एचआईवी मामले के बाद सतना जिला अस्पताल में घटा रक्तदान:ब्लड बैंक में सिर्फ 5 यूनिट रक्त, थैलेसीमिया मरीजों को हो सकती है गंभीर परेशानी

सतना जिला अस्पताल का ब्लड बैंक इन दिनों खून की भारी कमी से जूझ रहा है। शनिवार को यहां सिर्फ 5 यूनिट रक्त ही स्टॉक में बचा था, जिससे मरीजों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। थैलेसीमिया बच्चों में एचआईवी संक्रमण का मामला सामने आने के बाद से लोग रक्तदान करने से हिचक रहे हैं। इसका सीधा असर ब्लड बैंक के स्टॉक पर पड़ा है। पॉजिटिव ब्लड ग्रुप लगभग खत्म ब्लड बैंक के रिकॉर्ड के अनुसार ए, बी और ओ पॉजिटिव ब्लड पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि एबी पॉजिटिव का केवल 1 यूनिट ही बचा है। यानी पॉजिटिव ग्रुप का कुल स्टॉक 1 यूनिट रह गया है। निगेटिव ब्लड ग्रुप में हालात और खराब हैं। ए निगेटिव पूरी तरह खत्म है। बी और ओ निगेटिव का 1-1 यूनिट, जबकि एबी निगेटिव के 2 यूनिट उपलब्ध हैं। कुल मिलाकर निगेटिव ग्रुप का स्टॉक 4 यूनिट है। कुल स्टॉक 5 यूनिट ही बचा दोनों को मिलाकर ब्लड बैंक में कुल सिर्फ 5 यूनिट रक्त उपलब्ध है, जो किसी भी बड़ी इमरजेंसी के लिए काफी नहीं है। इसके अलावा 7 यूनिट ब्लड जांच के अधीन है, जिसका उपयोग टेस्ट के बाद ही हो सकेगा। थैलेसीमिया मरीजों पर सबसे ज्यादा असर अस्पताल के करीब 40 थैलेसीमिया मरीज इसी ब्लड बैंक पर निर्भर हैं। स्टॉक की कमी से इन मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो सकती है। स्थिति को देखते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नलिनी शुक्ला ने खुद अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। वहीं, सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की है।

Mar 22, 2026 - 08:38
 0  0
एचआईवी मामले के बाद सतना जिला अस्पताल में घटा रक्तदान:ब्लड बैंक में सिर्फ 5 यूनिट रक्त, थैलेसीमिया मरीजों को हो सकती है गंभीर परेशानी
सतना जिला अस्पताल का ब्लड बैंक इन दिनों खून की भारी कमी से जूझ रहा है। शनिवार को यहां सिर्फ 5 यूनिट रक्त ही स्टॉक में बचा था, जिससे मरीजों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। थैलेसीमिया बच्चों में एचआईवी संक्रमण का मामला सामने आने के बाद से लोग रक्तदान करने से हिचक रहे हैं। इसका सीधा असर ब्लड बैंक के स्टॉक पर पड़ा है। पॉजिटिव ब्लड ग्रुप लगभग खत्म ब्लड बैंक के रिकॉर्ड के अनुसार ए, बी और ओ पॉजिटिव ब्लड पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि एबी पॉजिटिव का केवल 1 यूनिट ही बचा है। यानी पॉजिटिव ग्रुप का कुल स्टॉक 1 यूनिट रह गया है। निगेटिव ब्लड ग्रुप में हालात और खराब हैं। ए निगेटिव पूरी तरह खत्म है। बी और ओ निगेटिव का 1-1 यूनिट, जबकि एबी निगेटिव के 2 यूनिट उपलब्ध हैं। कुल मिलाकर निगेटिव ग्रुप का स्टॉक 4 यूनिट है। कुल स्टॉक 5 यूनिट ही बचा दोनों को मिलाकर ब्लड बैंक में कुल सिर्फ 5 यूनिट रक्त उपलब्ध है, जो किसी भी बड़ी इमरजेंसी के लिए काफी नहीं है। इसके अलावा 7 यूनिट ब्लड जांच के अधीन है, जिसका उपयोग टेस्ट के बाद ही हो सकेगा। थैलेसीमिया मरीजों पर सबसे ज्यादा असर अस्पताल के करीब 40 थैलेसीमिया मरीज इसी ब्लड बैंक पर निर्भर हैं। स्टॉक की कमी से इन मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो सकती है। स्थिति को देखते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नलिनी शुक्ला ने खुद अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। वहीं, सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की है।