धार में मानसून कमजोर, 7 इंच कम बारिश हुई:जिले में सर्वाधिक 26.41 इंच वर्षा बदनावर में; कई बांध व तालाब अब भी खाली
इस वर्ष मानसून अब तक जिले के लिए पूरी तरह राहत नहीं ला पाया है। धार शहर में अब तक केवल 26 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत 33 इंच से करीब 7 इंच कम है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 26 अगस्त तक जिले में औसतन 509.9 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 577.7 मिमी बारिश हुई थी। इस तरह इस बार लगभग 70.8 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है। जिले में सबसे अधिक वर्षा बदनावर केंद्र पर 670.7 मिमी दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। यहां की बारिश से तालाबों में पानी की आवक हुई है, हालांकि जिले के अधिकांश डेम और तालाब अभी भी खाली हैं और उन्हें भरने के लिए और बारिश की आवश्यकता है। बांधों में पानी कम इसके अलावा बदनावर, तिरला, उमरबन, गंधवानी और धरमपुरी में पिछले साल से बेहतर बारिश हुई है, जबकि पीथमपुर, नालछा, सरदारपुर, कुक्षी, बाग, निसरपुर, डही और मनावर अब भी पिछड़ रहे हैं। कम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ी
औसत से कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिन इलाकों में बारिश कम हुई है, वहां फसलों पर असर पड़ने की आशंका है। यदि आने वाले दिनों में जोरदार वर्षा नहीं हुई, तो खरीफ फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है। जिले के कई तालाब और डेम अभी भी खाली पड़े हैं, जिससे पीने के पानी और सिंचाई दोनों पर संकट खड़ा हो सकता है। हालांकि, धार और बदनावर जैसे इलाकों में अधिक बारिश से स्थिति कुछ हद तक संतोषजनक बनी हुई है। किसानों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि शेष दिनों में अच्छी बारिश होगी, जिससे तालाब और नदियां लबालब भर सकेंगी और फसलों को भी संजीवनी मिलेगी। जानिए, ब्लॉकवार कहां कितनी बारिश
जिले में अब तक ब्लॉकवार वर्षा का आंकड़ा देखा जाए तो धार में 26 इंच, तिरला में 21 इंच, पीथमपुर में 20 इंच, नालछा में 19 इंच, बदनावर में सर्वाधिक 29 इंच, सरदारपुर में 23 इंच, कुक्षी में 18 इंच, बाग में 21 इंच, निसरपुर में मात्र 10 इंच, डही में 14 इंच, मनावर में 17 इंच, उमरबन में 22 इंच और गंधवानी में 25 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
इस वर्ष मानसून अब तक जिले के लिए पूरी तरह राहत नहीं ला पाया है। धार शहर में अब तक केवल 26 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत 33 इंच से करीब 7 इंच कम है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 26 अगस्त तक जिले में औसतन 509.9 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 577.7 मिमी बारिश हुई थी। इस तरह इस बार लगभग 70.8 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है। जिले में सबसे अधिक वर्षा बदनावर केंद्र पर 670.7 मिमी दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। यहां की बारिश से तालाबों में पानी की आवक हुई है, हालांकि जिले के अधिकांश डेम और तालाब अभी भी खाली हैं और उन्हें भरने के लिए और बारिश की आवश्यकता है। बांधों में पानी कम इसके अलावा बदनावर, तिरला, उमरबन, गंधवानी और धरमपुरी में पिछले साल से बेहतर बारिश हुई है, जबकि पीथमपुर, नालछा, सरदारपुर, कुक्षी, बाग, निसरपुर, डही और मनावर अब भी पिछड़ रहे हैं। कम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ी
औसत से कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिन इलाकों में बारिश कम हुई है, वहां फसलों पर असर पड़ने की आशंका है। यदि आने वाले दिनों में जोरदार वर्षा नहीं हुई, तो खरीफ फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है। जिले के कई तालाब और डेम अभी भी खाली पड़े हैं, जिससे पीने के पानी और सिंचाई दोनों पर संकट खड़ा हो सकता है। हालांकि, धार और बदनावर जैसे इलाकों में अधिक बारिश से स्थिति कुछ हद तक संतोषजनक बनी हुई है। किसानों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि शेष दिनों में अच्छी बारिश होगी, जिससे तालाब और नदियां लबालब भर सकेंगी और फसलों को भी संजीवनी मिलेगी। जानिए, ब्लॉकवार कहां कितनी बारिश
जिले में अब तक ब्लॉकवार वर्षा का आंकड़ा देखा जाए तो धार में 26 इंच, तिरला में 21 इंच, पीथमपुर में 20 इंच, नालछा में 19 इंच, बदनावर में सर्वाधिक 29 इंच, सरदारपुर में 23 इंच, कुक्षी में 18 इंच, बाग में 21 इंच, निसरपुर में मात्र 10 इंच, डही में 14 इंच, मनावर में 17 इंच, उमरबन में 22 इंच और गंधवानी में 25 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है।