अम्बेडकरनगर के देवी मंदिरों में महाअष्टमी पर उमड़ी भीड़:सततेश्वरी भवानी धाम में मुंबई-कोलकाता से भी पहुंचे भक्त, गूंजे जयकारे
अम्बेडकरनगर में शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर रविवार को जिले के देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिरों में मां दुर्गा के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। घरों में भी श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना की। महाअष्टमी पर सतेश्वरी भवानी धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल के बीच मां के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेककर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की। मंदिर में सुबह से ही पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा। मंदिर के महंत सत्येंद्र कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2007 में मंदिर की स्थापना हुई थी। तब से यहां श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। अम्बेडकरनगर के अलावा आजमगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर और प्रयागराज समेत आसपास के जिलों से भक्त मां के दर्शन करने पहुंचते हैं। मुंबई और कोलकाता जैसे दूरस्थ शहरों से भी श्रद्धालु यहां आकर शीश नवाते हैं।
महंत ने बताया कि भक्त मां के दरबार में संतान सुख, धन-धान्य, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना लेकर आते हैं। श्रद्धालुओं को माता रानी पर अटूट विश्वास है। मंदिर में मां के विशेष श्रृंगार की भी परंपरा है। मंदिर के दूसरे महंत के अनुसार, माता रानी के श्रृंगार की तैयारी सुबह चार बजे से शुरू हो जाती है। पूरे श्रद्धाभाव और समर्पण के साथ मां का श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की जाती है। महाअष्टमी पर मंदिर में उमड़ी भीड़ और गूंजते जयकारों के बीच पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। देवी मंदिरों से लेकर घरों तक मां दुर्गा की आराधना में श्रद्धालु लीन रहे।
अम्बेडकरनगर में शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर रविवार को जिले के देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिरों में मां दुर्गा के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। घरों में भी श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना की। महाअष्टमी पर सतेश्वरी भवानी धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल के बीच मां के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेककर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की। मंदिर में सुबह से ही पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा। मंदिर के महंत सत्येंद्र कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2007 में मंदिर की स्थापना हुई थी। तब से यहां श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। अम्बेडकरनगर के अलावा आजमगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर और प्रयागराज समेत आसपास के जिलों से भक्त मां के दर्शन करने पहुंचते हैं। मुंबई और कोलकाता जैसे दूरस्थ शहरों से भी श्रद्धालु यहां आकर शीश नवाते हैं।
महंत ने बताया कि भक्त मां के दरबार में संतान सुख, धन-धान्य, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना लेकर आते हैं। श्रद्धालुओं को माता रानी पर अटूट विश्वास है। मंदिर में मां के विशेष श्रृंगार की भी परंपरा है। मंदिर के दूसरे महंत के अनुसार, माता रानी के श्रृंगार की तैयारी सुबह चार बजे से शुरू हो जाती है। पूरे श्रद्धाभाव और समर्पण के साथ मां का श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की जाती है। महाअष्टमी पर मंदिर में उमड़ी भीड़ और गूंजते जयकारों के बीच पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। देवी मंदिरों से लेकर घरों तक मां दुर्गा की आराधना में श्रद्धालु लीन रहे।