साउथ-अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराएगी निशा:बिलासपुर के ऑटो चालक की बेटी कर चुकी है माउंट एलब्रुस फतह, CM बोले-सपने होंगे सरकार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऑटो चालक की बेटी निशा यादव साउथ अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारों फतह कर तिरंगा फहराएगी। शुक्रवार को CM विष्णुदेव साय ने निशा को वीडियो कॉल किया।उन्होंने कहा कि आपको किलिमंजारो पर चढ़ना है तो खर्च की चिंता मत करिए। निशा माउंट एलब्रुस फतह कर चुकी है। CM साय की बातों को सुनकर हैरान निशा बोली आप कौन हैं, तब सामने से आवाज आई कि बेटा मैं विष्णुदेव साय बोल रहा हूं। मुख्यमंत्री के स्नेहपूर्ण आश्वासन को सुनकर निशा खुश हो गई। निशा को इस बात पर भी यकीन करना मुश्किल हो रहा था कि बिना आवेदन या आग्रह के उनका सपना पूरा हो रहा है। CM साय निशा बोली- एलब्रुस कर चुकी है फतह मुख्यमंत्री साय ने निशा के साथ पर्वतारोहण के बारे विस्तार से चर्चा की। निशा ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके पिता ऑटो चालक है। आर्थिक तंगियों के बावजूद भी वह कठिन परिश्रम करती रही। उसे बचपन से ही प्रकृति और पहाड़ों के बीच रहना और पर्वतारोहण पसंद है। इस कठिन परिश्रम से निशा लगातार सफलता हासिल की और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य निशान ने यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस की चढ़ाई के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया। उसने बताया कि पर्वत की यात्राएं रोमांच से भर देती हैं। पर्वतों की चोटी पर तिरंगा फहराना गर्व से भर देता है। निशा ने कहा कि अब अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना चाहती हैं। उनका अंतिम लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का है। सीएम साय बोले- बिलासपुर की बेटी पर गर्व है बातचीत के दौरान निशा ने नम आवाज में मुख्यमंत्री को बताया कि वह पिछले कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे पिता ऑटो चालक हैं और मेरे सपने को पूरा कर पाना उनके लिए कठिन था। मन में बड़ी दुविधा थी कि यह कैसे संभव हो पाएगा, मेरा सपना कैसे पूरा होगा। आज आप ने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री जी मैं आपको बहुत धन्यवाद देती हूं। वहीं, निशा की आत्मविश्वास भरी इन बातों को सुनकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। हम चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा कि आर्थिक हालात से हौसले पस्त नहीं होते। निशा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका आत्मविश्वास और जुनून जरूर आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचाएगी। आर्थिक तंगी बन रही थी बाधा निशा अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह कर वहां तिरंगा फहराना चाहती है। निशा का सपना है कि 19341 फीट ऊंची चोटी पर चढ़ कर भारत देश का झंडा तिरंगा फहराना। पर उसके लिए 3 लाख 45 हजार रुपए की फीस राह में बाधा बन रही थी। इसके लिए वह स्पांसरशीप की तलाश में भटक रही थी। निशा दुनिया की सबसे ऊंची चोंटी माउंट एवरेस्ट फतह कर तिरंगा फहराना चाहती है। जानिए, निशा यादव की मेहनत की कहानी... निशा के पिता श्याम कार्तिक यादव ऑटो चालक हैं और मां राजकुमारी यादव गृहणी हैं। निशा 2 बहनों में छोटी है। उनकी बड़ी बहन प्रिया यादव की शादी हो चुकी है। निशा ने मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल से 10वीं 12वीं की कक्षा पास की है। साइंस सब्जेक्ट से 12वीं पास करने के बाद वो बीए की और फिर राजनीति शास्त्र में एमए की पढ़ाई की। निशा को बचपन से ही प्रकृति और पहाड़ों के बीच रहना और पर्वतारोहण पसंद है। कठिन परिश्रम से निशा लगातार सफलता हासिल करती गई। कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। निशा बिलासपुर में भी रोजाना अपना प्रैक्टिस जारी रखती है। इसके लिए बेस्ट स्विमिंग करने के साथ ग्राउंड में जाकर एक्सरसाइज करती है। कई बार निशा को हताशा हाथ लगी पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की तरफ मेहनत करती रही। यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस फतह करने के लिए उन्हें लाखों रुपए फीस भरने की जरूरत थी। तब सीपत स्थित एनटीपीसी ने उनका सहयोग किया था। अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निशा की मदद के लिए पहल की है। निशा यादव की सफलता के रिकार्ड

