गुना में फॉरेस्ट टीम ने सियार को किया रेस्क्यू:70 फीट गहरे कुएं में गिरा था; रस्सी के सहारे नीचे उतरे, जाल डालकर बाहर निकाला
गुना में फॉरेस्ट टीम ने सियार को किया रेस्क्यू:70 फीट गहरे कुएं में गिरा था; रस्सी के सहारे नीचे उतरे, जाल डालकर बाहर निकाला
फॉरेस्ट की टीम ने जिले के इमलिया गांव से सियार का रेस्क्यू किया है। वह 70 फीट गहरे सूखे कुएं में गिरा हुआ था। टीम ने काफी मशक्कत के बाद उसका रेस्क्यू किया। मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को इमलिया गांव के लोगों ने वन विभाग को सूचना दी कि गांव के पास के एक गहरे सूखे कुएं में एक सियार गिर गया है। गुना दक्षिण रेंज के रेंजर विवेक चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बेरखेड़ी डिप्टी रेंजर महेश गोस्वामी और डिपो प्रभारी हरीश भार्गव के नेतृत्व में एक टीम तैयार की। साथ ही सहायता के लिए वॉइस फॉर वाइल्डलाइफ NGO को साथ में सहयोग के लिए भेजा। टीम ने मिलकर सूखे कुएं में सियार की स्थिति देखी। कुआं लगभग 70 फीट गहरा था और रेस्क्यू काफी चुनौतीपूर्ण था। रेस्क्यू टीम ने सियार का रेस्क्यू कर बाहर निकाला। ग्रामीण राजपाल सिंह चौहान और कोमल प्रसाद ने बताया कि सियार चार दिन पहले गिर गया था। पहले ग्रामीणों ने भी उसको निकालने का पूरा प्रयास किया, लेकिन सफल न होने पर वन विभाग को सूचना दी। रस्सी से नीचे उतरे, जाल डालकर बाहर निकाला
कुआं बहुत गहरा होने की वजह से रेस्क्यू टीम से लव यादव रस्सी की सहायता से कुएं में नीचे उतरे और जाल डालकर सियार को सुरक्षित ऊपर लाया। वाइल्डलाइफ NGO से निवेद यादव ने बताया कि यह एक मादा सियार है, जो लगभग तीन से चार साल का है। सियार संतुलन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और खेतों के चूहे खाकर किसानों के मित्र की भूमिका निभाता है। पूरे रेस्क्यू में वन विभाग से वनरक्षक अभिषेक ओझा, वनरक्षक शिवम उपाध्याय, वाहन चालक पप्पू चंदेल और वॉइस फॉर वाइल्डलाइफ NGO से निवेद यादव, अभिषेक राठौर शामिल रहे। रेंजर विवेक चौधरी ने बताया कि रेंज गुना दक्षिण अंतर्गत पिछले दो दिन से चल रहे सियार के रेस्क्यू कार्य में स्टाफ को कड़ी मशक्कत के बाद सफलता हाथ लगी। सियार को मेडिकल चेकअप के बाद स्वस्थ हालात में जंगल में छोड़ा गया। इस कार्य में स्टाफ के साथ साथ ग्रामीणों और एनजीओ के सदस्यों की भी मुख्य भूमिका रही।
फॉरेस्ट की टीम ने जिले के इमलिया गांव से सियार का रेस्क्यू किया है। वह 70 फीट गहरे सूखे कुएं में गिरा हुआ था। टीम ने काफी मशक्कत के बाद उसका रेस्क्यू किया। मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को इमलिया गांव के लोगों ने वन विभाग को सूचना दी कि गांव के पास के एक गहरे सूखे कुएं में एक सियार गिर गया है। गुना दक्षिण रेंज के रेंजर विवेक चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बेरखेड़ी डिप्टी रेंजर महेश गोस्वामी और डिपो प्रभारी हरीश भार्गव के नेतृत्व में एक टीम तैयार की। साथ ही सहायता के लिए वॉइस फॉर वाइल्डलाइफ NGO को साथ में सहयोग के लिए भेजा। टीम ने मिलकर सूखे कुएं में सियार की स्थिति देखी। कुआं लगभग 70 फीट गहरा था और रेस्क्यू काफी चुनौतीपूर्ण था। रेस्क्यू टीम ने सियार का रेस्क्यू कर बाहर निकाला। ग्रामीण राजपाल सिंह चौहान और कोमल प्रसाद ने बताया कि सियार चार दिन पहले गिर गया था। पहले ग्रामीणों ने भी उसको निकालने का पूरा प्रयास किया, लेकिन सफल न होने पर वन विभाग को सूचना दी। रस्सी से नीचे उतरे, जाल डालकर बाहर निकाला
कुआं बहुत गहरा होने की वजह से रेस्क्यू टीम से लव यादव रस्सी की सहायता से कुएं में नीचे उतरे और जाल डालकर सियार को सुरक्षित ऊपर लाया। वाइल्डलाइफ NGO से निवेद यादव ने बताया कि यह एक मादा सियार है, जो लगभग तीन से चार साल का है। सियार संतुलन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और खेतों के चूहे खाकर किसानों के मित्र की भूमिका निभाता है। पूरे रेस्क्यू में वन विभाग से वनरक्षक अभिषेक ओझा, वनरक्षक शिवम उपाध्याय, वाहन चालक पप्पू चंदेल और वॉइस फॉर वाइल्डलाइफ NGO से निवेद यादव, अभिषेक राठौर शामिल रहे। रेंजर विवेक चौधरी ने बताया कि रेंज गुना दक्षिण अंतर्गत पिछले दो दिन से चल रहे सियार के रेस्क्यू कार्य में स्टाफ को कड़ी मशक्कत के बाद सफलता हाथ लगी। सियार को मेडिकल चेकअप के बाद स्वस्थ हालात में जंगल में छोड़ा गया। इस कार्य में स्टाफ के साथ साथ ग्रामीणों और एनजीओ के सदस्यों की भी मुख्य भूमिका रही।