लखनऊ में 2 दिन नहीं आई बिजली:50 हजार लोग भोजन-पानी के लिए तरसे, करीब 500 लोगों ने पावर हाउस पर काटा बवाल
लखनऊ की कई कॉलोनियों में 2 दिन बिजली नहीं आई। इससे करीब 50 हजार लोग बुरी तरह प्रभावित हुए। जब लोगों को पानी की भी किल्लत होने लगी तो पावर हाउस पहुंचकर जमकर बवाल काटा। करीब 500 लोग एक साथ दुबग्गा पावर हाउस पहुंचे और वहां नारेबाजी करने लगे। मामला दुबग्गा पावर हाउस से पोषित कॉलोनियों का है। करीब आधा दर्जन कॉलोनियों में रविवार शाम से बिजली गुल हो गई। भारी बारिश के बीच बिजली विभाग की निष्क्रियता ने कॉलोनीवासियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं। अंधेरा, पानी और भोजन की किल्लत से लोग परेशान हो गए हैं। प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए... बारिश से राहत, लेकिन बिजली ने बढ़ाई परेशानी रविवार शाम 6 बजे दुबग्गा उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिसके बाद पूरी अक्षरा कॉलोनी अंधेरे में डूब गई। बारिश ने मौसम को ठंडक दी, मगर बिजली कटौती ने लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। उपभोक्ता इशरत जमाल ने बताया कि बिजली न होने से पानी की मोटरें बंद हैं। घरों में पीने का पानी खत्म हो चुका है और लोग मजबूरी में बाहर से पानी खरीदने को विवश हैं। नहाना, खाना बनाना और सफाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है। इन्वर्टर जवाब दे गए, बाहर से खाना मंगवाया लगातार 27 घंटे की कटौती ने इन्वर्टर भी बंद करा दिए। पानी न होने से रसोई चलाना मुश्किल हो गया और कई परिवार होटल या ऑनलाइन ऐप्स से खाना मंगवाने को मजबूर हो गए। उपभोक्ता अनुराग ने कहा कि ऐसी हालत आ गई है कि हमें खाना और पानी बाहर से मंगवाना पड़ रहा है। यहां किसी भी लोकल लेवल के अधिकारी शिकायत नहीं सुन रहे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद कॉलोनी के लोगों को अनदेखा किया जा रहा है। कोई सही से जवाब भी नहीं दे रहा है। बिजली न आने का कम से कम एक वाजिब कारण तो कोई बता दे। 1912 पर बताया गया- काम चल रहा है प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि किसी अधिकारी के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था। 1912 हेल्पलाइन पर फोन करने पर सिर्फ यह बताया जा रहा है कि “काम चल रहा है”। इतना कहते ही कहकर फोन काट दिया जाता है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि बारिश की शुरुआत होते ही लाइन ट्रिप हो जाती है और बहाल होने में घंटों, कभी-कभी पूरे दिन लग जाते हैं। 33 केवी में तकनीकी फॉल्ट नहीं ढूंढ पा रहे इस मामले में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से बयान जारी किया गया। इसके मुताबिक, 33 केवी दुबग्गा सबस्टेशन में तकनीकी फॉल्ट आ गया था। उसे ढूंढने में समय लगा। इस दौरान अक्षरा कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, दशहरी मोड़, भरावन मोड़, जेहटा और सिद्धेश्वरी इलाकों की करीब 19,000 बिजली उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। विभाग का दावा है कि ट्रांसमिशन और वितरण विभाग की टीम ने लगातार काम किया। करीब 31 घंटे में फॉल्ट मिला और सोमवार रात 1 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए... लखनऊ में गोमती उफनाई, 1 मीटर जलस्तर बढ़ा:पानी का दबाव बढ़ने पर बैराज के 6 गेट खोले, बख्शी का तालाब के गांवों में घुसा पानी लखनऊ में बीते एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश ने गोमती नदी के जलस्तर को बढ़ा दिया है। गऊघाट और गोमती बैराज पर पानी तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। खतरे की आहट को भांपते हुए प्रशासन ने गोमती बैराज के 9 में से 6 गेट खोल दिए हैं। पानी की रफ्तार तेज है और निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। (पूरी खबर पढ़िए)
