सीहोर में फसल बचाने गोवंश को नर्मदा में धकेला:आरोपियों पर पशु क्रूरता कानून में कार्रवाई की मांग
सीहोर जिले के भैरुंदा क्षेत्र से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग गोवंश को उफनती नर्मदा नदी के गहरे पानी में धकेलते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना भैरुंदा इलाके के छीपानेर गांव की बताई जा रही है। यह कृत्य कथित तौर पर इसलिए किया गया ताकि गोवंश किसानों के खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान न पहुंचा सके। ग्रामीणों ने अपनी फसलों को बचाने के लिए गायों को नर्मदा नदी के तेज बहाव की ओर धकेल दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इंटरनेट यूजर्स इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। स्थानीय धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने इस घटना पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है। लोग जिला प्रशासन और सीहोर पुलिस से वीडियो के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पशु क्रूरता अधिनियम और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धाराओं के तहत कार्रवाई की अपील की गई है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश-प्रदेश में सावन के महीने के चलते धार्मिक आस्था का माहौल है। गोवंश को आस्था का प्रतीक माना जाता है।
सीहोर जिले के भैरुंदा क्षेत्र से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग गोवंश को उफनती नर्मदा नदी के गहरे पानी में धकेलते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना भैरुंदा इलाके के छीपानेर गांव की बताई जा रही है। यह कृत्य कथित तौर पर इसलिए किया गया ताकि गोवंश किसानों के खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान न पहुंचा सके। ग्रामीणों ने अपनी फसलों को बचाने के लिए गायों को नर्मदा नदी के तेज बहाव की ओर धकेल दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इंटरनेट यूजर्स इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। स्थानीय धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने इस घटना पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है। लोग जिला प्रशासन और सीहोर पुलिस से वीडियो के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पशु क्रूरता अधिनियम और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धाराओं के तहत कार्रवाई की अपील की गई है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश-प्रदेश में सावन के महीने के चलते धार्मिक आस्था का माहौल है। गोवंश को आस्था का प्रतीक माना जाता है।