चित्रकूट में दीपोत्सव के पहले दिन 6 लाख श्रद्धालु पहुंचे:मंदाकिनी में स्नान के बाद कामदगिरि की परिक्रमा की; 500 ड्रोन से दिखेगी राम वनवास की झांकी

चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को हुई। पहले दिन 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में स्नान किया और भगवान कामतानाथ के दर्शन किए। 10 नवंबर तक चलने वाले इस उत्सव में 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। शुक्रवार शाम मंदाकिनी तट पर मां गंगा की आरती हुई। श्रद्धालु बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से परिवार और समूहों में चित्रकूट पहुंचे। रामघाट से लेकर प्रमुख मंदिरों तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। कुछ श्रद्धालु स्नान, परिक्रमा और दर्शन के बाद उसी दिन लौट रहे हैं, जबकि कई परिवारों ने पांचों दिन चित्रकूट में रुकने की योजना बनाई है। मंदाकिनी स्नान के बाद कामदगिरि की परिक्रमा दीपावली के दौरान चित्रकूट में मंदाकिनी स्नान और कामदगिरि परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है। श्रद्धालु रामघाट सहित नदी के अलग-अलग घाटों पर स्नान और पूजा कर रहे हैं। इसके बाद कामदगिरि की परिक्रमा कर भगवान कामतानाथ के दर्शन कर रहे हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख रास्तों पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। 9 मंचों पर दिखेगी बुंदेली लोक संस्कृति दीपोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ बुंदेली लोक संस्कृति के कार्यक्रम भी होंगे। कामदगिरि आरती स्थल और रामायण दर्शन परिक्रमा मार्ग सहित 9 जगहों पर सांस्कृतिक मंच बनाए गए हैं। इन मंचों पर कलाकार राई, दीवारी, पाई-डंडा, आल्हा गायन, तंबूरा नृत्य और भजन-कीर्तन की प्रस्तुतियां देंगे। 500 ड्रोन से दिखेगी भगवान श्रीराम के वनवास की झांकी दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण 8 नवंबर को अमावस्या पर होने वाला आयोजन रहेगा। रामघाट पर दीपदान के बाद 500 ड्रोन के जरिए आसमान में भगवान श्रीराम के वनवास काल से जुड़े दृश्य दिखाए जाएंगे। इसके लिए विशेष ड्रोन शो की तैयारी की गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इसे देखने पहुंचने की संभावना है। बाढ़ के बाद बदले इंतजाम, गुप्त गोदावरी की गुफाओं में प्रवेश बंद अगस्त में मंदाकिनी में आई भीषण बाढ़ से घाटों और आवागमन के कई रास्ते प्रभावित हुए थे। इसे देखते हुए इस बार वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। भरत घाट पर फ्लोटिंग पुल और हनुमानधारा मार्ग पर पीपा पुल से लोगों की आवाजाही कराई जा रही है। वहीं, सुरक्षा कारणों से गुप्त गोदावरी की गुफाओं में प्रवेश बंद रखा गया है। घाटों पर सुरक्षा बलों और बचाव दलों को तैनात किया गया है। साथ ही भीड़ को संभालने के इंतजाम किए गए हैं। पांच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

Nov 7, 2026 - 07:49
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चित्रकूट में दीपोत्सव के पहले दिन 6 लाख श्रद्धालु पहुंचे:मंदाकिनी में स्नान के बाद कामदगिरि की परिक्रमा की; 500 ड्रोन से दिखेगी राम वनवास की झांकी
चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को हुई। पहले दिन 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में स्नान किया और भगवान कामतानाथ के दर्शन किए। 10 नवंबर तक चलने वाले इस उत्सव में 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। शुक्रवार शाम मंदाकिनी तट पर मां गंगा की आरती हुई। श्रद्धालु बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से परिवार और समूहों में चित्रकूट पहुंचे। रामघाट से लेकर प्रमुख मंदिरों तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। कुछ श्रद्धालु स्नान, परिक्रमा और दर्शन के बाद उसी दिन लौट रहे हैं, जबकि कई परिवारों ने पांचों दिन चित्रकूट में रुकने की योजना बनाई है। मंदाकिनी स्नान के बाद कामदगिरि की परिक्रमा दीपावली के दौरान चित्रकूट में मंदाकिनी स्नान और कामदगिरि परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है। श्रद्धालु रामघाट सहित नदी के अलग-अलग घाटों पर स्नान और पूजा कर रहे हैं। इसके बाद कामदगिरि की परिक्रमा कर भगवान कामतानाथ के दर्शन कर रहे हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख रास्तों पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। 9 मंचों पर दिखेगी बुंदेली लोक संस्कृति दीपोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ बुंदेली लोक संस्कृति के कार्यक्रम भी होंगे। कामदगिरि आरती स्थल और रामायण दर्शन परिक्रमा मार्ग सहित 9 जगहों पर सांस्कृतिक मंच बनाए गए हैं। इन मंचों पर कलाकार राई, दीवारी, पाई-डंडा, आल्हा गायन, तंबूरा नृत्य और भजन-कीर्तन की प्रस्तुतियां देंगे। 500 ड्रोन से दिखेगी भगवान श्रीराम के वनवास की झांकी दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण 8 नवंबर को अमावस्या पर होने वाला आयोजन रहेगा। रामघाट पर दीपदान के बाद 500 ड्रोन के जरिए आसमान में भगवान श्रीराम के वनवास काल से जुड़े दृश्य दिखाए जाएंगे। इसके लिए विशेष ड्रोन शो की तैयारी की गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इसे देखने पहुंचने की संभावना है। बाढ़ के बाद बदले इंतजाम, गुप्त गोदावरी की गुफाओं में प्रवेश बंद अगस्त में मंदाकिनी में आई भीषण बाढ़ से घाटों और आवागमन के कई रास्ते प्रभावित हुए थे। इसे देखते हुए इस बार वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। भरत घाट पर फ्लोटिंग पुल और हनुमानधारा मार्ग पर पीपा पुल से लोगों की आवाजाही कराई जा रही है। वहीं, सुरक्षा कारणों से गुप्त गोदावरी की गुफाओं में प्रवेश बंद रखा गया है। घाटों पर सुरक्षा बलों और बचाव दलों को तैनात किया गया है। साथ ही भीड़ को संभालने के इंतजाम किए गए हैं। पांच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।