धनतेरस पर रीवा में 200 करोड़ का कारोबार:सराफा बाजार में 80 करोड़ की बिक्री, 50 करोड़ का रियल एस्टेट व्यापार
धनतेरस पर शुक्रवार को रीवा के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी। सराफा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, बर्तन और सजावटी सामान की दुकानों पर देर रात तक चहल-पहल बनी रही। त्योहार पर हुई खरीदारी से कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। व्यापारी संघ के अध्यक्ष नरेश काली के मुताबिक इस बार धनतेरस पर शहर में करीब 200 करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान है। सोने-चांदी की कीमतों में उछाल के बावजूद ग्राहकों के उत्साह में कमी नहीं दिखी। लोगों ने आभूषणों के साथ सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और पूजन सामग्री की खरीदारी की। 6 नवंबर को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.46 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव करीब 2.26 लाख रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया। पिछले साल के मुकाबले सोने की कीमत में करीब 19 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी बताई जा रही है। इसके बावजूद सराफा बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी रौनक ऑटोमोबाइल कारोबार में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की खरीदारी का माहौल रहा। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, मोबाइल और अन्य घरेलू उपकरणों की बिक्री हुई। बर्तन बाजार में स्टील, पीतल, तांबे और चांदी के बर्तनों की मांग रही। कपड़ा, मिठाई, फर्नीचर और सजावटी सामान की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। ईवी स्कूटर की बढ़ी मांग दीपोत्सव पर घरों को रोशन करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने सजावट के साथ रंगीन झालरों की भी खरीदारी की। वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग भी बनी रही। कारोबारियों के मुताबिक कुछ मॉडल की बुकिंग पर दो महीने तक की वेटिंग मिल रही है। बाइक और स्कूटर खरीदने वालों की संख्या भी अच्छी रही। कुछ ग्राहक बुकिंग कराकर वाहन की डिलीवरी का इंतजार करते नजर आए। बाजार में हुए कारोबार का अनुमान व्यापारी संघ के अध्यक्ष नरेश काली के मुताबिक अलग-अलग बाजारों में कारोबार का अनुमान इस प्रकार है। बाजारों में यातायात व्यवस्था रही प्रभावित धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने शहर के प्रमुख बाजार मार्गों पर ऑटो और ई-रिक्शा के प्रवेश पर रोक लगाई थी। चारपहिया वाहनों के लिए शिल्पी प्लाजा, साईं मंदिर, मानस भवन और स्वागत भवन सहित अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। हालांकि बाजारों में बढ़ती भीड़ के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। लंबा जाम लगने से लोगों को परेशान होना पड़ा। कई जगह वाहन रेंगते नजर आए।
धनतेरस पर शुक्रवार को रीवा के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी। सराफा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, बर्तन और सजावटी सामान की दुकानों पर देर रात तक चहल-पहल बनी रही। त्योहार पर हुई खरीदारी से कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। व्यापारी संघ के अध्यक्ष नरेश काली के मुताबिक इस बार धनतेरस पर शहर में करीब 200 करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान है। सोने-चांदी की कीमतों में उछाल के बावजूद ग्राहकों के उत्साह में कमी नहीं दिखी। लोगों ने आभूषणों के साथ सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और पूजन सामग्री की खरीदारी की। 6 नवंबर को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.46 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव करीब 2.26 लाख रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया। पिछले साल के मुकाबले सोने की कीमत में करीब 19 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी बताई जा रही है। इसके बावजूद सराफा बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी रौनक ऑटोमोबाइल कारोबार में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की खरीदारी का माहौल रहा। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, मोबाइल और अन्य घरेलू उपकरणों की बिक्री हुई। बर्तन बाजार में स्टील, पीतल, तांबे और चांदी के बर्तनों की मांग रही। कपड़ा, मिठाई, फर्नीचर और सजावटी सामान की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। ईवी स्कूटर की बढ़ी मांग दीपोत्सव पर घरों को रोशन करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने सजावट के साथ रंगीन झालरों की भी खरीदारी की। वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग भी बनी रही। कारोबारियों के मुताबिक कुछ मॉडल की बुकिंग पर दो महीने तक की वेटिंग मिल रही है। बाइक और स्कूटर खरीदने वालों की संख्या भी अच्छी रही। कुछ ग्राहक बुकिंग कराकर वाहन की डिलीवरी का इंतजार करते नजर आए। बाजार में हुए कारोबार का अनुमान व्यापारी संघ के अध्यक्ष नरेश काली के मुताबिक अलग-अलग बाजारों में कारोबार का अनुमान इस प्रकार है। बाजारों में यातायात व्यवस्था रही प्रभावित धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने शहर के प्रमुख बाजार मार्गों पर ऑटो और ई-रिक्शा के प्रवेश पर रोक लगाई थी। चारपहिया वाहनों के लिए शिल्पी प्लाजा, साईं मंदिर, मानस भवन और स्वागत भवन सहित अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। हालांकि बाजारों में बढ़ती भीड़ के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। लंबा जाम लगने से लोगों को परेशान होना पड़ा। कई जगह वाहन रेंगते नजर आए।