रक्षाबंधन पर आने का वादा,अगले दिन बिस्तर पर मिली लाश:बहन ने पूछा- ओटी का खतरनाक इंजेक्शन नर्सिंग स्टूडेंट के पास कैसे आया?

कटनी में 24 वर्षीय नर्सिंग स्टूडेंट सेजल लोनिया की मौत को 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सुसाइड की यह गुत्थी सुलझने के बजाय और पेचीदा होती जा रही है। 20 जून को सेजल का शव उसके कमरे में मिला था। पुलिस का अनुमान है कि यह मामला ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक इंजेक्शन के ओवरडोज का है। वहीं सेजल की छोटी बहन श्रद्धा लोनिया ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए किसी बाहरी दबाव या बड़ी साजिश की आशंका जताई है। पुलिस की थ्योरी पर भरोसा नहीं, किसी के दबाव में थी सेजल मूल रूप से शहडोल के धनपुरी की रहने वाली सेजल की बहन श्रद्धा ने रोते हुए बताया कि उनकी परवरिश बहुत मजबूत माहौल में हुई है। मौत से ठीक एक रात पहले (19 जून) सेजल हंसकर बात कर रही थी। उसने वादा किया था कि वह इस बार रक्षाबंधन पर दो दिन पहले घर आएगी और सब साथ घूमने जाएंगे। श्रद्धा का कहना है- पुलिस की थ्योरी पर भरोसा नहीं है। हमें न जब्त सामान की लिस्ट दी गई, न ही मोबाइल की कॉल डिटेल और अस्पताल के फुटेज दिखाए जा रहे हैं। कोई स्टूडेंट ओटी का इतना संवेदनशील इंजेक्शन बाहर कैसे ला सकता है? निश्चित ही वह किसी के दबाव में थी। मकान मालिक ने खिड़की से देखा तो उड़ गए होश मकान मालिक मीना यादव के मुताबिक, सेजल बेहद हंसमुख, लेकिन कम बोलने वाली लड़की थी। 20 जून की सुबह जब रोज की तरह उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने खिड़की से अंदर झांका। सेजल बिस्तर पर अचेत पड़ी थी। खिड़की से पानी डालने पर भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तब पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने दरवाजा काटकर कुंडी खोली और बिस्तर के पास पड़े इंजेक्शन देखकर इसे पहली नजर में सुसाइड बताया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट- दोनों हाथों पर सूई चुभने के निशान इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ पोस्टमॉर्टम और मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय से आया है। सेजल के दोनों हाथों के पिछले हिस्से पर सूई चुभने (इंजेक्‍शन देने) के निशान मिले हैं। चेहरे, गर्दन और कोहनी के नीचे की त्वचा पर बैंगनी और गहरे रंग की नसों का जाल बन गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, यह शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी और श्वसन तंत्र (Respiratory System) ब्लॉक होने का संकेत है। डॉक्टर बोले- बिना वेंटिलेटर सपोर्ट के लगाने पर तुरंत मौत जिला अस्पताल के डॉ. राजीव द्विवेदी ने बताया कि यह इंजेक्शन सिर्फ एक्सपर्ट डॉक्टर ही आईसीयू या ओटी में सर्जरी से पहले मरीज को बेहोश करने के लिए देते हैं। बिना वेंटिलेटर सपोर्ट के इसे लेने पर इंसान चाहकर भी सांस नहीं ले पाता और उसकी तुरंत मौत हो जाती है। 20 दिन के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस, विसरा रिपोर्ट का इंतजार एएसपी कमल मौर्य के मुताबिक, पुलिस हर एंगल (सुसाइड, दबाव या साजिश) से मामले की बारीकी से जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह प्रतिबंधित और खतरनाक ड्रग सेजल के पास कहां से आया। पुलिस यह पता लगा रही है कि सेजल ने 3 महीनों में जिन-जिन अस्पतालों और नर्सिंग होम में काम किया, वहां का रिकॉर्ड क्या कहता है। कड़ियों को जोड़ने के लिए डॉक्टरों, वार्ड बॉय और साथी नर्सिंग स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, मौत की असली वजह साफ करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी से विसरा रिपोर्ट का इंतजार है।

Jul 9, 2026 - 07:45
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रक्षाबंधन पर आने का वादा,अगले दिन बिस्तर पर मिली लाश:बहन ने पूछा- ओटी का खतरनाक इंजेक्शन नर्सिंग स्टूडेंट के पास कैसे आया?
