सतना में शिक्षक रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार:1200 रुपये घूस लेते पकड़ाया, टीचर होने के साथ कर रहा था लिपिक का काम
सतना शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सज्जनपुर में मंगलवार को लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शिक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी शिक्षक महेंद्र पांडेय 1200 रुपये लेते हुए गिरफ्तार हुआ। खास बात यह है कि वह शिक्षक होने के बावजूद नियमों के खिलाफ लिपिकीय काम भी कर रहा था। जानकारी के अनुसार, महेंद्र पांडेय मूल रूप से गणित के शिक्षक हैं और माध्यमिक शाला अतरहरा में पदस्थ हैं। इसके बावजूद वे सज्जनपुर संकुल केंद्र में जन शिक्षक का काम भी देख रहे थे। यही नहीं, वे उसी स्कूल में वित्त और स्थापना से जुड़े लिपिकीय काम भी संभाल रहे थे, जबकि नियमों के अनुसार शिक्षक से ऐसा काम नहीं लिया जा सकता। रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने पकड़ा
इसी लिपिकीय काम के दौरान लेनदेन की शिकायत सामने आई थी। जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए महेंद्र पांडेय को 1200 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 में तत्कालीन प्राचार्य राजीव लोचन अग्निहोत्री ने नियमों को दरकिनार करते हुए महेंद्र पांडेय को जन शिक्षक बना दिया था। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक को जन शिक्षक नहीं बनाया जा सकता। चार साल से संभाल रहा था वित्त का काम
जानकारों के मुताबिक, महेंद्र पांडेय पिछले करीब चार साल से स्कूल में वित्त और स्थापना से जुड़े लेनदेन का काम देख रहे थे। जबकि अक्टूबर 2025 में विवेक शर्मा को लेखापाल नियुक्त किया गया था, फिर भी लिपिकीय काम महेंद्र पांडेय ही करते रहे। इस मामले में शिकायत के बाद 2 जनवरी को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने स्कूल प्राचार्य विभा शुक्ला को निर्देश दिए थे कि लिपिकीय प्रभार लेखापाल को सौंपा जाए। लेकिन इसके बावजूद महेंद्र पांडेय से काम नहीं हटाया गया। अधिकारियों ने भी मानी गड़बड़ी
जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) विष्णु त्रिपाठी ने साफ कहा कि महेंद्र पांडेय की जन शिक्षक के पद पर नियुक्ति जिला स्तर से नहीं हुई थी और यह नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी शिक्षक से लिपिकीय कार्य लेना पूरी तरह गैरकानूनी है। इस कार्रवाई के बाद न सिर्फ शिक्षक, बल्कि स्कूल की पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे और किन-किन जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है।
सतना शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सज्जनपुर में मंगलवार को लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शिक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी शिक्षक महेंद्र पांडेय 1200 रुपये लेते हुए गिरफ्तार हुआ। खास बात यह है कि वह शिक्षक होने के बावजूद नियमों के खिलाफ लिपिकीय काम भी कर रहा था। जानकारी के अनुसार, महेंद्र पांडेय मूल रूप से गणित के शिक्षक हैं और माध्यमिक शाला अतरहरा में पदस्थ हैं। इसके बावजूद वे सज्जनपुर संकुल केंद्र में जन शिक्षक का काम भी देख रहे थे। यही नहीं, वे उसी स्कूल में वित्त और स्थापना से जुड़े लिपिकीय काम भी संभाल रहे थे, जबकि नियमों के अनुसार शिक्षक से ऐसा काम नहीं लिया जा सकता। रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने पकड़ा
इसी लिपिकीय काम के दौरान लेनदेन की शिकायत सामने आई थी। जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए महेंद्र पांडेय को 1200 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 में तत्कालीन प्राचार्य राजीव लोचन अग्निहोत्री ने नियमों को दरकिनार करते हुए महेंद्र पांडेय को जन शिक्षक बना दिया था। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक को जन शिक्षक नहीं बनाया जा सकता। चार साल से संभाल रहा था वित्त का काम
जानकारों के मुताबिक, महेंद्र पांडेय पिछले करीब चार साल से स्कूल में वित्त और स्थापना से जुड़े लेनदेन का काम देख रहे थे। जबकि अक्टूबर 2025 में विवेक शर्मा को लेखापाल नियुक्त किया गया था, फिर भी लिपिकीय काम महेंद्र पांडेय ही करते रहे। इस मामले में शिकायत के बाद 2 जनवरी को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने स्कूल प्राचार्य विभा शुक्ला को निर्देश दिए थे कि लिपिकीय प्रभार लेखापाल को सौंपा जाए। लेकिन इसके बावजूद महेंद्र पांडेय से काम नहीं हटाया गया। अधिकारियों ने भी मानी गड़बड़ी
जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) विष्णु त्रिपाठी ने साफ कहा कि महेंद्र पांडेय की जन शिक्षक के पद पर नियुक्ति जिला स्तर से नहीं हुई थी और यह नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी शिक्षक से लिपिकीय कार्य लेना पूरी तरह गैरकानूनी है। इस कार्रवाई के बाद न सिर्फ शिक्षक, बल्कि स्कूल की पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे और किन-किन जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है।