सीहोर में खुले में पड़ी मिलीं लाखों की पाठ्यपुस्तकें:शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

सीहोर के आवासीय खेलकूद संस्थान के तारामंडल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पाठ्यपुस्तकें खुले में पड़ी मिली हैं। ये किताबें विद्यार्थियों के वितरण के लिए बताई जा रही हैं, लेकिन खुले में पड़े रहने के कारण इनके खराब होने की आशंका है। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। तारामंडल परिसर के बाहर मिला किताबों का ढेर परिसर के बाहर बड़ी मात्रा में पाठ्यपुस्तकों का ढेर देखा गया। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि ये पुस्तकें विद्यार्थियों को वितरित की जानी थीं। लंबे समय तक खुले में पड़े रहने से इनके खराब होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों ने टिप्पणी करने से किया इनकार मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी शीलू शर्मा से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, आवासीय खेलकूद संस्थान के प्राचार्य आलोक शर्मा ने कहा कि इस मामले से उनके संस्थान का कोई संबंध नहीं है। पहले कार्यालय, अब बना वितरण केंद्र का स्टोर शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, जिस तारामंडल परिसर के बाहर किताबें मिली हैं, वहां पहले शिक्षा विभाग का कार्यालय संचालित होता था। नया कार्यालय बनने के बाद इस परिसर का उपयोग पुस्तक वितरण केंद्र के स्टोर के रूप में किया जा रहा है। जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से खरीदी गई पाठ्यपुस्तकों का सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।

Jul 9, 2026 - 07:45
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सीहोर में खुले में पड़ी मिलीं लाखों की पाठ्यपुस्तकें:शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
सीहोर के आवासीय खेलकूद संस्थान के तारामंडल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पाठ्यपुस्तकें खुले में पड़ी मिली हैं। ये किताबें विद्यार्थियों के वितरण के लिए बताई जा रही हैं, लेकिन खुले में पड़े रहने के कारण इनके खराब होने की आशंका है। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। तारामंडल परिसर के बाहर मिला किताबों का ढेर परिसर के बाहर बड़ी मात्रा में पाठ्यपुस्तकों का ढेर देखा गया। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि ये पुस्तकें विद्यार्थियों को वितरित की जानी थीं। लंबे समय तक खुले में पड़े रहने से इनके खराब होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों ने टिप्पणी करने से किया इनकार मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी शीलू शर्मा से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, आवासीय खेलकूद संस्थान के प्राचार्य आलोक शर्मा ने कहा कि इस मामले से उनके संस्थान का कोई संबंध नहीं है। पहले कार्यालय, अब बना वितरण केंद्र का स्टोर शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, जिस तारामंडल परिसर के बाहर किताबें मिली हैं, वहां पहले शिक्षा विभाग का कार्यालय संचालित होता था। नया कार्यालय बनने के बाद इस परिसर का उपयोग पुस्तक वितरण केंद्र के स्टोर के रूप में किया जा रहा है। जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से खरीदी गई पाठ्यपुस्तकों का सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।