छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में हड़ताल खत्म:एडीएम के हस्तक्षेप से बना सामंजस्य, डॉक्टरों का आरोप- संसाधन थे, लेकिन प्रबंधन ने नहीं दिए
लंबे समय से अस्पताल में रोजमर्रा की आवश्यक सामग्री की मांग कर रहे मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने आखिरकार छिंदवाड़ा एडीएम धीरेंद्र सिंह की पहल पर हड़ताल समाप्त कर दी। सोमवार देर शाम एडीएम की मौजूदगी में हुई बैठक में आपसी सहमति से समाधान निकाला गया। एसोसिएशन ने एक वीडियो जारी कर बताया कि डॉक्टरों की मांग काफी समय से लंबित थी। अस्पताल में आवश्यक सामग्री पहले से मौजूद थी, लेकिन कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही के चलते उसे जारी नहीं किया जा रहा था। जैसे ही एसोसिएशन ने हड़ताल का रास्ता अपनाया और प्रशासन ने दखल दिया, मंगलवार सुबह ही सारी सामग्री जिला अस्पताल में पहुंचा दी गई। डॉक्टरों का आरोप है कि डीन अभय सिन्हा की कार्यप्रणाली के कारण बार-बार विरोध की स्थिति बन रही है। उनका कहना है कि छोटे-छोटे मामलों में डॉक्टरों को नोटिस थमाए जा रहे थे और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग नहीं करने दिया जा रहा था। बैठक में तय हुआ कि अस्पताल प्रबंधन आगे से सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा और चिकित्सकों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जाएगा। वहीं, डॉक्टरों ने भी आश्वासन दिया कि वे समय पर ओपीडी में मौजूद रहकर मरीजों को सेवा देंगे।
लंबे समय से अस्पताल में रोजमर्रा की आवश्यक सामग्री की मांग कर रहे मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने आखिरकार छिंदवाड़ा एडीएम धीरेंद्र सिंह की पहल पर हड़ताल समाप्त कर दी। सोमवार देर शाम एडीएम की मौजूदगी में हुई बैठक में आपसी सहमति से समाधान निकाला गया। एसोसिएशन ने एक वीडियो जारी कर बताया कि डॉक्टरों की मांग काफी समय से लंबित थी। अस्पताल में आवश्यक सामग्री पहले से मौजूद थी, लेकिन कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही के चलते उसे जारी नहीं किया जा रहा था। जैसे ही एसोसिएशन ने हड़ताल का रास्ता अपनाया और प्रशासन ने दखल दिया, मंगलवार सुबह ही सारी सामग्री जिला अस्पताल में पहुंचा दी गई। डॉक्टरों का आरोप है कि डीन अभय सिन्हा की कार्यप्रणाली के कारण बार-बार विरोध की स्थिति बन रही है। उनका कहना है कि छोटे-छोटे मामलों में डॉक्टरों को नोटिस थमाए जा रहे थे और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग नहीं करने दिया जा रहा था। बैठक में तय हुआ कि अस्पताल प्रबंधन आगे से सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा और चिकित्सकों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जाएगा। वहीं, डॉक्टरों ने भी आश्वासन दिया कि वे समय पर ओपीडी में मौजूद रहकर मरीजों को सेवा देंगे।