बड़वानी में गणेशोत्सव पर कांतारा और नानी बाई का मायरा:कलाकारों ने नृत्य-अभिनय दिखाई; धरोहर के सदस्यों का सम्मान

बड़वानी में गुरुवार रात गणेशोत्सव के दौरान शहर के विभिन्न गणेश पंडालों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। झंडा चौक स्थित ऐतिहासिक नाभि केंद्र में ‘बड़वानी धरोहर’ के मंच पर ‘कांतारा’ फिल्म की कहानी पर आधारित आकर्षक प्रस्तुति दी गई। वहीं पाला बाजार स्थित मां कालिका माता मंदिर परिसर में मां कालिका मित्र मंडल ने संगीतमय ‘नानी बाई का मायरा’ प्रस्तुत किया। दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ‘कांतारा’ की कहानी नृत्य-अभिनय से दिखाई ‘बड़वानी धरोहर’ के मंच पर कलाकारों ने ‘कांतारा’ की कहानी को नृत्य, अभिनय और संगीत के जरिए दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में लोक परंपरा, आस्था, प्रकृति और संघर्ष से जुड़े प्रसंगों को दिखाया गया। कलाकारों ने अलग-अलग किरदार निभाकर कहानी के प्रमुख दृश्यों को मंच पर जीवंत किया। कलाकारों के नृत्य, अभिनय, वेशभूषा और संवाद ने प्रस्तुति को आकर्षक बनाया। कहानी के भावुक और रोमांचक प्रसंगों के दौरान दर्शक भी प्रस्तुति से जुड़े रहे। प्रस्तुति पूरी होने के बाद पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। संगीतमय ‘नानी बाई का मायरा’ ने बांधा समां मां कालिका माता मंदिर परिसर में रात 9 बजे संगीतमय ‘नानी बाई का मायरा’ प्रस्तुत किया गया। कथा में बेटी और मायके के रिश्ते, भक्ति, श्रद्धा और भगवान पर अटूट विश्वास से जुड़े प्रसंगों को संगीत, भजन, नृत्य और अभिनय के जरिए दिखाया गया। प्रस्तुति में नानी बाई के जीवन से जुड़े प्रसंगों और मायरे के दौरान की स्थितियों को भावपूर्ण तरीके से दर्शाया गया। भजनों और संवादों के बीच कलाकारों ने अलग-अलग किरदार निभाकर कथा को आगे बढ़ाया। धार्मिक प्रसंगों के दौरान श्रद्धालु भावुक हो गए। कई बार पूरा परिसर तालियों और भजनों से गूंज उठा। कलाकारों ने अभिनय के साथ नृत्य भी किया, जिससे कथा संगीतमय हो गई। प्रस्तुति के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाए और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। तस्वीरे देखिए… दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग मां कालिका मित्र मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ शहर के दूसरे इलाकों से भी लोग पहुंचे। इसी तरह ‘बड़वानी धरोहर’ के मंच पर आयोजित प्रस्तुति देखने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गणेशोत्सव की रात धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। बड़वानी धरोहर के सदस्यों का सम्मान ‘बड़वानी धरोहर’ के कार्यक्रम के दौरान समिति की ओर से सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। बड़वानी धरोहर के सक्रिय सदस्य और बड़वानी सर्व ब्राह्मण समाज के युवा अध्यक्ष आदित्य शर्मा तथा अतुल कुमावत को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। समिति की ओर से उन्हें बड़वानी धरोहर का प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। इसके अलावा आयोजन में सहयोग करने वाले अन्य लोगों का भी सम्मान किया गया।

Sep 25, 2026 - 07:39
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बड़वानी में गणेशोत्सव पर कांतारा और नानी बाई का मायरा:कलाकारों ने नृत्य-अभिनय दिखाई; धरोहर के सदस्यों का सम्मान
बड़वानी में गुरुवार रात गणेशोत्सव के दौरान शहर के विभिन्न गणेश पंडालों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। झंडा चौक स्थित ऐतिहासिक नाभि केंद्र में ‘बड़वानी धरोहर’ के मंच पर ‘कांतारा’ फिल्म की कहानी पर आधारित आकर्षक प्रस्तुति दी गई। वहीं पाला बाजार स्थित मां कालिका माता मंदिर परिसर में मां कालिका मित्र मंडल ने संगीतमय ‘नानी बाई का मायरा’ प्रस्तुत किया। दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ‘कांतारा’ की कहानी नृत्य-अभिनय से दिखाई ‘बड़वानी धरोहर’ के मंच पर कलाकारों ने ‘कांतारा’ की कहानी को नृत्य, अभिनय और संगीत के जरिए दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में लोक परंपरा, आस्था, प्रकृति और संघर्ष से जुड़े प्रसंगों को दिखाया गया। कलाकारों ने अलग-अलग किरदार निभाकर कहानी के प्रमुख दृश्यों को मंच पर जीवंत किया। कलाकारों के नृत्य, अभिनय, वेशभूषा और संवाद ने प्रस्तुति को आकर्षक बनाया। कहानी के भावुक और रोमांचक प्रसंगों के दौरान दर्शक भी प्रस्तुति से जुड़े रहे। प्रस्तुति पूरी होने के बाद पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। संगीतमय ‘नानी बाई का मायरा’ ने बांधा समां मां कालिका माता मंदिर परिसर में रात 9 बजे संगीतमय ‘नानी बाई का मायरा’ प्रस्तुत किया गया। कथा में बेटी और मायके के रिश्ते, भक्ति, श्रद्धा और भगवान पर अटूट विश्वास से जुड़े प्रसंगों को संगीत, भजन, नृत्य और अभिनय के जरिए दिखाया गया। प्रस्तुति में नानी बाई के जीवन से जुड़े प्रसंगों और मायरे के दौरान की स्थितियों को भावपूर्ण तरीके से दर्शाया गया। भजनों और संवादों के बीच कलाकारों ने अलग-अलग किरदार निभाकर कथा को आगे बढ़ाया। धार्मिक प्रसंगों के दौरान श्रद्धालु भावुक हो गए। कई बार पूरा परिसर तालियों और भजनों से गूंज उठा। कलाकारों ने अभिनय के साथ नृत्य भी किया, जिससे कथा संगीतमय हो गई। प्रस्तुति के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाए और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। तस्वीरे देखिए… दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग मां कालिका मित्र मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ शहर के दूसरे इलाकों से भी लोग पहुंचे। इसी तरह ‘बड़वानी धरोहर’ के मंच पर आयोजित प्रस्तुति देखने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गणेशोत्सव की रात धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। बड़वानी धरोहर के सदस्यों का सम्मान ‘बड़वानी धरोहर’ के कार्यक्रम के दौरान समिति की ओर से सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। बड़वानी धरोहर के सक्रिय सदस्य और बड़वानी सर्व ब्राह्मण समाज के युवा अध्यक्ष आदित्य शर्मा तथा अतुल कुमावत को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। समिति की ओर से उन्हें बड़वानी धरोहर का प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। इसके अलावा आयोजन में सहयोग करने वाले अन्य लोगों का भी सम्मान किया गया।