शाजापुर अस्पताल में वेतन कटौती का आरोप:कर्मचारियों का दावा-ठेकेदारों की जेब में जा रहा पैसा; सिविल सर्जन करेंगे जांच

शाजापुर जिला अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों ने निजी कंपनी तुलसियान पर वेतन में कटौती और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें तय वेतन से कम राशि मिल रही है। इस मामले में सिविल सर्जन ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अस्पताल में तुलसियान कंपनी के लगभग 50 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें कंप्यूटर ऑपरेटर,वार्ड बॉय,सफाई कर्मी और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।कर्मचारियों के अनुसार, कंपनी पिछले दो महीनों से अस्पताल में सेवाएं दे रही है, लेकिन उन्हें निर्धारित वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। शिकायत करने से नौकरी से निकालने की धमकी कर्मचारियों ने बताया कि अनुबंध के तहत पीएफ कटौती के बाद उनके खाते में 10,500 रुपये आने चाहिए। हालांकि, उन्हें 8 हजार से 9 हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, हफ्ते में मिलने वाली चार छुट्टियों का पैसा भी काट लिया जाता है। कर्मचारियों का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है, जिस कारण अधिकांश कर्मचारी खुलकर सामने आने से डर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों ने इस संबंध में सिविल सर्जन को एक लिखित शिकायत भी सौंपी है। हर महीने में पैसे खाते में जमा कराने की मांग शिकायत में कहा गया है कि कंपनी समय पर वेतन का भुगतान नहीं करती और भविष्य निधि (पीएफ) भी नियमित रूप से नहीं काटा जा रहा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच वेतन सीधे उनके खातों में जमा किया जाए। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिकायत के बाद कंपनी ने उन्हें"अब 9500 रुपये दे देंगे, ज्यादा शिकायत मत करो" कहकर चुप कराने की कोशिश की। एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि इस बार उसके खाते में केवल 8 हजार रुपए ही आए हैं। कर्मचारियों का दावा-ठेकेदारों की जेब में जा रहा पैसा कर्मचारियों का अनुमान है कि हर महीने लगभग 1 से डेढ़ लाख रुपए की राशि वेतन कटौती के माध्यम से ठेकेदारों की जेब में जा रही है। इस संबंध में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. मैना ने कहा कि कंपनी को दो बार नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कर्मचारियों की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

May 14, 2026 - 07:18
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शाजापुर अस्पताल में वेतन कटौती का आरोप:कर्मचारियों का दावा-ठेकेदारों की जेब में जा रहा पैसा; सिविल सर्जन करेंगे जांच
शाजापुर जिला अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों ने निजी कंपनी तुलसियान पर वेतन में कटौती और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें तय वेतन से कम राशि मिल रही है। इस मामले में सिविल सर्जन ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अस्पताल में तुलसियान कंपनी के लगभग 50 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें कंप्यूटर ऑपरेटर,वार्ड बॉय,सफाई कर्मी और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।कर्मचारियों के अनुसार, कंपनी पिछले दो महीनों से अस्पताल में सेवाएं दे रही है, लेकिन उन्हें निर्धारित वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। शिकायत करने से नौकरी से निकालने की धमकी कर्मचारियों ने बताया कि अनुबंध के तहत पीएफ कटौती के बाद उनके खाते में 10,500 रुपये आने चाहिए। हालांकि, उन्हें 8 हजार से 9 हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, हफ्ते में मिलने वाली चार छुट्टियों का पैसा भी काट लिया जाता है। कर्मचारियों का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है, जिस कारण अधिकांश कर्मचारी खुलकर सामने आने से डर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों ने इस संबंध में सिविल सर्जन को एक लिखित शिकायत भी सौंपी है। हर महीने में पैसे खाते में जमा कराने की मांग शिकायत में कहा गया है कि कंपनी समय पर वेतन का भुगतान नहीं करती और भविष्य निधि (पीएफ) भी नियमित रूप से नहीं काटा जा रहा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच वेतन सीधे उनके खातों में जमा किया जाए। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिकायत के बाद कंपनी ने उन्हें"अब 9500 रुपये दे देंगे, ज्यादा शिकायत मत करो" कहकर चुप कराने की कोशिश की। एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि इस बार उसके खाते में केवल 8 हजार रुपए ही आए हैं। कर्मचारियों का दावा-ठेकेदारों की जेब में जा रहा पैसा कर्मचारियों का अनुमान है कि हर महीने लगभग 1 से डेढ़ लाख रुपए की राशि वेतन कटौती के माध्यम से ठेकेदारों की जेब में जा रही है। इस संबंध में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. मैना ने कहा कि कंपनी को दो बार नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कर्मचारियों की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।