गांव से एक किमी दूर मिलता है मोबाइल का नेटवर्क:सिवनी के नयेगांव के लोग परेशान, एंबुलेंस बुलाने में भी दिक्कत
सिवनी जिले में एक ऐसा गांव है, जहां मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं है। कुरई ब्लॉक के पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में स्थित नयेगांव में किसी भी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क नहीं मिलता है। ग्रामीणों को फोन पर बात करने के लिए गांव से एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस बुलाने के लिए तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुखवती परते ने बताया कि सरकारी कामकाज के लिए उन्हें दूसरे गांव जाना पड़ता है। नेटवर्क की समस्या इतनी गंभीर है कि एक युवक का विवाह भी इसी कारण नहीं हो पाया। लड़की पक्ष ने नेटवर्क न होने की वजह से रिश्ता ठुकरा दिया। पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह के अनुसार, बीएसएनएल ने बफर जोन में टावर लगाने की अनुमति मांगी है। हाल ही में आसपास के चार गांवों में मोबाइल टावर लगाए गए हैं। अधिकारियों से नयेगांव में भी जल्द नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की बात की गई है। जब पूरा देश डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है, तब यह गांव अभी भी मूलभूत संचार सुविधाओं से वंचित है। इससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी बाधित हो रहा है। तस्वीरों में देखें गांव के हालात
सिवनी जिले में एक ऐसा गांव है, जहां मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं है। कुरई ब्लॉक के पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में स्थित नयेगांव में किसी भी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क नहीं मिलता है। ग्रामीणों को फोन पर बात करने के लिए गांव से एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस बुलाने के लिए तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुखवती परते ने बताया कि सरकारी कामकाज के लिए उन्हें दूसरे गांव जाना पड़ता है। नेटवर्क की समस्या इतनी गंभीर है कि एक युवक का विवाह भी इसी कारण नहीं हो पाया। लड़की पक्ष ने नेटवर्क न होने की वजह से रिश्ता ठुकरा दिया। पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह के अनुसार, बीएसएनएल ने बफर जोन में टावर लगाने की अनुमति मांगी है। हाल ही में आसपास के चार गांवों में मोबाइल टावर लगाए गए हैं। अधिकारियों से नयेगांव में भी जल्द नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की बात की गई है। जब पूरा देश डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है, तब यह गांव अभी भी मूलभूत संचार सुविधाओं से वंचित है। इससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी बाधित हो रहा है। तस्वीरों में देखें गांव के हालात