कटनी में 24 वर्षीय नर्सिंग स्टूडेंट सेजल लोनिया की मौत को 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सुसाइड की यह गुत्थी सुलझने के बजाय और पेचीदा होती जा रही है। 20 जून को सेजल का शव उसके कमरे में मिला था। पुलिस का अनुमान है कि यह मामला ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक इंजेक्शन के ओवरडोज का है। वहीं सेजल की छोटी बहन श्रद्धा लोनिया ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए किसी बाहरी दबाव या बड़ी साजिश की आशंका जताई है। पुलिस की थ्योरी पर भरोसा नहीं, किसी के दबाव में थी सेजल मूल रूप से शहडोल के धनपुरी की रहने वाली सेजल की बहन श्रद्धा ने रोते हुए बताया कि उनकी परवरिश बहुत मजबूत माहौल में हुई है। मौत से ठीक एक रात पहले (19 जून) सेजल हंसकर बात कर रही थी। उसने वादा किया था कि वह इस बार रक्षाबंधन पर दो दिन पहले घर आएगी और सब साथ घूमने जाएंगे। श्रद्धा का कहना है- पुलिस की थ्योरी पर भरोसा नहीं है। हमें न जब्त सामान की लिस्ट दी गई, न ही मोबाइल की कॉल डिटेल और अस्पताल के फुटेज दिखाए जा रहे हैं। कोई स्टूडेंट ओटी का इतना संवेदनशील इंजेक्शन बाहर कैसे ला सकता है? निश्चित ही वह किसी के दबाव में थी। मकान मालिक ने खिड़की से देखा तो उड़ गए होश मकान मालिक मीना यादव के मुताबिक, सेजल बेहद हंसमुख, लेकिन कम बोलने वाली लड़की थी। 20 जून की सुबह जब रोज की तरह उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने खिड़की से अंदर झांका। सेजल बिस्तर पर अचेत पड़ी थी। खिड़की से पानी डालने पर भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तब पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने दरवाजा काटकर कुंडी खोली और बिस्तर के पास पड़े इंजेक्शन देखकर इसे पहली नजर में सुसाइड बताया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट- दोनों हाथों पर सूई चुभने के निशान इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ पोस्टमॉर्टम और मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय से आया है। सेजल के दोनों हाथों के पिछले हिस्से पर सूई चुभने (इंजेक्‍शन देने) के निशान मिले हैं। चेहरे, गर्दन और कोहनी के नीचे की त्वचा पर बैंगनी और गहरे रंग की नसों का जाल बन गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, यह शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी और श्वसन तंत्र (Respiratory System) ब्लॉक होने का संकेत है। डॉक्टर बोले- बिना वेंटिलेटर सपोर्ट के लगाने पर तुरंत मौत जिला अस्पताल के डॉ. राजीव द्विवेदी ने बताया कि यह इंजेक्शन सिर्फ एक्सपर्ट डॉक्टर ही आईसीयू या ओटी में सर्जरी से पहले मरीज को बेहोश करने के लिए देते हैं। बिना वेंटिलेटर सपोर्ट के इसे लेने पर इंसान चाहकर भी सांस नहीं ले पाता और उसकी तुरंत मौत हो जाती है। 20 दिन के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस, विसरा रिपोर्ट का इंतजार एएसपी कमल मौर्य के मुताबिक, पुलिस हर एंगल (सुसाइड, दबाव या साजिश) से मामले की बारीकी से जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह प्रतिबंधित और खतरनाक ड्रग सेजल के पास कहां से आया। पुलिस यह पता लगा रही है कि सेजल ने 3 महीनों में जिन-जिन अस्पतालों और नर्सिंग होम में काम किया, वहां का रिकॉर्ड क्या कहता है। कड़ियों को जोड़ने के लिए डॉक्टरों, वार्ड बॉय और साथी नर्सिंग स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, मौत की असली वजह साफ करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी से विसरा रिपोर्ट का इंतजार है।