लखनऊ की कई कॉलोनियों में 2 दिन बिजली नहीं आई। इससे करीब 50 हजार लोग बुरी तरह प्रभावित हुए। जब लोगों को पानी की भी किल्लत होने लगी तो पावर हाउस पहुंचकर जमकर बवाल काटा। करीब 500 लोग एक साथ दुबग्गा पावर हाउस पहुंचे और वहां नारेबाजी करने लगे। मामला दुबग्गा पावर हाउस से पोषित कॉलोनियों का है। करीब आधा दर्जन कॉलोनियों में रविवार शाम से बिजली गुल हो गई। भारी बारिश के बीच बिजली विभाग की निष्क्रियता ने कॉलोनीवासियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं। अंधेरा, पानी और भोजन की किल्लत से लोग परेशान हो गए हैं। प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए... बारिश से राहत, लेकिन बिजली ने बढ़ाई परेशानी रविवार शाम 6 बजे दुबग्गा उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिसके बाद पूरी अक्षरा कॉलोनी अंधेरे में डूब गई। बारिश ने मौसम को ठंडक दी, मगर बिजली कटौती ने लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। उपभोक्ता इशरत जमाल ने बताया कि बिजली न होने से पानी की मोटरें बंद हैं। घरों में पीने का पानी खत्म हो चुका है और लोग मजबूरी में बाहर से पानी खरीदने को विवश हैं। नहाना, खाना बनाना और सफाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है। इन्वर्टर जवाब दे गए, बाहर से खाना मंगवाया लगातार 27 घंटे की कटौती ने इन्वर्टर भी बंद करा दिए। पानी न होने से रसोई चलाना मुश्किल हो गया और कई परिवार होटल या ऑनलाइन ऐप्स से खाना मंगवाने को मजबूर हो गए। उपभोक्ता अनुराग ने कहा कि ऐसी हालत आ गई है कि हमें खाना और पानी बाहर से मंगवाना पड़ रहा है। यहां किसी भी लोकल लेवल के अधिकारी शिकायत नहीं सुन रहे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद कॉलोनी के लोगों को अनदेखा किया जा रहा है। कोई सही से जवाब भी नहीं दे रहा है। बिजली न आने का कम से कम एक वाजिब कारण तो कोई बता दे। 1912 पर बताया गया- काम चल रहा है प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि किसी अधिकारी के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था। 1912 हेल्पलाइन पर फोन करने पर सिर्फ यह बताया जा रहा है कि “काम चल रहा है”। इतना कहते ही कहकर फोन काट दिया जाता है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि बारिश की शुरुआत होते ही लाइन ट्रिप हो जाती है और बहाल होने में घंटों, कभी-कभी पूरे दिन लग जाते हैं। 33 केवी में तकनीकी फॉल्ट नहीं ढूंढ पा रहे इस मामले में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से बयान जारी किया गया। इसके मुताबिक, 33 केवी दुबग्गा सबस्टेशन में तकनीकी फॉल्ट आ गया था। उसे ढूंढने में समय लगा। इस दौरान अक्षरा कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, दशहरी मोड़, भरावन मोड़, जेहटा और सिद्धेश्वरी इलाकों की करीब 19,000 बिजली उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। विभाग का दावा है कि ट्रांसमिशन और वितरण विभाग की टीम ने लगातार काम किया। करीब 31 घंटे में फॉल्ट मिला और सोमवार रात 1 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए... लखनऊ में गोमती उफनाई, 1 मीटर जलस्तर बढ़ा:पानी का दबाव बढ़ने पर बैराज के 6 गेट खोले, बख्शी का तालाब के गांवों में घुसा पानी लखनऊ में बीते एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश ने गोमती नदी के जलस्तर को बढ़ा दिया है। गऊघाट और गोमती बैराज पर पानी तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। खतरे की आहट को भांपते हुए प्रशासन ने गोमती बैराज के 9 में से 6 गेट खोल दिए हैं। पानी की रफ्तार तेज है और निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। (पूरी खबर पढ़िए)