गले में फंसा 6 सेमी लंबा मछली का कांटा:बैतूल में डॉक्टर ने दूरबीन से निकाला; चुभने से हो रहा था तेज दर्द
बैतूल में 48 वर्षीय एक व्यक्ति के गले में मछली खाते समय 6 सेंटीमीटर लंबा कांटा फंस गया। यह कांटा गले के बेहद संवेदनशील हिस्से एपिग्लॉटिस (उपकंठ) में चुभ गया था, जिससे मरीज को निगलने में तेज दर्द और तकलीफ हो रही थी। बुधवार शाम को ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ डॉ. ऋषि माहोर ने बिना बेहोश किए दूरबीन पद्धति से करीब 40 मिनट में इस कांटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उपचार के बाद मरीज की हालत पूरी तरह सामान्य है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार (12 मई) की रात मछली खाते समय मरीज के गले में यह कांटा फंसा था। इसके बाद से ही उसे लगातार तेज दर्द और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने जब एंडोस्कोपी के जरिए जांच की, तो पता चला कि लंबा और नुकीला कांटा एपिग्लॉटिस के पास काफी गहराई में चुभा हुआ है। 40 मिनट की जटिल प्रक्रिया से मिली राहत
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. ऋषि माहोर ने बुधवार (13 मई) शाम को दूरबीन तकनीक की मदद से इस जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया। करीब 40 मिनट की सावधानीपूर्वक कोशिश के बाद कांटे को बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान मरीज को बेहोश करने की जरूरत नहीं पड़ी। उपचार के बाद गले में संक्रमण से बचाव के लिए मरीज को एंटीबायोटिक दवाएं दी गई हैं। समय पर कांटा न निकलने से जा सकती थी जान
डॉक्टर के मुताबिक, यदि समय पर इस कांटे को नहीं निकाला जाता तो गले के अंदर गंभीर संक्रमण, घाव या अंदरूनी नुकसान हो सकता था। सूजन आने पर मरीज को सांस लेने में भी खतरा पैदा हो सकता था। इस पूरी प्रक्रिया का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गले के भीतर फंसा कांटा और उसे निकालने की प्रक्रिया साफ दिखाई दे रही है। पहले भी जटिल मामले सुलझा चुके हैं डॉक्टर
डॉ. ऋषि माहोर इससे पहले भी एक चर्चित मामले में सुर्खियों में आ चुके हैं। उन्होंने कुछ समय पहले एक कमजोर बुद्धि की युवती की नाक से कीड़े निकालकर उसका सफल उपचार किया था। अब गले से बिना बेहोश किए कांटा निकालने का यह नया मामला भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
बैतूल में 48 वर्षीय एक व्यक्ति के गले में मछली खाते समय 6 सेंटीमीटर लंबा कांटा फंस गया। यह कांटा गले के बेहद संवेदनशील हिस्से एपिग्लॉटिस (उपकंठ) में चुभ गया था, जिससे मरीज को निगलने में तेज दर्द और तकलीफ हो रही थी। बुधवार शाम को ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ डॉ. ऋषि माहोर ने बिना बेहोश किए दूरबीन पद्धति से करीब 40 मिनट में इस कांटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उपचार के बाद मरीज की हालत पूरी तरह सामान्य है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार (12 मई) की रात मछली खाते समय मरीज के गले में यह कांटा फंसा था। इसके बाद से ही उसे लगातार तेज दर्द और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने जब एंडोस्कोपी के जरिए जांच की, तो पता चला कि लंबा और नुकीला कांटा एपिग्लॉटिस के पास काफी गहराई में चुभा हुआ है। 40 मिनट की जटिल प्रक्रिया से मिली राहत
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. ऋषि माहोर ने बुधवार (13 मई) शाम को दूरबीन तकनीक की मदद से इस जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया। करीब 40 मिनट की सावधानीपूर्वक कोशिश के बाद कांटे को बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान मरीज को बेहोश करने की जरूरत नहीं पड़ी। उपचार के बाद गले में संक्रमण से बचाव के लिए मरीज को एंटीबायोटिक दवाएं दी गई हैं। समय पर कांटा न निकलने से जा सकती थी जान
डॉक्टर के मुताबिक, यदि समय पर इस कांटे को नहीं निकाला जाता तो गले के अंदर गंभीर संक्रमण, घाव या अंदरूनी नुकसान हो सकता था। सूजन आने पर मरीज को सांस लेने में भी खतरा पैदा हो सकता था। इस पूरी प्रक्रिया का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गले के भीतर फंसा कांटा और उसे निकालने की प्रक्रिया साफ दिखाई दे रही है। पहले भी जटिल मामले सुलझा चुके हैं डॉक्टर
डॉ. ऋषि माहोर इससे पहले भी एक चर्चित मामले में सुर्खियों में आ चुके हैं। उन्होंने कुछ समय पहले एक कमजोर बुद्धि की युवती की नाक से कीड़े निकालकर उसका सफल उपचार किया था। अब गले से बिना बेहोश किए कांटा निकालने का यह नया मामला भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।