साउथ-अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराएगी निशा:बिलासपुर के ऑटो चालक की बेटी कर चुकी है माउंट एलब्रुस फतह, CM बोले-सपने होंगे सरकार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऑटो चालक की बेटी निशा यादव साउथ अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारों फतह कर तिरंगा फहराएगी। शुक्रवार को CM विष्णुदेव साय ने निशा को वीडियो कॉल किया।उन्होंने कहा कि आपको किलिमंजारो पर चढ़ना है तो खर्च की चिंता मत करिए। निशा माउंट एलब्रुस फतह कर चुकी है। CM साय की बातों को सुनकर हैरान निशा बोली आप कौन हैं, तब सामने से आवाज आई कि बेटा मैं विष्णुदेव साय बोल रहा हूं। मुख्यमंत्री के स्नेहपूर्ण आश्वासन को सुनकर निशा खुश हो गई। निशा को इस बात पर भी यकीन करना मुश्किल हो रहा था कि बिना आवेदन या आग्रह के उनका सपना पूरा हो रहा है। CM साय निशा बोली- एलब्रुस कर चुकी है फतह मुख्यमंत्री साय ने निशा के साथ पर्वतारोहण के बारे विस्तार से चर्चा की। निशा ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके पिता ऑटो चालक है। आर्थिक तंगियों के बावजूद भी वह कठिन परिश्रम करती रही। उसे बचपन से ही प्रकृति और पहाड़ों के बीच रहना और पर्वतारोहण पसंद है। इस कठिन परिश्रम से निशा लगातार सफलता हासिल की और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य निशान ने यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस की चढ़ाई के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया। उसने बताया कि पर्वत की यात्राएं रोमांच से भर देती हैं। पर्वतों की चोटी पर तिरंगा फहराना गर्व से भर देता है। निशा ने कहा कि अब अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना चाहती हैं। उनका अंतिम लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का है। सीएम साय बोले- बिलासपुर की बेटी पर गर्व है बातचीत के दौरान निशा ने नम आवाज में मुख्यमंत्री को बताया कि वह पिछले कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे पिता ऑटो चालक हैं और मेरे सपने को पूरा कर पाना उनके लिए कठिन था। मन में बड़ी दुविधा थी कि यह कैसे संभव हो पाएगा, मेरा सपना कैसे पूरा होगा। आज आप ने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री जी मैं आपको बहुत धन्यवाद देती हूं। वहीं, निशा की आत्मविश्वास भरी इन बातों को सुनकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। हम चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा कि आर्थिक हालात से हौसले पस्त नहीं होते। निशा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका आत्मविश्वास और जुनून जरूर आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचाएगी। आर्थिक तंगी बन रही थी बाधा निशा अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह कर वहां तिरंगा फहराना चाहती है। निशा का सपना है कि 19341 फीट ऊंची चोटी पर चढ़ कर भारत देश का झंडा तिरंगा फहराना। पर उसके लिए 3 लाख 45 हजार रुपए की फीस राह में बाधा बन रही थी। इसके लिए वह स्पांसरशीप की तलाश में भटक रही थी। निशा दुनिया की सबसे ऊंची चोंटी माउंट एवरेस्ट फतह कर तिरंगा फहराना चाहती है। जानिए, निशा यादव की मेहनत की कहानी... निशा के पिता श्याम कार्तिक यादव ऑटो चालक हैं और मां राजकुमारी यादव गृहणी हैं। निशा 2 बहनों में छोटी है। उनकी बड़ी बहन प्रिया यादव की शादी हो चुकी है। निशा ने मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल से 10वीं 12वीं की कक्षा पास की है। साइंस सब्जेक्ट से 12वीं पास करने के बाद वो बीए की और फिर राजनीति शास्त्र में एमए की पढ़ाई की। निशा को बचपन से ही प्रकृति और पहाड़ों के बीच रहना और पर्वतारोहण पसंद है। कठिन परिश्रम से निशा लगातार सफलता हासिल करती गई। कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। निशा बिलासपुर में भी रोजाना अपना प्रैक्टिस जारी रखती है। इसके लिए बेस्ट स्विमिंग करने के साथ ग्राउंड में जाकर एक्सरसाइज करती है। कई बार निशा को हताशा हाथ लगी पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की तरफ मेहनत करती रही। यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस फतह करने के लिए उन्हें लाखों रुपए फीस भरने की जरूरत थी। तब सीपत स्थित एनटीपीसी ने उनका सहयोग किया था। अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निशा की मदद के लिए पहल की है। निशा यादव की सफलता के रिकार्ड