गिरिबाला की जमानत पर आज हो सकती है सुनवाई:ट्विशा शर्मा मौत मामला; वकीलों ने दी अर्जी, CBI को पेश करना है हाईकोर्ट में जवाब
मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई संभव है। गिरिबाला सिंह के वकील ने अदालत से आज सुनवाई के लिए अनुरोध किया है। हालांकि, सीबीआई ने अभी तक अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की है। इससे पहले हुई सुनवाई में सीबीआई ने केस डायरी और जमानत पर आपत्ति के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। इसके चलते गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई थी। वे फिलहाल भोपाल जेल में बंद हैं। बचाव पक्ष ने कहा- ठोस सबूत नहीं पिछली सुनवाई में गिरिबाला सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने पक्ष रखा था। उन्होंने तर्क दिया था कि गिरिबाला सिंह के खिलाफ ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उन्होंने अपनी बहू ट्विशा को आत्महत्या के लिए उकसाया। इसी आधार पर जमानत देने की मांग की गई थी। वहीं, सीबीआई ने अदालत से कहा था कि वह अभी केस डायरी पेश करने की स्थिति में नहीं है और जमानत याचिका पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय चाहिए। अगली सुनवाई में जांच एजेंसी जमानत पर अपना जवाब और जांच से जुड़े तथ्य अदालत के सामने रख सकती है। 12 मई को ससुराल में मिला था शव ट्विशा शर्मा का शव 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था। इसके बाद मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना और दहेज से जुड़े आरोप लगाए थे। शुरुआती जांच पुलिस और एसआईटी ने की थी। परिवार ने जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। प्रदेश सरकार की सहमति के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जांच में अहम जांच के दौरान ट्विशा के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की गई। सीबीआई ने घटनास्थल पर पहुंचकर सुसाइड सीन का रीक्रिएशन भी किया था। इसके अलावा हाईकोर्ट ने ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति दी थी। एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम ने AIIMS भोपाल में दूसरी पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की थी। ट्विशा की मौत से पहले के आखिरी समय को लेकर भी सवाल उठे हैं। परिवार के मुताबिक, ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर बात की थी और ससुराल में कथित परेशानी का जिक्र किया था। परिवार का दावा है कि कुछ देर बाद पति के कमरे में पहुंचने पर फोन कॉल कट गया। इन दावों की पुष्टि जांच में मिले डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर होनी है।
मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई संभव है। गिरिबाला सिंह के वकील ने अदालत से आज सुनवाई के लिए अनुरोध किया है। हालांकि, सीबीआई ने अभी तक अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की है। इससे पहले हुई सुनवाई में सीबीआई ने केस डायरी और जमानत पर आपत्ति के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। इसके चलते गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई थी। वे फिलहाल भोपाल जेल में बंद हैं। बचाव पक्ष ने कहा- ठोस सबूत नहीं पिछली सुनवाई में गिरिबाला सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने पक्ष रखा था। उन्होंने तर्क दिया था कि गिरिबाला सिंह के खिलाफ ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उन्होंने अपनी बहू ट्विशा को आत्महत्या के लिए उकसाया। इसी आधार पर जमानत देने की मांग की गई थी। वहीं, सीबीआई ने अदालत से कहा था कि वह अभी केस डायरी पेश करने की स्थिति में नहीं है और जमानत याचिका पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय चाहिए। अगली सुनवाई में जांच एजेंसी जमानत पर अपना जवाब और जांच से जुड़े तथ्य अदालत के सामने रख सकती है। 12 मई को ससुराल में मिला था शव ट्विशा शर्मा का शव 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था। इसके बाद मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना और दहेज से जुड़े आरोप लगाए थे। शुरुआती जांच पुलिस और एसआईटी ने की थी। परिवार ने जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। प्रदेश सरकार की सहमति के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जांच में अहम जांच के दौरान ट्विशा के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की गई। सीबीआई ने घटनास्थल पर पहुंचकर सुसाइड सीन का रीक्रिएशन भी किया था। इसके अलावा हाईकोर्ट ने ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति दी थी। एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम ने AIIMS भोपाल में दूसरी पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की थी। ट्विशा की मौत से पहले के आखिरी समय को लेकर भी सवाल उठे हैं। परिवार के मुताबिक, ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर बात की थी और ससुराल में कथित परेशानी का जिक्र किया था। परिवार का दावा है कि कुछ देर बाद पति के कमरे में पहुंचने पर फोन कॉल कट गया। इन दावों की पुष्टि जांच में मिले डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर होनी है।