जांच अधिकारी बोले, एक महीने पहले ही सौंप दी रिपोर्ट:1 करोड़ राजस्व घाटे का आरोप, जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद भी चुप्पी
जांच अधिकारी बोले, एक महीने पहले ही सौंप दी रिपोर्ट:1 करोड़ राजस्व घाटे का आरोप, जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद भी चुप्पी
बिजली कंपनी के डिवीजनल इंजीनियर (डीई) अमित राय पर करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों की जांच पिछले 14 महीनों से चल रही है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह शिकायत इंडियन वेलफेयर सोसायटी द्वारा लिखित रूप में की गई थी। आरोप है कि डीई अमित राय ने नवीन विकसित कॉलोनियों में विद्युतीकरण कार्य के दौरान अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने कागजों में कॉलोनियों का क्षेत्रफल कम दिखाकर सात बड़े कॉलोनाइजरों को फायदा पहुंचाया, जिससे बिजली कंपनी को लगभग एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। शिकायत सामने आने के बाद तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (एसई) राकेश नायक ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट सौंपी लेकिन फैसला लंबित मामले की जांच कर रहे अधिकारी राजन मिश्रा ने बताया कि उन्होंने निष्पक्ष तरीके से जांच पूरी कर ली है। करीब एक महीने पहले जांच रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय को सौंप दी गई थी। अब आगे की कार्रवाई का फैसला वरिष्ठ स्तर पर लिया जाना है, जो फिलहाल लंबित है। विजिलेंस में पदस्थ विभाग पर उठे सवाल गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद डीई अमित राय वर्तमान में सीहोर में ही विजिलेंस विभाग में पदस्थ हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद भी किसी तरह की कार्रवाई न होना और आरोपी अधिकारी का विजिलेंस जैसे विभाग में बने रहना, विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
बिजली कंपनी के डिवीजनल इंजीनियर (डीई) अमित राय पर करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों की जांच पिछले 14 महीनों से चल रही है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह शिकायत इंडियन वेलफेयर सोसायटी द्वारा लिखित रूप में की गई थी। आरोप है कि डीई अमित राय ने नवीन विकसित कॉलोनियों में विद्युतीकरण कार्य के दौरान अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने कागजों में कॉलोनियों का क्षेत्रफल कम दिखाकर सात बड़े कॉलोनाइजरों को फायदा पहुंचाया, जिससे बिजली कंपनी को लगभग एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। शिकायत सामने आने के बाद तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (एसई) राकेश नायक ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट सौंपी लेकिन फैसला लंबित मामले की जांच कर रहे अधिकारी राजन मिश्रा ने बताया कि उन्होंने निष्पक्ष तरीके से जांच पूरी कर ली है। करीब एक महीने पहले जांच रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय को सौंप दी गई थी। अब आगे की कार्रवाई का फैसला वरिष्ठ स्तर पर लिया जाना है, जो फिलहाल लंबित है। विजिलेंस में पदस्थ विभाग पर उठे सवाल गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद डीई अमित राय वर्तमान में सीहोर में ही विजिलेंस विभाग में पदस्थ हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद भी किसी तरह की कार्रवाई न होना और आरोपी अधिकारी का विजिलेंस जैसे विभाग में बने रहना, विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।