न हो। 25 अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद संयुक्त अभियान में राजस्व, वन और पुलिस विभाग के करीब 25 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। सभी विभागों ने समन्वय के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों ने अवैध भंडारण स्थलों का निरीक्षण किया और मौके पर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई भी पूरी की। 5 लाख 50 हजार रुपए कीमत की रेत नष्ट प्रशासन के अनुसार नष्ट की गई अवैध रेत की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध उत्खनन और भंडारण से शासन को राजस्व का नुकसान होता है और नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी कारण ऐसे मामलों में लगातार सख्ती बरती जा रही है। अवैध रेत कारोबारियों को चेतावनी पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने स्पष्ट कहा कि अवैध रेत उत्खनन, परिवहन या भंडारण करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिपरई और विंडवा गांव में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। आगे भी जारी रहेगा अभियान प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई दोनों को और तेज किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी अवैध रेत उत्खनन, परिवहन या भंडारण की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रेत माफियाओं और इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद राजस्व, वन और पुलिस विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स ने चंबल नदी किनारे अवैध रूप से डंप की गई रेत को नष्ट किया। अभियान के दौरान दो जेसीबी मशीन, तीन लोडर और करीब 25 अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चला अभियान चंबल नदी में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और भंडारण की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के पालन में प्रशासन ने संयुक्त टास्क फोर्स का गठन कर चंबल नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई शुरू की है। अभियान के तहत अवैध रूप से जमा की गई रेत के भंडारण स्थलों को चिन्हित कर उन्हें नष्ट किया जा रहा है। पिपरई और विंडवा गांव में कार्रवाई टास्क फोर्स की टीम ने चंबल नदी किनारे स्थित पिपरई और विंडवा गांव में पहुंचकर कार्रवाई की। अधिकारियों ने यहां अवैध रूप से जमा की गई रेत के बड़े भंडारण का पता लगाया। जांच के दौरान पाया गया कि बड़ी मात्रा में रेत को ट्रॉली और अन्य माध्यमों से लाकर डंप किया गया था। इसके बाद टीम ने मौके पर ही रेत को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू की। 250 ट्रॉली रेत को किया गया नष्ट अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान करीब 250 ट्रॉली अवैध रेत, जो लगभग 500 घन मीटर के बराबर बताई गई है, को नष्ट किया गया। रेत के इन भंडारण स्थलों को जेसीबी मशीनों और लोडरों की मदद से हटाया गया, ताकि दोबारा इसका अवैध उपयोग न हो सके। दो जेसीबी और तीन लोडर लगाए गए अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने पर्याप्त संसाधन लगाए। मौके पर दो जेसीबी मशीन और तीन लोडर तैनात किए गए थे। इन मशीनों की सहायता से डंप रेत को हटाने और नष्ट करने का काम किया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र की निगरानी भी की गई, ताकि कोई व्यवधान न उत्पन्न हो। 25 अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद संयुक्त अभियान में राजस्व, वन और पुलिस विभाग के करीब 25 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। सभी विभागों ने समन्वय के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों ने अवैध भंडारण स्थलों का निरीक्षण किया और मौके पर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई भी पूरी की। 5 लाख 50 हजार रुपए कीमत की रेत नष्ट प्रशासन के अनुसार नष्ट की गई अवैध रेत की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध उत्खनन और भंडारण से शासन को राजस्व का नुकसान होता है और नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी कारण ऐसे मामलों में लगातार सख्ती बरती जा रही है। अवैध रेत कारोबारियों को चेतावनी पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने स्पष्ट कहा कि अवैध रेत उत्खनन, परिवहन या भंडारण करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिपरई और विंडवा गांव में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। आगे भी जारी रहेगा अभियान प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई दोनों को और तेज किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी अवैध रेत उत्खनन, परिवहन या भंडारण की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रेत माफियाओं और इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।